झारखंड निकाय चुनाव 2026: BJP की सख्ती: 18 बागी नेताओं को नोटिस, 7 दिन में जवाब दो वरना कार्रवाई तय!

झारखंड निकाय चुनाव में भाजपा ने अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाते हुए 18 बागी नेताओं को नोटिस जारी किया है। धनबाद, देवघर और पलामू समेत कई जिलों के नेताओं से 7 दिनों में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी।

झारखंड निकाय चुनाव 2026:  BJP की सख्ती: 18 बागी नेताओं को नोटिस, 7 दिन में जवाब दो वरना कार्रवाई तय!
बीजेपी समर्थितों के खिलाफ लड़ रहे हैं कई नेता।
  • निकाय चुनाव में बगावत पर भाजपा का बड़ा एक्शन

रांची (Threesocieties.com Desk)। झारखंड में चल रहे नगर निकाय चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी समर्थित प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने वाले 18 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन सभी नेताओं से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।

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प्रदेश महामंत्री Pradeep Verma की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियां अनुशासनहीनता की श्रेणी में आती हैं और यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।

धनबाद में सबसे ज्यादा बगावत

धनबाद नगर निगम चुनाव इस बार भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। पार्टी ने मेयर पद के लिए संजीव कुमार को समर्थन दिया है, लेकिन उनके खिलाफ झरिया के पूर्व विधायक Sanjeev Singh चुनाव मैदान में उतर गये हैं।संजीय सिंह झरिया की भाजपा विधायक Ragini Singh के पति हैं। उनके साथ पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश पांडेय और भाजपा नेता भृगुनाथ भगत भी मैदान में हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व तक ने हस्तक्षेप किया। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री Arun Singh ने भी बातचीत की, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया।

देवघर, पलामू और चास में भी कार्रवाई

धनबाद के अलावा देवघर में बाबा बलिया और पलामू में परशुराम ओझा से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। चास नगर निगम क्षेत्र में भाजपा समर्थित प्रत्याशी अविनाश कुमार के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं परिंदा सिंह को भी नोटिस भेजा गया है। प्रदेश नेतृत्व ने साफ किया है कि चाहे चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहा हो, लेकिन पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है।

20 से अधिक नेताओं पर जिला स्तर पर कार्रवाई

गिरिडीह, जमशेदपुर, चाईबासा समेत कई जिलों की जिला कमेटियों ने भी 20 से अधिक नेताओं को पत्र जारी किया है। इन नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप है। यदि इनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो पार्टी निलंबन या निष्कासन जैसी कार्रवाई कर सकती है।

बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व मैदान में

निकाय चुनाव को लेकर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व भी सक्रिय हो गया है। राष्ट्रीय महामंत्री Arun Singh और राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा राज्य में मेयर प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। रांची, धनबाद और देवघर समेत कई शहरों में पार्टी समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान की अपील की जा रही है।

अनुशासन बनाम बगावत: क्या होगा आगे?

झारखंड में निकाय चुनाव भले ही दलीय आधार पर नहीं हो रहा हो, लेकिन राजनीतिक दलों की सक्रियता चरम पर है। भाजपा का यह कदम साफ संकेत देता है कि संगठनात्मक अनुशासन से समझौता नहीं किया जायेगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सात दिनों में बागी नेता क्या जवाब देते हैं — और पार्टी अगला कदम क्या उठाती है।