धनबाद बनेगा ‘नॉलेज हब’, 10 मॉडर्न स्मार्ट लाइब्रेरी और डिजिटल लाइब्रेरी की सौगात
धनबाद में शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए उपायुक्त आदित्य रंजन ने 10 मॉडर्न स्मार्ट लाइब्रेरी और एक डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की घोषणा की। 24 घंटे बिजली, वाई-फाई और आधुनिक सुविधाओं से लैस ये लाइब्रेरियां छात्रों को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराएंगी।
Highlights
- सभी लाइब्रेरियों में 24 घंटे बिजली और वाई-फाई की सुविधा होगी
- एक डिजिटल लाइब्रेरी भी विकसित की जा रही है
- उपायुक्त आदित्य रंजन ने छात्रों से किताबों से जुड़ने की अपील की
- "पुस्तकालय से समाज तक : एक पहल" कार्यक्रम का हुआ उद्घाटन
- मास्टर सोबरन मांझी राज्य पुस्तकालय में उपलब्ध हैं 57 हजार से अधिक पुस्तकें
- छात्रों को पुस्तकालय से जोड़ने के लिए "चलो चलें पुस्तकालय" जागरूकता रथ रवाना
धनबाद (Threesocieties.com Desk): शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में धनबाद जल्द ही एक नई पहचान बनाने जा रहा है। जिले में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 10 मॉडर्न स्मार्ट लाइब्रेरी और एक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी। इन लाइब्रेरियों में 24 घंटे बिजली, हाई-स्पीड वाई-फाई, आधुनिक अध्ययन कक्ष और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जाएगा। इसकी घोषणा उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने शनिवार को सिम्फर ऑडिटोरियम में आयोजित "पुस्तकालय से समाज तक : एक पहल" कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में की।
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राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार तथा स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन मास्टर सोबरन मांझी राज्य पुस्तकालय, धनबाद द्वारा किया गया था। समारोह का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
छात्रों को किताबों से जुड़ने की सलाह
उपायुक्त आदित्य रंजन ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की नई पीढ़ी के सामने ध्यान भटकाने वाली कई चीजें मौजूद हैं, लेकिन लक्ष्य पर केंद्रित रहने और एकाग्रता विकसित करने के लिए किताबों से जुड़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें ज्ञान का अथाह भंडार हैं। अच्छी किताबें न केवल व्यक्तित्व का विकास करती हैं, बल्कि जीवन में सफलता का मार्ग भी दिखाती हैं। उन्होंने छात्रों से नियमित रूप से पुस्तकालय जाने और पढ़ने की आदत विकसित करने की अपील की।
असफलता से सीखें, संघर्ष कभी न छोड़ें
उपायुक्त ने विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि जीवन में असफलता आने पर निराश नहीं होना चाहिए। असफलता व्यक्ति को नई सीख देती है और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति संघर्ष करना छोड़ देता है, वह पीछे रह जाता है। इसलिए निरंतर प्रयास और आत्ममूल्यांकन सफलता की कुंजी है।
झारखंड की सबसे आधुनिक लाइब्रेरियों में होगी गिनती
आदित्य रंजन ने बताया कि धनबाद में बनने वाली स्मार्ट लाइब्रेरियां निजी क्षेत्र की लाइब्रेरियों को भी टक्कर देंगी। इनमें आधुनिक तकनीक, आरामदायक अध्ययन व्यवस्था, डिजिटल संसाधन और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि कुछ लाइब्रेरियां अगले दो से तीन महीनों में शुरू हो जाएंगी।
डिजिटल लाइब्रेरी भी होगी तैयार
उन्होंने बताया कि जिले में एक डिजिटल लाइब्रेरी भी विकसित की जा रही है। यहां छात्रों को इंटरनेट आधारित संसाधनों के साथ-साथ आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना है।
57 हजार से अधिक पुस्तकों का खजाना
जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा ने बताया कि मास्टर सोबरन मांझी राज्य पुस्तकालय में एक साथ 300 लोगों के बैठकर अध्ययन करने की क्षमता है। पुस्तकालय में 57 हजार से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं। इसके अलावा वाई-फाई, सीसीटीवी और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं। भविष्य में इसे और उन्नत बनाने की योजना है।
सोशल मीडिया से नहीं, किताबों से मिलेगा सही मार्गदर्शन
सिम्फर के निदेशक प्रो. ए.के. मिश्रा ने कहा कि पुस्तक इंसान का सबसे अच्छा मित्र है। किताबों से सही मार्गदर्शन और सत्य की जानकारी मिलती है। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया की भ्रामक सामग्री से बचकर पुस्तक संस्कृति को अपनाने की अपील की।
‘चलो चलें पुस्तकालय’ जागरूकता रथ रवाना
कार्यक्रम के समापन के बाद छात्र-छात्राओं को पुस्तकालयों से जोड़ने और पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उपायुक्त आदित्य रंजन और सिम्फर निदेशक प्रो. ए.के. मिश्रा ने "चलो चलें पुस्तकालय" जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यहां बनेंगी मॉडर्न स्मार्ट लाइब्रेरियां
आरएस मोर कॉलेज, गोविंदपुर – क्षमता 100
बीबीएम इंटर कॉलेज, बलियापुर – क्षमता 150
सिंदरी कॉलेज, सिंदरी – क्षमता 150
पांडरपाला, वासेपुर – क्षमता 150
डीएमसी बिल्डिंग, बाघमारा – क्षमता 150
टुंडी डिग्री कॉलेज, टुंडी – क्षमता 150
गांधी आश्रम, चिरकुंडा – क्षमता 150
विवाह मंडप, खेसमी गोमो (तोपचांची) – क्षमता 150
एसएचएमएस इंटर कॉलेज, चिरकुंडा – क्षमता 150
धनबाद में शुरू होने जा रही यह पहल न केवल छात्रों को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराएगी, बल्कि जिले को झारखंड के प्रमुख शैक्षणिक और ज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।






