देहरादून मॉल में दिनदहाड़े शूटआउट: जमशेदपुर के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की एस्केलेटर पर हत्या, गैंगवार की आशंका

देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में जमशेदपुर के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या। एस्केलेटर पर तीन हमलावरों ने बरसाईं गोलियां, पुलिस गैंगवार की आशंका में झारखंड पुलिस से संपर्क में।

देहरादून मॉल में दिनदहाड़े शूटआउट: जमशेदपुर के गैंगस्टर विक्रम शर्मा की एस्केलेटर पर हत्या, गैंगवार की आशंका
गैंगस्टर विक्रम शर्मा (फाइल फोटो)।
  • देहरादून में गोलियों की गूंज, मॉल बना क्राइम सीन

जमशेदपुर (Threesocieties.com Desk)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून शुक्रवार सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल में जिम से निकलते ही जमशेदपुर के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

यह भी पढ़ें: धनबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: Prince Khan गैंग का करीबी किशन खान रांची से गिरफ्तार, रंगदारी नेटवर्क का खुलासा

जिम से निकला और बरस गई गोलियां

वारदात एस्केलेटर पर हुई, जहां हमलावरों ने उसे संभलने का कोई मौका नहीं दिया। पुलिस प्रारंभिक जांच में इसे गैंगवार से जोड़कर देख रही है और झारखंड पुलिस से संपर्क में है। घटना सुबह करीब 10:00 से 10:15 बजे के बीच की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, हमलावर पहले से मॉल में मौजूद थे और पूरी रेकी के बाद साजिश को अंजाम दिया गया। जैसे ही विक्रम शर्मा जिम से बाहर निकला और नीचे जाने के लिए एस्केलेटर पर कदम रखा, दो शूटरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कम से कम तीन गोलियां उसे लगीं और वह मौके पर ही ढेर हो गया। वारदात के बाद दोनों शूटर मॉल से बाहर भागे, जहां उनका तीसरा साथी बाइक लेकर इंतजार कर रहा था। तीनों फरार हो गए।

लाइसेंसी पिस्टल भी नहीं बचा सकी जान

देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि विक्रम शर्मा यहां किराये के फ्लैट में रह रहा था। उसके पास लाइसेंसी पिस्टल भी थी, लेकिन हमला इतना अचानक हुआ कि उसे हथियार निकालने का मौका तक नहीं मिला। फॉरेंसिक टीम ने मौके से कारतूस और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

झारखंड पुलिस से समन्वय, एसटीएफ की एंट्री

मामले की गंभीरता को देखते हुए देहरादून पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम बनाई गई है। झारखंड पुलिस से आपराधिक पृष्ठभूमि और संभावित दुश्मनों की जानकारी साझा की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह पुरानी रंजिश का नतीजा हो सकता है। हालांकि परिवार ने किसी हालिया धमकी से इनकार किया है।

कौन था विक्रम शर्मा? पूरी आपराधिक कुंडली

जमशेदपुर में 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज

2017 में देहरादून से गिरफ्तार

2021 में रांची के होटवार जेल से जमानत पर रिहा

कई चर्चित हत्याकांडों में नाम आया

अखिलेश सिंह से गहरा संबंध

झारखंड के दुमका जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर अखिलेश सिंह का विक्रम शर्मा आपराधिक गुरु माना जाता था। दोनों के नाम 2008 में जमशेदपुर में कई फायरिंग की घटनाओं में सामने आए थे। बताया जाता है कि जेल के भीतर भी दोनों का प्रभाव बना रहा। विक्रम शर्मा पर टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी जयराम सिंह की हत्या, कारोबारी आशीष डे हत्याकांड समेत कई मामलों में नाम आया था।

ट्रांसपोर्टर हत्याकांड में भी रहा नामजद

सोनारी थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या के मामले में भी विक्रम शर्मा और उसके भाई का नाम सामने आया था। हालांकि इस केस में कोर्ट ने उसे बरी कर दिया था।

10 साल फरारी, फिर गिरफ्तारी

करीब 10 वर्षों तक फरार रहने के बाद 15 अप्रैल 2017 को जमशेदपुर पुलिस ने उसे देहरादून के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया था। 2017 से 2021 तक जेल में रहने के बाद उसे झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिली थी।

क्या गैंगवार की नई शुरुआत?

