बिहार: ग्रामीण SP को मिला बड़ा पावर: गया–मुजफ्फरपुर समेत 11 जिलों में तय हुआ अधिकार क्षेत्र

बिहार सरकार ने गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत 11 जिलों में ग्रामीण एसपी के अधिकार क्षेत्र तय कर दिए हैं। गृह विभाग की अधिसूचना के बाद ग्रामीण एसपी अब अपराध नियंत्रण, कांड समीक्षा और अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के निलंबन का अधिकार रखेंगे।

बिहार: ग्रामीण SP को मिला बड़ा पावर: गया–मुजफ्फरपुर समेत 11 जिलों में तय हुआ अधिकार क्षेत्र
11 जिलों के ग्रामीण एसपी के अधिकार निर्धारित।
  • थानेदारों को सस्पेंड करने का भी अधिकार
  • बिहार में ग्रामीण पुलिसिंग का नया ढांचा लागू

पटना (Threesocieties.com Desk)। बिहार में बेहतर और जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। गृह विभाग ने Bihar के 11 जिलों में तैनात ग्रामीण पुलिस अधीक्षकों (SP Rural) के क्षेत्राधिकार और अधिकारों को स्पष्ट करते हुए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

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इस फैसले के बाद गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर समेत 11 जिलों में ग्रामीण एसपी के अधीन आने वाले अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) और थानों की संख्या तय कर दी गई है। इससे अपराध नियंत्रण, मॉनिटरिंग और प्रशासनिक जवाबदेही में तेजी आने की उम्मीद है।

इन 11 जिलों में लागू हुआ नया आदे

अधिसूचना के तहत निम्न जिलों में ग्रामीण एसपी का स्पष्ट क्षेत्राधिकार तय किया गया है:

Gaya

Muzaffarpur

Bhagalpur

Rohtas

Munger

Begusarai

Purnia

Saharsa

Darbhanga

Saran

Bettiah

किस जिले में कितने थाने होंगे ग्रामीण एसपी के अधीन?
गया (ग्रामीण)

नीमचक बथानी, टिकारी, इमामगंज, शेरघाटी-1 और शेरघाटी-2 अनुमंडल के तहत आने वाले करीब 33 थाने ग्रामीण एसपी के अधीन होंगे।

 भागलपुर (ग्रामीण)

कहलगांव-1, कहलगांव-2 और विधि-व्यवस्था डीएसपी के अधीन 18 थाने।

 मुजफ्फरपुर (ग्रामीण)

पूर्वी-1, पूर्वी-2 और सरैया अनुमंडल सहित 24 थाने।

रोहतास (ग्रामीण)

सासाराम मुख्यालय कोचस, डिहरी-2 और विक्रमगंज सहित 28 थाने।

मुंगेर (ग्रामीण)

सदर, तारापुर और हवेली खड़गपुर अनुमंडल सहित 12 थाने।

 बेगूसराय (ग्रामीण)

मंझौल, बखरी और बलिया अनुमंडल के तहत 11 थाने।

पूर्णिया (ग्रामीण)

बायसी, बनमनखी और धमदाहा अनुमंडल सहित 18 थाने।

 सहरसा (ग्रामीण)

सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल सहित 9 थाने।

दरभंगा (ग्रामीण)

बेनीपुर, बिरौल और सदर-2 अनुमंडल सहित 19 थाने।

 सारण (ग्रामीण)

मढ़ौरा-1, मढ़ौरा-2 और सोनपुर अनुमंडल सहित 18 थाने।

 बेतिया (ग्रामीण)

सदर-2 और नरकटियागंज अनुमंडल सहित 21 थाने।

ग्रामीण एसपी को मिले ये बड़े अधिकार

गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार ग्रामीण एसपी को निम्न प्रमुख अधिकार दिए गए हैं:

 अपने क्षेत्र के सभी थानों का निरीक्षण
दर्ज कांडों की समीक्षा और अपराध नियंत्रण की निगरानी
अपराध पंजी, दैनिक प्रतिवेदन और पेट्रोलिंग चार्ट का पर्यवेक्षण
 दारोगा, हवलदार और सिपाही को निलंबित करने का अधिकार
 पुलिस लाइन के कर्मियों को निलंबन से पहले जिला एसपी से परामर्श
सप्ताह में कम से कम एक बार पुलिस परेड में भागीदारी
 महत्वपूर्ण मामलों की जानकारी जिला एसपी को देना

क्यों अहम है यह फैसला?

2022 में ग्रामीण एसपी के 11 पद सृजित किए गए थे, लेकिन क्षेत्राधिकार स्पष्ट नहीं होने के कारण कार्य विभाजन में असमंजस की स्थिति बनी रहती थी। अब नई अधिसूचना से ग्रामीण और शहरी पुलिसिंग के बीच स्पष्ट प्रशासनिक सीमा तय हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही मजबूत होगी।