झारखंड: 1910 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, CM हेमंत सोरेन बोले– ‘कहने पर नहीं, काम करने पर है मेरा विश्वास’

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के मोरहाबादी में JSSC CGL परीक्षा में सफल 1910 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। बोले– उनकी सरकार कहने में नहीं, काम करने में विश्वास रखती है।

झारखंड: 1910 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, CM हेमंत सोरेन बोले– ‘कहने पर नहीं, काम करने पर है मेरा विश्वास’
सीजीएल सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति पत्र मिला।
  • मोरहाबादी मैदान में ऐतिहासिक कार्यक्रम
  • बोले मुख्यमंत्री – साजिशों के बावजूद मेहनती युवाओं की हुई जीत

रांची। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने मंगलवार को राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा में सफल 1910 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सरकार सिर्फ घोषणाओं में नहीं, बल्कि जमीन पर काम करके दिखाने में विश्वास करती है। यह नियुक्ति प्रक्रिया सरकार की नीयत, निष्ठा और पारदर्शिता का जीवंत उदाहरण है।

हजारों परिवारों के चेहरे पर आई मुस्कान

मुख्यमंत्री ने जेएसएससी के अध्यक्ष प्रशांत कुमार सहित आयोग से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस सफल प्रक्रिया के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जिस ईमानदारी और शिद्दत से आयोग ने कार्य किया, उसी का परिणाम है कि आज हजारों परिवारों के घरों में खुशियां लौटी हैं।

बिना नाम लिए विपक्ष पर तीखा प्रहार

मुख्यमंत्री ने बिना किसी दल का नाम लिए विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “कुछ लोग सिर्फ बोलने और भ्रम फैलाने का काम करते हैं, जबकि हमारी सरकार जमीन पर काम करती है।” उन्होंने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों में किसान, मजदूर और छोटे दुकानदारों के बेटे-बेटियां शामिल हैं, जिससे यह साबित होता है कि व्यवस्था पर युवाओं का भरोसा लौट रहा है।

राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर

नवनियुक्त कर्मियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब आप सभी सरकार का हिस्सा बन गये हैं। आपकी जिम्मेदारी है कि झारखंड को ऐसा राज्य बनाएं, जहां हर युवा अपने पैरों पर खड़ा हो सके। उन्होंने कहा कि “आपने संघर्ष और मेहनत से यह मुकाम पाया है, अब उसी ईमानदारी और सेवा भावना के साथ राज्य के विकास में योगदान दें।”

विरोध और साजिशों के बावजूद मिली सफलता

मुख्यमंत्री ने कहा कि JSSC-CGL परीक्षा को रोकने के लिए कई स्तरों पर साजिशें रची गईं। कुछ लोगों ने चंदा इकट्ठा कर कोर्ट-कचहरी के रास्ते बाधाएं पैदा करने की कोशिश की। लेकिन सरकार ने शुरू से स्पष्ट कर दिया था कि “यदि इरादे नेक हों तो कोई ताकत सफलता नहीं रोक सकती।” सरकार ने हर स्तर पर पारदर्शिता के साथ तथ्य रखे, जिसका परिणाम यह हुआ कि साजिशें विफल हुईं और मेहनती युवाओं की जीत हुई।

नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को नहीं मिलेगी माफी

मुख्यमंत्री ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति या गिरोह युवाओं के भविष्य के साथ साजिश करता है, तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जायेगा और जेल भेजा जायेगा। सरकार युवाओं के सपनों की हर हाल में सुरक्षा करेगी।

नौकरी के साथ सुरक्षा की गारंटी

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने विभिन्न बैंकों के साथ एमओयू किया है, जिसके तहत दुर्घटना की स्थिति में एक करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जायेगी। यह सुविधा स्थायी और अनुबंध कर्मियों, दोनों को मिलेगी।

2019 के बाद से लगातार बहाली

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2019 के बाद से राज्य में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां हुई हैं—

  • कृषि पदाधिकारियों की बहाली

  • मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति

  • शिक्षकों की सभी श्रेणियों में भर्ती

  • सरकारी अस्पतालों में ANM-GNM की नियुक्ति

2024 में सरकार के दोबारा गठन के बाद एक साल में 9000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए और अब एक माह में 1910 और युवाओं को नौकरी मिली। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला आगे भी लगातार जारी रहेगा।

कार्यक्रम में रहे मौजूद

कार्यक्रम में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, श्रम मंत्री संजय प्रसाद, मंत्री दीपक बिरुआ, मंत्री नेहा तिर्की, विधायक कल्पना सोरेन, सुरेश कुमार बैठा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।