देहरादून में हुई इस हत्या ने झारखंड और उत्तराखंड पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या यह झारखंड के गैंगवार का विस्तार है? पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है—पुरानी रंजिश, कारोबारी विवाद और आपराधिक नेटवर्क की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

गैंगस्टर विक्रम शर्मा के खिलाफ जमशेदपुर में 20 से अधिक आपराधिक मामले थे दर्ज

कई आपराधिक मामलों का आरोपित विक्रम शर्मा के विरुद्ध जमशेदपुर में 20 से अधिक मामले दर्ज थे। अधिकांश मामले में वह बरी हो चुका था। वर्तमान में सफेदपोश की भूमिका में था। 2017 में उसे जमशेदपुर पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार किया था। उस समय जमशेदपुर के एसएसपी अनूप टी मैथ्यू थे। मूलरूप से उत्तराखंड के देहरादून इलाके का निवासी विक्रम शर्मा दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह काआपराधिक गुरु रहा है।10 साल की लंबी फरारी के बाद उसकी गिरफ्तारी जमशेदपुर पुलिस ने 15 अप्रैल 2017 को उत्तराखंड के देहरादून के एक फ्लैट से की थी।

विक्रम शर्मा पर दर्ज चर्चित आपराधिक मामले
टाटा स्टील के सुरक्षा पदाधिकारी जयराम सिंह की हत्या बागे जमशेद के पास गोली मारकर अक्टूबर 2008 में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में विक्रम शर्मा का नाम पुलिस के अनुसंधान में आया था।  विक्रम शर्मा के विरुद्ध जयराम सिंह की हत्या, श्रीलेदर्स के मालिक आशीष डे की हत्या, साकची के काशीडीह निवासी रवि चौरासिया पर फायरिंग, बर्मामाइंस में परमजीत सिंह के भाई सत्येंद्र सिंह के ससुराल में फायरिंग, परमजीत सिंह हत्याकांड समेत करीब 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज है। वह झारखंड के एक राजनीतिक दल से भी जुड़ा था। 

2021 में रांची के होटवार जेल से रिहा हुआ था विक्रम शर्मा
कई आपराधिक मामलों का आरोपित विक्रम शर्मा जमानत मिलने के बाद रांची के होटवार जेल से 30 जनवरी 2021 रिहा हुआ था। 2017 से 2021 तक जेल में रहने के बाद झारखंड हाईकोर्ट से उसे इस शर्त पर जमानत प्रदान की कि वह उसके खिलाफ जमशेदपुर के न्यायालय में चल रहे मामले में शारीरिक रूप से उपस्थित होगा।  इसके बाद वह जमशेदपुर अदालत में उपस्थित होता रहा। जेल से रिहाई के बाद वह इंटरनेट मीडिया में हमेशा सक्रिय रहता था।

ट्रांसपोर्टर की हत्या में नामजद था विक्रम
सोनारी थाना क्षेत्र आशियाना निवासी ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या के मामले में विक्रम शर्मा, उसका भाई अरविंद शर्मा, अखिलेश सिंह, पिंकी शर्मा, हरीश अरोड़ा, मंटू समेत अन्य पर लगा था।  इस मामले में कोर्ट ने हरीश अरोड़ा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी जबकि अखिलेश सिंह, विक्रम शर्मा और मंटू को बरी कर दिया गया था। इस मामले में आरोपित अरविंद शर्मा के विरुद्ध कोर्ट में केस लंबित है। अरविंद कुमार शर्मा को हाईकोर्ट से जमानत मिली है।

अखिलेश सिंह को आगे कर अपना हित साधता था विक्रम 
गैंगस्टर अखिलेश सिंह को आगे कर अपना हित साधने वाले विक्रम शर्मा को जानने वाले बताते है कि वह सत्संगी है। हमेशा अखिलेश सिंह को भी वह अपने साथ सत्संग में ले जाता था। साकची जेल में जब अखिलेश सिंह और विक्रम शर्मा बंद थे। तब सत्संग का आयोजन भी किया गया था।  अखिलेश सिंह और विक्रम शर्मा के इशारे पर जमशेदपुर में 2008 में नामी-गिरामी लोगों के आवास और कार्यालय पर जिले के तत्कालीन एसपी नवीन कुमार सिंह के कार्यकाल में फायरिंग कराई गई थी, ताकि पुलिस के खिलाफ लोगों का आक्रोश उभरे और एसपी का तबादला हो जाए।

कार्तिक मुंडा के निशाने पर था विक्रम, कार्तिक की हो गई संदिग्ध मौत
कई आपराधिक मामलों का आरोपित रहा कार्तिक मुंडा के निशाने पर विक्रम शर्मा था जिसकी भनक विक्रम शर्मा को मिलने पर वह सचेत हो गया था। हालांकि उसे निशाने पर लेने वाले कार्तिक की सोनारी में पुलिस की छापेमारी के दौरान संदिग्ध परिस्थिति में फ्लैट से गिरने से मौत हो गई थी। 

घटना 12 जुलाई 2024 की है। कभी कार्तिक मुंडा गैंगस्टर अखिलेश सिंह का शूटर हुआ करता था। कार्तिक जिले का वांटेड अपराधी था।