धनबाद में सड़क सुरक्षा पर बड़ा अभियान: NH को एक्सिडेंट फ्री बनाने के लिए हाईवे टास्क फोर्स, 11 पेट्रोल पंपों को नोटिस
धनबाद प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग को एक्सिडेंट फ्री बनाने के लिए हाईवे टास्क फोर्स का गठन किया है। "नो हेलमेट नो पेट्रोल" नियम का उल्लंघन करने वाले 11 पेट्रोल पंपों को नोटिस जारी होगा। एनएच पर फर्स्ट एड कॉर्नर भी विकसित किए जाएंगे।
धनबाद(Threesocieties.com Desk): राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए धनबाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिले में एनएच को एक्सिडेंट फ्री बनाने के उद्देश्य से "हाईवे टास्क फोर्स" का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स हरिहरपुर से मैथन तक राष्ट्रीय राजमार्ग की चौबीसों घंटे निगरानी करेगी और शनिवार से ही अभियान शुरू कर देगी।
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यह महत्वपूर्ण निर्णय उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों पर गंभीर चर्चा हुई और दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कई ठोस फैसले लिए गए।
हरिहरपुर से मैथन तक रहेगी कड़ी निगरानी
गठित हाईवे टास्क फोर्स का नेतृत्व जिला परिवहन पदाधिकारी और ट्रैफिक डीएसपी करेंगे। उनके साथ पुलिस की विशेष टीम भी तैनात रहेगी, जो केवल राष्ट्रीय राजमार्ग की निगरानी करेगी। टीम के पास हाइड्रा और क्रेन भी उपलब्ध रहेंगे, जिनकी मदद से सड़क किनारे या बीच में खड़े वाहनों को हटाकर कार्रवाई की जाएगी। टास्क फोर्स की प्राथमिकता अवैध कटों को बंद कराना, खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराना, सड़क पर अतिक्रमण हटाना और हाईवे को पूरी तरह सुरक्षित बनाना होगा।
"नो हेलमेट, नो पेट्रोल" नियम तोड़ने वाले 11 पेट्रोल पंपों पर कार्रवाई
बैठक में उपायुक्त ने जिले के 11 पेट्रोल पंपों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। इन पेट्रोल पंपों पर "नो हेलमेट नो पेट्रोल" नियम का उल्लंघन करने का आरोप है। नोटिस में पूछा जाएगा कि नियमों की अनदेखी करने पर उनका लाइसेंस क्यों नहीं रद्द किया जाए। प्रशासन का मानना है कि हेलमेट पहनने की अनिवार्यता सड़क दुर्घटनाओं में मौत और गंभीर चोटों को कम करने का प्रभावी उपाय है।
एनएच किनारे बनेगा फर्स्ट एड कॉर्नर
सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पेट्रोल पंपों, बड़े प्रतिष्ठानों, होटलों और क्लीनिकों में फर्स्ट एड कॉर्नर विकसित किए जाएंगे। यहां मौजूद कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार, एंबुलेंस बुलाने और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि दुर्घटना के बाद "गोल्डन ऑवर" में पीड़ितों की जान बचाई जा सके।
ओवरस्पीड बनी सबसे बड़ी वजह
जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले दो महीनों की घातक दुर्घटनाओं के विश्लेषण में ओवरस्पीडिंग सबसे बड़ा कारण बनकर सामने आई है। दुर्घटनाओं के कारणों में शामिल हैं:
ओवरस्पीड – 87 मामले
रॉन्ग साइड ड्राइविंग – 9 मामले
नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना – 9 मामले
अंधेरे के कारण – 8 मामले
ओवरटेकिंग – 5 मामले
ड्रिंक एंड ड्राइव – 5 मामले
मोबाइल का उपयोग – 1 मामला
अन्य कारण – 14 मामले
रिपोर्ट के अनुसार मार्च महीने में 65 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 39 लोगों की मौत हो गई।
2025-26 में करोड़ों का राजस्व संग्रह
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान परिवहन विभाग ने 2.23 करोड़ रुपये तथा यातायात विभाग ने 5.58 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया है। इसके अलावा 19 स्कूलों के 157 वाहनों पर नियम उल्लंघन के कारण 9.51 लाख रुपये का चालान किया गया।
अतिक्रमण और लावारिस वाहनों पर भी होगी कार्रवाई
उपायुक्त ने एनएचएआई को ब्लैक स्पॉट सुरक्षित बनाने, रिफ्लेक्टिव बोर्ड लगाने और खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। वहीं बैंक मोड़ से झरिया तक सड़क किनारे खड़े लावारिस वाहनों की पहचान कर उनकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया।इसके अलावा सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क अवरुद्ध करने वाली वस्तुओं की तस्वीरों के साथ विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इन उपायों से राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं में कमी आएगी और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत होगी।






