बिहार में फिर लौटेगा जोनल सिस्टम! 12 पुलिस रेंज को बांटने की तैयारी, पुलिसिंग में होगा बड़ा बदलाव

बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार 7 साल बाद फिर जोनल पुलिस व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। वर्तमान 12 पुलिस रेंज को जोन में बांटा जाएगा, जिससे पुलिसिंग, निगरानी और प्रशासनिक समन्वय को नई मजबूती मिलेगी।

बिहार में फिर लौटेगा जोनल सिस्टम! 12 पुलिस रेंज को बांटने की तैयारी, पुलिसिंग में होगा बड़ा बदलाव
बिहार पुलिस में फिर लागू होगी जोनल व्यवस्था।

     HighLights

  • वर्तमान 12 पुलिस रेंज को जोन में बांटने की तैयारी
  • पुलिस मुख्यालय का प्रस्ताव मंजूरी के अंतिम चरण में
  • 2019 में समाप्त की गई थी जोनल व्यवस्था
  • पहले की तरह चार जोन बनाए जाने की संभावना
  • 1982 से 2019 तक 37 वर्षों तक लागू रही थी यह व्यवस्था

पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाने जा रही है। करीब सात साल पहले समाप्त की गई जोनल पुलिस व्यवस्था को नए स्वरूप में फिर से लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। पुलिस मुख्यालय की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आ रही है, जिसके बाद राज्य की मौजूदा 12 पुलिस रेंजों का पुनर्गठन कर उन्हें जोन में विभाजित किया जाएगा।

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सरकार का मानना है कि इस बदलाव से पुलिस प्रशासन की निगरानी, जवाबदेही और समन्वय में सुधार होगा तथा अपराध नियंत्रण की दिशा में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकेंगे।

12 पुलिस रेंज को फिर जोन में बांटने की तैयारी

वर्तमान में बिहार में 12 पुलिस रेंज कार्यरत हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन रेंजों को विभिन्न जोनों में बांटा जाएगा। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक स्तर पर पहले की तरह चार जोन बनाए जाने पर विचार हो रहा है, हालांकि वर्तमान प्रशासनिक जरूरतों और जिलों की संख्या को देखते हुए अंतिम स्वरूप में बदलाव भी संभव है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जोनल ढांचा लागू होने से उच्च स्तर पर निगरानी मजबूत होगी और फील्ड स्तर पर फैसले लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी।

2019 में खत्म कर दी गई थी जोनल व्यवस्था

बिहार पुलिस में जुलाई 2019 में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया था। उस समय राज्य सरकार ने जोनल व्यवस्था को समाप्त कर केवल रेंज प्रणाली लागू कर दी थी। इसी दौरान बेगूसराय को नया रेंज बनाकर कुल रेंजों की संख्या 11 से बढ़ाकर 12 कर दी गई थी।लेकिन बीते कुछ वर्षों में अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक समन्वय को लेकर सामने आई चुनौतियों के बाद पुराने ढांचे को नए रूप में वापस लाने की कवायद शुरू हुई।

कौन-कौन से जिले हैं विभिन्न रेंजों में?

वर्तमान व्यवस्था के तहत पटना रेंज में पटना और नालंदा जिले शामिल हैं, जबकि मगध रेंज गया, नवादा, औरंगाबाद, जहानाबाद और अरवल जिलों को कवर करती है। भागलपुर रेंज में भागलपुर, बांका और नवगछिया पुलिस जिला शामिल हैं। तिरहुत रेंज के अंतर्गत मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर और वैशाली जिले आते हैं। कोसी रेंज में सहरसा, सुपौल और मधेपुरा शामिल हैं, जबकि पूर्णिया रेंज के अंतर्गत पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जिले आते हैं। इसके अलावा मुंगेर रेंज में मुंगेर, जमुई, लखीसराय और शेखपुरा तथा बेगूसराय रेंज में बेगूसराय और खगड़िया जिले शामिल हैं।

37 वर्षों तक लागू रही थी जोनल व्यवस्था

बिहार पुलिस में जोनल सिस्टम की शुरुआत वर्ष 1982 में की गई थी। उस समय पूरे राज्य को चार प्रमुख जोनों—पटना, भागलपुर, कोसी और तिरहुत—में विभाजित किया गया था। इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक जोन की कमान आईजी रैंक के अधिकारी के हाथों में होती थी, जबकि उनके अधीन विभिन्न रेंजों का संचालन डीआईजी स्तर के अधिकारी करते थे। यह व्यवस्था करीब 37 वर्षों तक प्रभावी रूप से लागू रही और वर्ष 2019 में इसे समाप्त कर दिया गया था।

क्यों जरूरी मानी जा रही है जोनल व्यवस्था की वापसी?

पुलिस विशेषज्ञों का मानना है कि जोनल ढांचा लागू होने से—

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी क्षमता बढ़ेगी।
जिलों और रेंजों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
बड़े अपराधों और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की मॉनिटरिंग मजबूत होगी।
प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी।
अपराध नियंत्रण की रणनीतियों को अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा।

राज्य सरकार का उद्देश्य पुलिसिंग को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप मजबूत बनाना और कानून-व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है। ऐसे में जोनल व्यवस्था की वापसी बिहार पुलिस प्रशासन में एक बड़े संरचनात्मक बदलाव के रूप में देखी जा रही है।अब सभी की नजर सरकार के अंतिम आदेश पर टिकी है, जिसके बाद बिहार की पुलिसिंग व्यवस्था में सात साल बाद एक नया अध्याय शुरू हो सकता है।