बिहार: जमानत के बाद जेल से निकले पप्पू यादव का सियासी विस्फोट, ‘खेमका कांड में मंत्री का नाम करूंगा उजागर’!
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को तीन मामलों में जमानत मिलने के बाद बेउर जेल से रिहाई मिली। बाहर आते ही उन्होंने हत्या की साजिश, खेमका कांड में गलत एनकाउंटर और मंत्री का नाम उजागर करने का दावा किया।
- साजिश और गलत एनकाउंटर का आरोप
पटना (Threesocieties.com Desk)। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद Pappu Yadav को शुक्रवार शाम बड़ी राहत मिली। एमपी-एमएलए की विशेष अदालत से तीन मामलों में जमानत मिलने के बाद वे बेउर जेल से रिहा हो गए। शाम करीब 6 बजे जेल से बाहर निकलते ही उन्होंने राजनीतिक हलकों में भूचाल ला देने वाला बयान दिया।
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सांसद ने आरोप लगाया कि उनकी हत्या की साजिश रची गई थी, जिसमें दिल्ली, बिहार और पूर्णिया के कुछ प्रभावशाली नेताओं की भूमिका है। उन्होंने यह भी दावा किया कि “खेमका हत्याकांड में गलत बच्चे का एनकाउंटर किया गया” और वे जल्द ही एक मंत्री का नाम सार्वजनिक करेंगे।
किन मामलों में मिली जमानत?
एमपी-एमएलए के विशेष न्यायाधीश Praveen Kumar Malviya की अदालत ने तीनों मामलों में जमानत दी। प्रत्येक मामले में ₹10,000 के निजी मुचलके और उतनी ही राशि के दो जमानतदारों की शर्त पर रिहाई का आदेश हुआ।
ये हैं तीन मामले
कोतवाली थाना कांड संख्या 279/2017 – सरकारी कार्य में बाधा
कोतवाली थाना कांड संख्या 1113/2019 – प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन
बुद्धा कॉलोनी थाना कांड संख्या 72/2026 – सरकारी कार्य में बाधा
इसके अलावा गर्दनीबाग थाना कांड संख्या 552/1995 के 31 साल पुराने मामले में भी गिरफ्तारी हुई थी, जिसमें पहले ही जमानत मिल चुकी थी।
“सच बोलना महंगा पड़ा” – पप्पू यादव
जेल से बाहर आते ही सांसद ने कहा,“सच बोलना इतना तकलीफदेह होगा, ये नहीं पता था। कोर्ट और थाने के चक्कर काटने पड़ेंगे, ये भी नहीं सोचा था।”उन्होंने पटना के एसएसपी, सिटी एसपी और एक इंस्पेक्टर पर फंसाने का आरोप लगाया। साथ ही “लॉरेंस मामले” का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें पहले भी अपमानित करने की कोशिश की गई थी।
खेमका और रूपेश हत्याकांड पर बड़ा दावा
सांसद ने कहा कि खेमका हत्याकांड में वे एक मंत्री का नाम उजागर करेंगे और उस केस में हुआ एनकाउंटर गलत था। साथ ही, उन्होंने Rupesh Kumar Singh हत्याकांड में भी जल्द रिट याचिका दायर करने की बात कही। उन्होंने कहा, “हम हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जायेंगे।”
NEET छात्रा की लड़ाई जारी
रिहाई के तुरंत बाद पप्पू यादव फुलवारीशरीफ पहुंचे, जहां कोचिंग की छत से गिरकर एक छात्रा की संदिग्ध मौत हुई थी। परिजन दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगा रहे हैं। सांसद ने परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया। “इस बच्ची की लड़ाई मैं रुकने नहीं दूंगा। मुझे मरवाने की भी कोशिश हुई।”
कई दिनों की कानूनी लड़ाई के बाद राहत
नौ फरवरी से पटना सिविल कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही थी। हर तारीख पर बहस हुई लेकिन राहत नहीं मिल रही थी। आखिरकार शुक्रवार को अदालत ने तीनों मामलों में बेल दे दी। अब उनकी रिहाई के बाद बिहार की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है। क्या पप्पू यादव वाकई किसी मंत्री का नाम उजागर करेंगे? आने वाले दिनों में सियासत और गर्म होने के संकेत मिल रहे हैं।






