श्रावणी मेला 2026: लेजर-ड्रोन शो में दिखेगी शिव महिमा, देवघर-दुमका में बसेंगी भव्य टेंट सिटी
झारखंड सरकार 30 जुलाई से 28 अगस्त तक होने वाले श्रावणी मेला 2026 को भव्य और हाईटेक बनाने की तैयारी में जुटी है। देवघर और दुमका में टेंट सिटी, शिव महिमा पर लेजर-ड्रोन शो, एलईडी वीडियो वॉल, हेल्प डेस्क और पर्यटन ब्रांडिंग के जरिए कांवरियों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।
HighLights
- 30 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित होगा श्रावणी मेला
- शिव महिमा पर आधारित लेजर और ड्रोन शो होंगे मुख्य आकर्षण
- देवघर और दुमका में 4 टेंट सिटी, 4400 कांवरियों के ठहरने की व्यवस्था
- 19 अस्थायी टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर और 9 हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे
- देवघर और बासुकीनाथ में लगेंगे एलईडी वीडियो वॉल।
- शिवलोक ग्राउंड में जर्मन हैंगर के साथ 20 स्टॉल लगाए जाएंगे
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड सरकार इस वर्ष आयोजित होने वाले श्रावणी मेला को यादगार और तकनीक से लैस बनाने की तैयारी में जुट गई है। 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले इस महापर्व में बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों कांवरियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ झारखंड की कला, संस्कृति और पर्यटन स्थलों की भव्य ब्रांडिंग की जाएगी।
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इस बार श्रावणी मेला का सबसे बड़ा आकर्षण शिव महिमा पर आधारित लेजर शो और ड्रोन शो होगा। आधुनिक तकनीक के माध्यम से भगवान शिव की महिमा, बाबा बैद्यनाथ धाम का धार्मिक महत्व और झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को श्रद्धालुओं के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए पर्यटन, कला-संस्कृति एवं खेलकूद विभाग के अधीन कार्यरत झारखंड पर्यटन विकास निगम को एजेंसी चयन की जिम्मेदारी दी गई है और इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
देवघर और दुमका में बसेंगी टेंट सिटी
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने देवघर और दुमका में दो-दो स्थानों पर टेंट सिटी स्थापित करने का निर्णय लिया है। देवघर में कोठिया बस स्टैंड के दोनों ओर तथा दुमका में जरमुंडी प्रखंड कार्यालय और दर्शनिया टिकर में टेंट सिटी बनाई जाएगी।इन टेंट सिटी में एक साथ करीब 4,400 कांवरियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। देवघर में लगभग 2,000 और दुमका में 2,400 श्रद्धालु एक साथ ठहर सकेंगे। यहां आरामदायक आवास के साथ कथा वाचन, भजन संध्या और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
एलईडी वीडियो वॉल और क्लॉक रूम की सुविधा
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए देवघर और बासुकीनाथ में बड़े एलईडी वीडियो वॉल लगाए जाएंगे, जहां धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाएगा। इसके अलावा क्लॉक रूम और आध्यात्मिक भवन की भी व्यवस्था की जाएगी ताकि कांवरियों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
झारखंड पर्यटन की होगी विशेष ब्रांडिंग
सरकार श्रावणी मेला को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहती। इसके माध्यम से झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों, लोक कला, जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक धरोहरों को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। टेंट सिटी और अन्य प्रमुख स्थलों पर विभिन्न माध्यमों से बाबा बैद्यनाथ धाम की महिमा और राज्य के पर्यटन स्थलों की जानकारी दी जाएगी।
19 स्थानों पर बनेंगे टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर
कांवरियों और पर्यटकों की सहायता के लिए राज्यभर में 19 अस्थायी टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इनमें रांची रेलवे स्टेशन, देवघर रेलवे स्टेशन, जसीडीह रेलवे स्टेशन, बासुकीनाथ रेलवे स्टेशन, दुमका रेलवे स्टेशन, खादगढ़ा बस टर्मिनल, सुलतानगंज कांवरिया मार्ग, दुम्मा, सरासनी, खजुरिया, सिंघवा सहित कई प्रमुख स्थान शामिल हैं।इन केंद्रों पर प्रशिक्षित कर्मी श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन, आवास, दर्शन व्यवस्था और पर्यटन स्थलों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
9 प्रमुख स्थानों पर हेल्प डेस्क
यात्रियों की सुविधा के लिए रांची एयरपोर्ट, बाघमारा बस स्टैंड, देवघर टावर चौक, भुरभुरा मोड़, बांका प्रशासनिक कैंप, दुमका बस स्टैंड, सुलतानगंज रिवर फ्रंट, पटना जंक्शन और सुलतानगंज रेलवे स्टेशन पर अस्थायी हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। इन हेल्प डेस्क पर स्नातक एक्जीक्यूटिव तैनात रहेंगे, जो श्रद्धालुओं को यात्रा संबंधी जानकारी, आपातकालीन सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
शिवलोक ग्राउंड में बनेगा जर्मन हैंगर
देवघर के शिवलोक ग्राउंड में इस बार जर्मन हैंगर की भी व्यवस्था की जाएगी। यहां 20 स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां झारखंड की कला, हस्तशिल्प, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को भी अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
श्रद्धालुओं के लिए यादगार होगा श्रावणी मेला
राज्य सरकार की योजना है कि इस बार का श्रावणी मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, संस्कृति, पर्यटन और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम बने। ड्रोन शो, लेजर शो, टेंट सिटी, एलईडी वॉल और व्यापक सूचना व्यवस्था के जरिए लाखों कांवरियों को एक नया अनुभव देने की तैयारी की जा रही है।
बिहार में कांवरिया पथ पर चलेगी ‘दीदी की रसोई’
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर भागलपुर में शनिवार को आयोजित बैठक में डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार सुलतानगंज कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ‘दीदी की रसोई’ संचालित की जाएगी। वहीं, नमामि गंगे घाट और कृष्णगढ़ चौक को विशेष लाइटिंग से सजाया जायेगा। मेला के प्रचार-प्रसार के लिए स्थानीय भाषा में जिंगल तैयार किए जाएंगे तथा श्रावणी मेला ऐप भी विकसित किया जायेगा।
डीएम ने निर्देश दिया कि जर्मन हैंगर लगाए जाने वाले स्थल को ऊंचा किया जाए, ताकि बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या न हो। अजगैवीनाथ धाम से देवघर तक की यह लगभग 105 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि बिहार-झारखंड की साझा सांस्कृतिक पहचान भी है। इस श्रावणी मेले का इतिहास बहुत ही पुराना है और इसकी ख्याति साल दर साल बढ़ती चली जा रही है। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु प्रत्येक दिन गंगाजल भरने सलतानगंज अजगैवीनाथ धाम पहुंचते हैं और गंगाजल का संकल्प लेकर यहां से अपनी यात्रा आरंभ करते हैं।






