Dhanbad Murder Case: 80 लाख के लोन विवाद में रिकवरी एजेंट की बेरहमी से हत्या, आरोपी गिरफ्तार

Dhanbad Murder Case: 80 लाख के लोन विवाद में रिकवरी एजेंट अमित मित्तल की अपहरण के बाद हत्या, आरोपी विकास खंडेलवाल गिरफ्तार, किचन से शव बरामद, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा।

Dhanbad Murder Case: 80 लाख के लोन विवाद में रिकवरी एजेंट की बेरहमी से हत्या, आरोपी गिरफ्तार
अमित मित्तल की हत्या का खुलासा।
  •  किचन से बरामद हुआ शव
  • अपहरण के बाद मांगी गई 15 लाख की फिरौती
  • तकनीकी जांच ने खोला राज
  • SSP के निर्देश पर SIT ने किया सनसनीखेज खुलासा

धनबाद ( Threesocieties.com Desk)। धनबाद में लोन सेटलमेंट के एक पुराने विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया। शहर के बाबूडीह खटाल निवासी रिकवरी एजेंट अमित कुमार मित्तल उर्फ अग्रवाल की अपहरण के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए SSP प्रभात कुमार के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी विकास खंडेलवाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर उसके घर के किचन से मृतक का शव बरामद किया गया।

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 फिरौती की मांग से शुरू हुआ मामला

घटना का खुलासा तब हुआ जब अमित कुमार मित्तल अचानक लापता हो गए। उनकी पत्नी संगीता देवी ने धनबाद सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई कि उनके पति का अपहरण कर लिया गया है और अपहरणकर्ताओं द्वारा 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही है। मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। संवेदनशीलता को देखते हुए धनबाद एसएसपी ने तत्काल DSP के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया और तेजी से जांच शुरू की गई।

 मोबाइल लोकेशन और तकनीकी जांच ने खोला राज

पुलिस ने जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल्स, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस सूर्या हाईलाइन अपार्टमेंट स्थित एक डुप्लेक्स तक पहुंची, जहां आरोपी विकास खंडेलवाल रहता था। शुरुआती पूछताछ में विकास ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ाई से पूछताछ होते ही वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।

 किचन में छिपाया था शव, धारदार हथियार से की हत्या

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने धारदार हथियार से अमित मित्तल की हत्या की और पहचान छिपाने के इरादे से शव को अपने ही घर के किचन में छिपा दिया। पुलिस ने मौके से शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

80 लाख के लोन विवाद में रची गई थी साजिश

इस मामले में DSP नौशाद आलम ने प्रेस वार्ता कर बताया कि हत्याकांड के पीछे लोन सेटलमेंट का पुराना विवाद मुख्य कारण था। पिछले करीब चार वर्षों से विकास खंडेलवाल और रिकवरी एजेंट अमित मित्तल के बीच 70 से 80 लाख रुपये के लोन को लेकर विवाद चल रहा था।

आरोपी की संपत्ति को PNB बैंक द्वारा नीलाम किया गया था, जिसका जिम्मेदार वह अमित मित्तल को मान रहा था। इसी रंजिश में उसने पूरी योजना बनाकर अमित का अपहरण किया और फिर उसकी हत्या कर दी।

⚖️ पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी

पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। धनबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।