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  • पुलिस कप्तान ही साइबर ठगों के निशाने पर

पलामू (Threesocieties.com Desk)। झारखंड के पलामू जिले में साइबर अपराधियों ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। जिले की एसपी रीषमा रमेशन का WhatsApp अकाउंट हैक कर उनके नाम और फोटो से फर्जी प्रोफाइल तैयार कर लिया गया है। इस फर्जी अकाउंट के जरिए अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और प्रतिष्ठित नागरिकों को मैसेज भेजकर पैसे और गोपनीय जानकारी मांगी जा रही है।

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इस घटना के सामने आते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। साइबर अपराधियों की मंशा वित्तीय ठगी के साथ-साथ संवेदनशील सूचनाएं हासिल करने की भी बताई जा रही है।

फर्जी प्रोफाइल से मांगी जा रही आर्थिक मदद

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हैक किए गए अकाउंट से लोगों को व्यक्तिगत संदेश भेजकर तत्काल पैसों की जरूरत बताई जा रही है। कुछ लोगों से गोपनीय दस्तावेज और संवेदनशील जानकारी भी मांगी गई है।पुलामू पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एसपी की ओर से किसी को भी इस तरह का कोई संदेश नहीं भेजा गया है। ऐसे किसी भी मैसेज पर विश्वास न करें।

साइबर सेल ने शुरू की जांच, नंबर ट्रेसिंग जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पलामू पुलिस की साइबर सेल सक्रिय हो गई है।

फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट से जुड़े मोबाइल नंबर को ट्रेस किया जा रहा है।

यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नंबर का संचालन किस लोकेशन से हो रहा है।

साइबर गिरोह के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

एसपी ने जारी किया अलर्ट, 1930 पर करें शिकायत

एसपी रीषमा रमेशन ने खुद लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि यदि किसी को संदिग्ध नंबर से मैसेज या कॉल आती है, तो तुरंत:

उस नंबर को ब्लॉक करें

1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें

नजदीकी थाना को सूचित करें

समय रहते सूचना देने से साइबर ठगी को रोका जा सकता है।

बढ़ते साइबर अपराध पर सवाल

झारखंड, विशेषकर पलामू और आसपास के इलाकों में साइबर अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अब जब जिले की एसपी का ही अकाउंट हैक हो गया है, तो यह आम लोगों के लिए बड़ी चेतावनी है। विशेषज्ञों का कहना है कि दो-स्तरीय सुरक्षा (Two-Step Verification), संदिग्ध लिंक से दूरी और ओटीपी साझा न करना बेहद जरूरी है।