लोकसभा में गूंजी इटखोरी की गाथा: सांसद कालीचरण सिंह ने ‘राष्ट्रीय महोत्सव’ का दर्जा देने की उठाई मांग

चतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद कालीचरण सिंह ने 12 फरवरी 2026 को लोकसभा में नियम 377 के तहत इटखोरी की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता का मुद्दा उठाया। इटखोरी महोत्सव को राष्ट्रीय महोत्सव घोषित करने की मांग की।

लोकसभा में गूंजी इटखोरी की गाथा: सांसद कालीचरण सिंह ने ‘राष्ट्रीय महोत्सव’ का दर्जा देने की उठाई मांग
लोकसभा में सांसद कालीचरण सिंह।
  • लोकसभा में उठा इटखोरी का मुद्दा

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk)। चतरा लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद कालीचरण सिंह ने 12 फरवरी 2026 को लोकसभा में नियम 377 के अंतर्गत अपने संसदीय क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर इटखोरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार का ध्यान इटखोरी की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता की ओर आकर्षित कराया।

यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल: कोयला घोटाले पर ईडी का बड़ा एक्शन: अनूप माजी उर्फ लाला की 100 करोड़ से ज्यादा संपत्ति जब्त

सांसद श्री सिंह ने कहा कि इटखोरी केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक समन्वय का अद्भुत केंद्र है, जिसे राष्ट्रीय पहचान मिलनी चाहिए।

आस्था और समन्वय की पावन भूमि

इटखोरी स्थित मां भद्रकाली मंदिर हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए समान रूप से श्रद्धा का केंद्र है। यहां प्राचीन मूर्तियां, शिलालेख और पुरातात्विक अवशेष मौजूद हैं, जो इसकी ऐतिहासिक समृद्धि को प्रमाणित करते हैं। इतिहासकारों के अनुसार यह स्थल सदियों से धार्मिक सहअस्तित्व और सांस्कृतिक समन्वय का प्रतीक रहा है। सांसद ने कहा कि इस अद्भुत विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उचित पहचान दिलाने की आवश्यकता है।

2015 से हो रहा है इटखोरी महोत्सव

सांसद श्री सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 से आयोजित हो रहा इटखोरी महोत्सव क्षेत्र की पहचान को नई ऊंचाई दे रहा है। इस महोत्सव में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। इससे स्थानीय कलाकारों, हस्तशिल्प, लोकसंस्कृति और पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिला है।उन्होंने कहा कि यदि इस महोत्सव को “राष्ट्रीय महोत्सव” घोषित किया जाता है तो क्षेत्र का सुनियोजित विकास संभव होगा। इससे पर्यटन अवसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।

केंद्र सरकार से राष्ट्रीय दर्जा देने की मांग

कालीचरण सिंह ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इटखोरी महोत्सव को राष्ट्रीय महोत्सव घोषित करने पर सकारात्मक विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे झारखंड के चतरा क्षेत्र को देश के प्रमुख धार्मिक-पर्यटन मानचित्र पर स्थान मिलेगा। सांसद ने दोहराया कि उनका निरंतर प्रयास है कि चतरा लोकसभा क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिले और क्षेत्र विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचे।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बल

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इटखोरी को राष्ट्रीय महोत्सव का दर्जा मिलता है, तो इससे सड़क, होटल, परिवहन और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे न केवल चतरा बल्कि पूरे झारखंड के पर्यटन को नई पहचान मिल सकती है। इटखोरी की ऐतिहासिक विरासत और आध्यात्मिक महत्व को देखते हुए यह मांग अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। आने वाले समय में केंद्र सरकार इस दिशा में क्या निर्णय लेती है, इस पर क्षेत्र की जनता की निगाहें टिकी हैं।

???? चतरा और झारखंड से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए जुड़े रहें Threesocieties.com के साथ।