झारखंड: SSC MTS परीक्षा में 8 लाख की ‘डील’! धनबाद के मिनर्वा डिजिटल सेंटर से ब्लूटूथ-ईयरपीस के साथ तीन गिरफ्तार
धनबाद में SSC MTS ऑनलाइन परीक्षा के दौरान मिनर्वा डिजिटल परीक्षा केंद्र से हाईटेक नकल रैकेट का खुलासा। ब्लूटूथ और स्पाई ईयरपीस के जरिए 8 लाख रुपये में पास कराने की डील, केंद्र कर्मचारी समेत तीन गिरफ्तार।
धनबाद( Threesocieties.com Desk)। झारखंड के धनबाद जिले में आयोजित SSC MTS ऑनलाइन परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल का बड़ा खुलासा हुआ है। गोविंदपुर थाना क्षेत्र स्थित Minerva Digital Examination Center में चल रही परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस और स्पाई ईयरपीस के जरिए कदाचार कराने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने परीक्षा केंद्र के एक कर्मचारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
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आठ लाख रुपये में पास कराने का सौदा
धनबाद के सिटी एसपी ऋतिक श्रीवास्तव ने बताया कि 12 फरवरी को तीसरी पाली की परीक्षा के दौरान केंद्र समन्वयक अंबिका प्रसाद ने कुछ अभ्यर्थियों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दो परीक्षार्थियों को हिरासत में लिया।तलाशी के दौरान दोनों के पास से ब्लूटूथ डिवाइस और स्पाई ईयरपीस बरामद किए गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि परीक्षा पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी आठ लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसमें से 2.5 लाख रुपये अग्रिम के तौर पर लिए गए थे।
बिहार से जुड़े तार
गिरफ्तार परीक्षार्थियों की पहचान रौनक कुमार (रामचन्द्रपुर, थाना पिपरिया, जिला लखीसराय, बिहार) और बिटु कुमार (कोचगांव, थाना वारसलीगंज, लखीसराय, बिहार) के रूप में हुई है।दोनों ने स्वीकार किया कि परीक्षा केंद्र के रजिस्ट्रेशन मैनेजर शशि कुमार (दायमचक, थाना नालंदा, बिहार) ने उन्हें तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए थे। पुलिस ने शशि कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है।
मोबाइल से मिले अहम सबूत
शशि कुमार के मोबाइल फोन की जांच में व्हाट्सएप चैट, प्रवेश पत्र की प्रतियां और पैसों के लेन-देन से जुड़े अहम साक्ष्य मिले हैं। पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार बिहार के अन्य संदिग्धों से भी जुड़े हो सकते हैं। सिटी एसपी के अनुसार, शेष आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
परीक्षा की साख पर सवाल
ऑनलाइन परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे हाईटेक नकल के मामलों ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ब्लूटूथ और स्पाई ईयरपीस जैसे अत्याधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल से यह स्पष्ट है कि संगठित गिरोह सुनियोजित तरीके से अभ्यर्थियों को जाल में फंसा रहे हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस रैकेट का नेटवर्क अन्य परीक्षा केंद्रों तक फैला हुआ है।






