बिहार:बेऊर जेल से बाहर आते ही रौशन आनंद का बड़ा हमला, बोले- फैजल खान ने कराई मेरे भाई प्रिंस यादव की हत्या

पटना के चर्चित खान ग्लोबल स्टडीज विवाद मामले में जेल से रिहा हुए ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद ने खान सर उर्फ फैजल खान पर अपने भाई प्रिंस यादव की हत्या कराने का गंभीर आरोप लगाया है। नेपाल में हुई संदिग्ध मौत के बाद मामले ने नया राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले लिया है।

बिहार:बेऊर जेल से बाहर आते ही रौशन आनंद का बड़ा हमला, बोले- फैजल खान ने कराई मेरे भाई प्रिंस यादव की हत्या
जेल से बाहर निकलते ही रौशन आनंद ने खान सर को घेरा।

पटना (Threesocieties.com Desk): राजधानी पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। ज्ञान बिंदु कोचिंग एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद को पटना सिविल कोर्ट से जमानत मिलने के बाद सोमवार को बेऊर जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर निकलते ही रौशन आनंद ने खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक खान सर उर्फ फैजल खान और किसान कोल्ड स्टोर के मालिक पर अपने छोटे भाई प्रिंस यादव की हत्या कराने का गंभीर आरोप लगा दिया।

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बेऊर जेल के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ के बीच मीडिया से बातचीत करते हुए रौशन आनंद ने कहा कि उनके भाई की मौत कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जब तक वह बाहर थे, तब तक उनके भाई को कोई खतरा नहीं था, लेकिन उनके जेल जाने के बाद ही प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

"यह हत्या नहीं तो और क्या है?" : रौशन आनंद

रौशन आनंद ने कहा कि उनके भाई प्रिंस यादव को निशाना बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि यह पूरी घटना पहले से रची गई साजिश का परिणाम है। उन्होंने सीधे तौर पर फैजल खान और किसान कोल्ड स्टोर के मालिक का नाम लेते हुए कहा कि दोनों ने मिलकर उनके भाई की हत्या कराई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले को दबाने और सच्चाई छिपाने की कोशिश की जा रही है। जेल से बाहर आते ही उनका यह बयान बिहार की राजनीति और शिक्षा जगत में नई बहस छेड़ गया है।

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि 2 जून को पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान के बाहर हुए हंगामे और हमले के मामले में रौशन आनंद, उनके भाई प्रिंस यादव और कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने 3 जून को रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद से वह बेऊर जेल में बंद थे। इसी दौरान रविवार को नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

नेपाल के होटल में मिली थी लाश

नेपाल पुलिस के अनुसार, प्रिंस यादव एक होटल के कमरे में मृत पाए गए थे। शुरुआती जांच में उनके चेहरे पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई थी। होटल के कमरे से कुछ दवाइयां भी बरामद हुई थीं। बताया गया कि उनमें मिर्गी की दवा भी शामिल थी।घटना के बाद नेपाल पुलिस ने जांच शुरू करते हुए पांच लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

जमानत के बाद परिवार के साथ अंतिम संस्कार में शामिल होंगे रौशन

रौशन आनंद को भाई की मौत के एक दिन बाद ही कोर्ट से जमानत मिली। जानकारी के अनुसार वह सहरसा जाकर अपने भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। परिवार में इस घटना के बाद शोक और आक्रोश का माहौल है।

खान सर ने आरोपों को किया खारिज

दूसरी ओर खान सर उर्फ फैजल खान ने प्रिंस यादव की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए हत्या के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि प्रिंस पहले से बीमार था और उसकी तबीयत खराब रहती थी। किसी ने उसकी हत्या नहीं की है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।

उल्लेखनीय है कि खान सर की गिरफ्तारी पर अदालत ने 20 जून तक रोक लगा रखी है। ऐसे में पूरा मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

राजनीति भी हुई गर्म

प्रिंस यादव की मौत के बाद बिहार की राजनीति भी गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेज प्रताप यादव ने इसे हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं विपक्ष और सत्ता पक्ष के नेताओं की ओर से भी लगातार बयानबाजी हो रही है।

जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर

फिलहाल प्रिंस यादव की मौत रहस्य बनी हुई है। एक तरफ रौशन आनंद इसे सुनियोजित हत्या बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ खान सर और उनके समर्थक इसे बीमारी से जुड़ी घटना बता रहे हैं। ऐसे में नेपाल पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभाएगी।

नोट: रौशन आनंद द्वारा लगाए गए आरोप उनके व्यक्तिगत दावे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा अभी तक नहीं की गई है। मामले की जांच जारी है।

कोर्ट की टिप्पणी बनी चर्चा का विषय, खान सर को भी नसीहत ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद को पटना सिविल कोर्ट से सोमवार को जमानत मिल गई। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले से जुड़े दोनों पक्षों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी भी की। कोर्ट ने कहा कि दोनों शिक्षक हैं और उन्हें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए, न कि आपराधिक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए। रौशन आनंद के अधिवक्ता रमाकांत शर्मा ने जमानत मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अदालत ने भी माना कि शिक्षकों को गुरु की तरह आचरण करना चाहिए।

रौशन आनंद साजिशकर्ता नहीं 
उन्होंने कहा कि यदि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को मान भी लिया जाए, तब भी रौशन आनंद को इस मामले में साजिशकर्ता नहीं माना जा सकता। वकील ने सवाल उठाते हुए कहा कि बाद में खान सर के गार्ड ने फायरिंग की बात स्वीकार की, लेकिन शुरुआती स्तर पर यह जानकारी क्यों छिपाई गई। उन्होंने कहा कि कोर्ट में इस बिंदु पर विस्तार से बहस हुई। रमाकांत शर्मा ने कहा कि अदालत का स्पष्ट अवलोकन था कि दोनों पक्ष शिक्षा संस्थान चलाते हैं, इसलिए उन्हें आपसी प्रतिस्पर्धा को स्वस्थ दायरे में रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी भी यही राय है कि शिक्षकों को किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों से दूर रहना चाहिए।

पटना में 2 जून की रात हुआ था बवाल 
गौरतलब है कि 2 जून की रात मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान में जमकर बवाल हुआ था। इस मामले में रौशन आनंद, उनके भाई प्रिंस समेत कई लोगों को आरोपित बनाया गया था। घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज की और बाद में फैजल खान उर्फ खान सर के दो गार्डों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार गार्डों के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर एफआईआर में खान सर का नाम भी जोड़ा गया। हालांकि अदालत ने 20 जून तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। इसी बीच मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब रौशन आनंद के भाई प्रिंस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे मामले को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।