धनबाद मेयर चुनाव में बढ़ी सियासी गर्मी: फेसबुक पोस्ट से कृष्णा अग्रवाल का हमला,‘विकास बनाम षड्यंत्र’ की बहस
धनबाद नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर मारवाड़ी समाज के जिला अध्यक्ष कृष्णा अग्रवाल ने फेसबुक पोस्ट के जरिए बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। पोस्ट में मेयर प्रत्याशी को लेकर साजिश और वोट विभाजन के आरोप लगाए गए, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया है।
- धनबाद नगर निगम चुनाव–2026: फेसबुक पोस्ट से बढ़ा विवाद
- मेयर प्रत्याशी को लेकर सियासी आरोप–प्रत्यारोप
धनबाद (Threesocieties.com Desk)। नगर निगम चुनाव 2026 के करीब आते ही स्थानीय राजनीति में आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मारवाड़ी समाज धनबाद जिला अध्यक्ष कृष्णा अग्रवाल ने फेसबुक पोस्ट पार्ट-3 के माध्यम से कई राजनीतिक आरोप लगाते हुए चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। उन्होंने अपने पोस्ट में दावा किया कि धनबाद की राजनीति में “विकास से भयभीत होकर सत्ता बचाने की साजिश” रची जा रही है और पहले की तरह “एक ही पटकथा” दोहराई जा रही है।
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पोस्ट में उन्होंने कहा कि धनबाद विधानसभा क्षेत्र से लगातार निर्वाचित हो रहे विधायक राज सिन्हा के राजनीतिक प्रभाव के बावजूद पिछले नगर निगम चुनाव में निवर्तमान महापौर चंद्रशेखर अग्रवाल ने बिना किसी दलगत समर्थन के जनता के भरोसे चुनाव जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। उनके अनुसार, उस चुनाव में चंद्रशेखर अग्रवाल को 93 हजार से अधिक मत मिले थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी को लगभग आधे वोट प्राप्त हुए थे।
कृष्णा अग्रवाल ने आरोप लगाया कि उस समय भी राजनीतिक रणनीति के तहत वोटों का विभाजन करने की कोशिश की गई थी और अब आगामी चुनाव में भी उसी प्रकार की रणनीति दोहराई जा रही है। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि वर्तमान चुनाव में भी समुदाय के भीतर मतों का विभाजन कर चुनावी समीकरण प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
फेसबुक पोस्ट में उन्होंने चंद्रशेखर अग्रवाल के महापौर कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों—जैसे श्मशान घाट और कब्रिस्तान का विकास, तालाबों का जीर्णोद्धार, पार्कों और गोल्फ ग्राउंड का निर्माण, स्ट्रीट लाइट एवं ड्रेनेज सिस्टम, कचरा प्रबंधन व्यवस्था और महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा—का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कार्यों के कारण उनकी जनस्वीकृति लगातार बढ़ी है।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित राजनीतिक पक्षों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि मेयर चुनाव के करीब आते ही स्थानीय राजनीति में बयानबाजी और आरोप–प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं, जिसका सीधा असर चुनावी माहौल पर पड़ना तय है।
धनबाद नगर निगम क्षेत्र में अब चुनावी बहस “विकास बनाम राजनीतिक रणनीति” के मुद्दे पर केंद्रित होती दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में विभिन्न राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की प्रतिक्रियाओं के बाद चुनावी समीकरण और स्पष्ट होने की संभावना है।
कृष्णा अग्रवाल, (सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता)
नोट: अगला पार्ट 04 दिनाँक 10 फरवरी 2026 दिन मंगलवार को प्रेषित करूँगा।






