डीएमसी के धनबाद, झरिया, सिंदरी और छाताटांड़ अंचल के सड़कों की होगी सफाई
धनबाद: धनबाद की सड़कों की सफाई अब स्वीपिंग मशीनों से होगी. सड़कों पर जमा डस्ट डीएमसी की पांच रोड स्वीपिंग मशीनें हटायेंगी. डीएमसी के बैंक मोड़ ऑफिस में शनिवार को भू-राजस्व मंत्री अमर बाउरी एमपी पीएन सिंह, मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, एमएलए फूलचंद मंडल ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर व झंडी दिखाकर स्वीपिंग मशीन की ओपनिंग की. मौके पर डीसी अमित कुमार, डीएमसी कमिश्नर चंद्रमोहन कश्यप, जिला बीस सूत्री उपाधय्क्ष इंद्रजीत महतो, चिरकुंडा नगर परिषद के अध्यक्ष डबलू बाउरी समेत अन्य उपस्थित थे.

मिनिस्टर अमर बाउरी ने कहा कि स्वीपिंग मशीनों से रोड की सफाई होने से रोड साफ-सुथरा होने के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण भी होगा. कॉरपोरेशन एरिया का कायाकल्प हो रहा है. धनबाद को पहले से अधिक सुंदर बनाने का प्रयास किया जा रहा है. व्यवहार में भी स्वच्छता होना चाहिए. स्वाच्छता सिर्फ कॉरपोरेशन का ही काम नहीं बल्कि आपका भी है.मेयर ने कहा कि साफ-सफाई से कोई समझौता नहीं होगा. कॉरपोरेशन एरिया की 1120 किलोमीटर रोड व गली की सफाई हाथ से नहीं हो पा रही थी. तीन बड़ी व दो छोटी स्वीपिंग मशीन तीन करोड़ रुपये की खर्च से लायी गयी है. शीघ्र ही कुछ और मशीनें मंगायी जायेंगी. बड़ी मशीनों से मुख्य सड़कें तथा छोटी मशीनों से गली-मुहल्लों में सफाई करायी जायेगी. टाउन एरिया ही नहीं बल्कि कोल डस्ट से प्रभावित केंदुआ, करकेंद और झरिया-सिंदरी की रोड भी स्वीपिंग मशीन से साफ होंगी.
डीसी अमित कुमार ने कहा कि साफ-सफाई की यह नवीनतम तकनीक है. इससे सड़क और मोहल्ले की सफाई होगी. स्वीपिंग मशीन एक घंटे में पांच किमी की सफाई करेगी. डीएमसी कमिश्नर चंद्र मोहन कश्यप ने कहा कि डीएमएफटी फंड से मशीनें मिली हैं.लोग स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें. स्वीपिंग मशीन रविवार से सफाई कार्य में लग जायेंगी.
सफाई की जाने वाली रूट
केंदुआ, करकेंद होते हुए कतरास
झरिया, डिगवाडीह होते हुए सिंदरी
बैंक मोड़, रांगाटांड़, पूजा टॉकीज, सिटी सेंटर, रणधीर वर्मा चौक, पुलिस लाइन, कार्मिक नगर होते हुए सरायढेला
रोड पर जमा पानी को खींच लेगा मशीन का सेक्शन पंप
न्यू टेकनीक से लैस रोड स्वीपिंग मशीन में पावर वैक्यूम लगा है, जो रोड पर डिवाइडर में फंसे डस्ट को आसानी से खींच कर एक टैंक में जमा कर देगा. मशीन में प्रेशर पंप भी लगा होगा, जिसकी मदद से जरूरत पडऩे पर सड़क की धुलाई भी की जा सकेगी.
मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि डीएमएफटी फंड में 400 से 500 करोड़ रुपये हैं. इस फंड से सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों की तरह सुसज्जित किया जायेगा. स्कूलों में हर सुविधा जैसे बिल्डिंग, क्लास रुम, स्मार्ट क्लास रूम, बिजली, पंखा, बेंच-डेस्क आदि उपलब्ध करायी जायेगी. जिस स्कूल के पास दो से पांच एकड़ तक जमीन है, वहां यह सुविधा मिलेगी. डीएमसी बोर्ड की 19 अगस्त की बैठक में यह प्रोपोजल रखा जायेगा.