- फिर से दाखिल करना चाहता है क्यूरेटिव पिटिशन
नई दिल्ली। निर्भया केस में फांसी की सजा पाये चारों आरोपियों में से एक मुकेश कुमार सिंह ने फांसी टालने के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण ली है।मुकेश की ओर से अपने पुराने वकील पर गंभीर आरोप लगाते हुए नये वकील एमएल शर्मा के जरिये फिर से सुधारात्मक याचिका (Curative petition) दाखिल करने की इजाजत मांगी है।मुकेश के भाई सुरेश ने यह याचिका वकील एमएल शर्मा के जरिये दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई कर सकता है। उल्लेखनीय है कि मुकेश की सुधारात्मक याचिका पहले ही सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है।
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सेंट्रल व दिल्ली गवर्नमेंट को प्रतिवादी बनाया
दोषी मुकेश कुमार सिंह के वकील एमएल शर्मा शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सेंट्रल व दिल्ली गवर्नमेंट के अलावा एमिक्स क्यूरी को भी मामले में प्रतिवादी बनाया है। याचिका में कहा गया है कि मुकेश को साजिश का शिकार बनाया गया है। छह दिसंबर 2019 से तीन मार्च 2020 तक के आदेश खारिज होने चाहिए। इस मामले में एमिकस क्यूरी ने तमाम कानूनी उपचार खत्म कर दिये, जिससे मामला फांसी की सजा के अंजाम तक पहुंच गया।
पूर्व वकील ने नहीं बताई सच्चाई
मुकेश की याचिका में पूर्व वकील वृंदा ग्रोवर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे बताया ही नहीं गया कि सुधारात्मक याचिका दाखिल करने के लिए तीन साल तक का वक्त होता है। ऐसे में उसे पुनः सुधारात्मक याचिका और अन्य कानून विकल्प इस्तेमाल करने का वक्त दिया जाए।
सीबीआइ पूरे मामले की जांच करे
वकील एमएल शर्मा के जरिये दायर याचिका में सेंट्रल व दिल्ली गवर्नमेंट द्वारा कथित आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए सीबीआआइ से जांच की मांग की गई है।
राष्ट्रपति के पास दया याचिका भी दायर करना चाहता है मुकेश
मुकेश सुधारात्मक याचिका के साथ राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका भी दायर करना चाहता है। मुकेश की मानें तो वृंदा ग्रोवर को निचली अदालत द्वारा उसका वकील नियुक्त किया गया था। वकील ने उससे जबरन वकालतनामा पर साइन कराकर सुधारात्मक याचिका दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
सुधारात्मक याचिका का अधिकार सुरक्षित
वकील एमएल शर्मा का कहना है लिमिटेशन एक्ट की धारा-137 में याचिका दायर करने की समय सीमा तय है।ऐसे में मुकेश की सुधारात्मक याचिका दायर करने के अधिकार, क्योंकि इसमें तीन साल का वक्त होता है। याचिका में दावा किया गया है कि मुकेश की पुनर्विचार याचिका तीन साल पहले खारिज हुई थी।तीन साल की समय सीमा के मुताबिक, वह जुलाई 2021 तक याचिका दाखिल कर सकता है।
चारों की ओर डेथ वांरट है जारी, 20 मार्च को होगी फांसी
उल्लेखनीय है कि दिल्ली गवर्नमेंट की अर्जी पर पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने चारों दोषियों (पवन कुमार गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26), मुकेश (32) और अक्षय कुमार सिंह (31) खिलाफ गुरुवार को नया डेथ वारंट जारी किया है। चारों की फांसी की तारीख 20 मार्च तय की है। डेथ वारंट के मुताबिक, 20 मार्च की सुबह 5:30 बजे तिहाड़ की जेल संख्या-3 में चारों दोषियों को फांसी दी जायेगी।
फ्लैश बैक
साउथ दिल्ली के वसंत विहार इलाके में गौरतलब है कि16 दिसंबर, 2012 को चलती बस में पैरामेडिकल की छात्रा निर्भया के साथ दरिंदगी की गई थी। बस में सवार छह दरिंदगों (राम सिंह, एक नाबालिग, विनय कुमार शर्मा, पवन कुमार गुप्ता, मुकेश कुमार सिंह और अक्षय सिंह ठाकुर) ने निर्भया के साथ गैंगरेप किया था। आरोपी राम सिंह ने जेल में सुसइड कर ली थी। मामले में नाबालिग को बेल मिल चुकी है।