झारखंड: बोकारो में SP का बड़ा एक्शन: बालीडीह थाना प्रभारी और सब इंस्पेक्टर लाइन हाजिर
बोकारो के बालीडीह थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन कुमार सिंह और सब इंस्पेक्टर भागू उरांव को रिश्वत मांगने के गंभीर आरोपों के बाद एसपी नाथू सिंह मीणा ने लाइन हाजिर कर दिया है। जमीन विवाद और भ्रष्टाचार से जुड़े इस मामले में पहले एक जमादार भी रिश्वत लेते गिरफ्तार हो चुका है।
बोकारो (Threesocieties.com Desk): झारखंड के बोकारो जिले में पुलिस विभाग के भीतर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। बालीडीह थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन कुमार सिंह और सब इंस्पेक्टर भागू उरांव को रिश्वत मांगने और पद के दुरुपयोग के आरोपों के बाद तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। बोकारो के पुलिस अधीक्षक (SP) नाथू सिंह मीणा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कार्रवाई की है।
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एसपी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, जब तक बालीडीह थाने में नए थाना प्रभारी की नियमित नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक थाने की जिम्मेदारी हेडक्वार्टर डीएसपी को सौंपी गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और थाने के नियमित कार्य प्रभावित नहीं होंगे।
जमीन विवाद से जुड़ा है पूरा मामला
सूत्रों के मुताबिक, पूरा मामला एक जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कुछ भू-माफियाओं और दबंगों ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं।पीड़ित न्याय की उम्मीद लेकर बालीडीह थाना पहुंचा, लेकिन वहां उसे कथित तौर पर कार्रवाई के बदले रिश्वत देने के लिए कहा गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि थाना प्रभारी ने मामले को दबाने और कार्रवाई करने के एवज में मोटी रकम की मांग की। जब उसने रिश्वत देने से इनकार कर दिया तो उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और थाने से भगा दिया गया।
पहले भी हुई थी गिरफ्तारी
इस मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब कुछ दिन पहले बालीडीह थाना के जमादार याकूब अंसारी को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। बताया जाता है कि यह गिरफ्तारी भी इसी जमीन विवाद से जुड़े मामले में हुई थी।जमादार की गिरफ्तारी के बाद शिकायतों की जांच शुरू हुई और धीरे-धीरे मामले की परतें खुलती चली गईं। जांच के दौरान थाना स्तर पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद एसपी ने सख्त रुख अपनाया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का संदेश
बोकारो पुलिस की इस कार्रवाई को विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शिकायतों की जांच अभी भी जारी है और यदि अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।एसपी नाथू सिंह मीणा की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत गया है कि आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और भ्रष्टाचार या पद के दुरुपयोग के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
आगे क्या?
फिलहाल दोनों अधिकारियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है और मामले की विभागीय जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ता को उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिलेगा और जमीन विवाद के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी।






