धनबाद ने खोया अपना संरक्षक: उद्योगपति व समाजसेवी रतन लाल अग्रवाल का 83 वर्ष की आयु में निधन

धनबाद के प्रतिष्ठित उद्योगपति और समाजसेवी रतन लाल अग्रवाल का 83 वर्ष की आयु में निधन। विहिप के पूर्व जिला अध्यक्ष और मारवाड़ी सम्मेलन ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष रहे अग्रवाल ने राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक।

धनबाद ने खोया अपना संरक्षक: उद्योगपति व समाजसेवी रतन लाल अग्रवाल का 83 वर्ष की आयु में निधन
रतन लाल अग्रवाल। (फाइल फोटो)
  • धनबाद में शोक की लहर, सामाजिक-धार्मिक जगत में अपूरणीय क्षति

धनबाद (Threesocieties.com Desk)। कोयला राजधानी धनबाद के प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं समाजसेवी रतन लाल अग्रवाल का शनिवार दोपहर जोड़ाफाटक स्थित उनके आवास पर 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही धनबाद और झरिया क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उद्योग, समाजसेवा और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले रतन लाल अग्रवाल के निधन को समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। वे विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व जिला अध्यक्ष और मारवाड़ी सम्मेलन ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष रह चुके थे।

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जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक

धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि रतन लाल अग्रवाल का निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि वे एक दूरदर्शी उद्योगपति होने के साथ-साथ समाज के सच्चे हितैषी थे। झरिया की विधायक रागिनी सिंह उनके आवास पहुंचीं और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि रतन लाल अग्रवाल का समाज और धर्म के प्रति समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।

इसके अलावा पूर्व सांसद पीएन सिंह,पूर्व मेयर चंद्रशेकर अग्रवाल भाजपा नेता राजकुमार अग्रवाल और मेयर प्रत्याशी अमित अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोगों ने भी शोक संवेदना व्यक्त की।

उद्योग जगत में विशिष्ट पहचान

रतन लाल अग्रवाल बलियापुर स्थित लक्ष्मी हार्ड कोक एवं अंबिका हार्ड कोक इंडस्ट्रीज के संचालक थे। उम्र के इस पड़ाव पर भी वे नियमित रूप से उद्योग से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहते थे। स्थानीय उद्योग जगत में उनकी पहचान अनुशासन, ईमानदारी और सामाजिक प्रतिबद्धता के लिए थी।

राम मंदिर आंदोलन में निभाई सक्रिय भूमिका

रतन लाल अग्रवाल श्रीराम मंदिर निर्माण आंदोलन के दौरान भी सक्रिय रहे। आंदोलन के समय उन्होंने खुलकर भागीदारी निभाई और इस क्रम में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी गहरी आस्था थी।

सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका

अधिवक्ता हरिश जोशी ने बताया कि रतन लाल अग्रवाल कई संस्थाओं में अध्यक्ष पद पर रह चुके थे और सभी वर्गों के लोगों की सेवा में तत्पर रहते थे। उन्होंने शिक्षा, धर्म और सामाजिक उत्थान से जुड़े कई कार्यों को आगे बढ़ाया।उनका मार्गदर्शन झरिया और धनबाद क्षेत्र में सदैव याद रखा जाएगा। उनके प्रयासों से कई सामाजिक एवं धार्मिक परियोजनाओं को गति मिली।

अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

उनके निधन की सूचना मिलते ही सैकड़ों लोग अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पहुंचे। समाज के विभिन्न वर्गों—उद्योग, व्यापार, राजनीति और सामाजिक संगठनों—से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।नकी गहरी आस्था थी।

सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका

लोगों ने बताया कि रतन लाल अग्रवाल कई संस्थाओं में अध्यक्ष पद पर रह चुके थे और सभी वर्गों के लोगों की सेवा में तत्पर रहते थे। उन्होंने शिक्षा, धर्म और सामाजिक उत्थान से जुड़े कई कार्यों को आगे बढ़ाया। उनका मार्गदर्शन झरिया और धनबाद क्षेत्र में सदैव याद रखा जाएगा। उनके प्रयासों से कई सामाजिक एवं धार्मिक परियोजनाओं को गति मिली।

अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

उनके निधन की सूचना मिलते ही सैकड़ों लोग अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पहुंचे। समाज के विभिन्न वर्गों—उद्योग, व्यापार, राजनीति और सामाजिक संगठनों—से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।