बिहार:खान सर का हो नार्को टेस्ट, मुझे जेल भेजने में खर्च किए करोड़ों : बेल पर छूटते ही रौशन आनंद के 10 बड़े आरोप
पटना के चर्चित कोचिंग विवाद में नया मोड़ आ गया है। जमानत पर रिहा हुए ज्ञान बिंदु के निदेशक रौशन आनंद ने खान सर पर अपने भाई प्रिंस यादव की हत्या कराने, फायरिंग करवाने और उन्हें जेल भिजवाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का आरोप लगाया है। उन्होंने CBI जांच और खान सर के नार्को टेस्ट की मांग की है।
HighLights
- तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को लिखा पत्र; CBI जांच की मांग
- रौशन आनंद ने पटना पुलिस पर पक्षपात और राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करने का लगाया आरोप
- प्रिंस यादव की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत को बताया सुनियोजित हत्या
- सुरक्षा की मांग करते हुए कहा- मेरी जान को भी खतरा है
- खान सर ने आरोपों को खारिज किया, पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार की राजधानी पटना में चर्चित कोचिंग विवाद अब और अधिक गंभीर होता जा रहा है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद के जेल से बाहर आने के बाद यह मामला सिर्फ कोचिंग संस्थानों के विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि एक संदिग्ध मौत, हत्या के आरोप, राजनीतिक संरक्षण और पुलिस की भूमिका तक पहुंच गया है।
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बेउर जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद रौशन आनंद ने मीडिया से बातचीत में खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का परिणाम है।
भाई की मौत को बताया हत्या
रौशन आनंद ने कहा कि उनके भाई प्रिंस यादव की किसी बीमारी या सामान्य कारण से मौत नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे जेल में थे, उसी दौरान साजिश के तहत उनके भाई की हत्या करवाई गई। उन्होंने इस कथित साजिश में खान सर और एक कोल्ड स्टोरेज कारोबारी का नाम लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब तक वे बाहर थे, तब तक उनके भाई को कोई नुकसान क्यों नहीं हुआ, लेकिन जेल जाते ही उसकी मौत कैसे हो गई।
'मेरी जान को भी खतरा'
रौशन आनंद ने दावा किया कि जिस तरह उनके भाई की मौत हुई, उसी तरह उनकी जान को भी खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल के अंदर भी उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने बिहार पुलिस से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
फायरिंग मामले में भी खान सर पर आरोप
रौशन आनंद ने कहा कि 2 जून को खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हुई कथित फायरिंग और हिंसा के पीछे भी खान सर की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उनका दावा है कि पूरा मामला उनके ऊपर थोप दिया गया जबकि वास्तविक सच्चाई कुछ और है।
पुलिस पर पक्षपात का आरोप
उन्होंने पटना पुलिस पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें महज कुछ घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरे पक्ष के खिलाफ कार्रवाई में देरी हुई। उनका आरोप है कि पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और निष्पक्ष जांच नहीं कर रही।
'करोड़ों रुपये खर्च कर मुझे जेल भेजा गया'
रौशन आनंद का दावा है कि उन्हें जेल भिजवाने के लिए बड़े स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में करोड़ों रुपये खर्च किए गए ताकि उनकी छवि खराब हो और उनका करियर खत्म किया जा सके।
CBI जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग
रौशन आनंद ने सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें रखीं— प्रिंस यादव की मौत की CBI जांच कराई जाए। शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके। उन्होंने कहा कि जब तक उनके भाई को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे।
रौशन आनंद के 10 बड़े दावे
1. भाई की हत्या साजिश के तहत कराई गई
प्रिंस यादव की मौत को उन्होंने हत्या बताते हुए साजिश का आरोप लगाया।
2. खान सर और अन्य लोगों की भूमिका की जांच हो
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
3. मेरी जान को भी खतरा है
रौशन आनंद ने खुद की सुरक्षा की मांग की।
4. फायरिंग मामले की सच्चाई सामने आए
उन्होंने दावा किया कि गोलीबारी की घटना को लेकर गलत कहानी पेश की गई।
5. पुलिस ने बिना निष्पक्ष जांच कार्रवाई की
उन्होंने गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
6. खान सर को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है
रौशन आनंद ने प्रभावशाली लोगों के संरक्षण का आरोप लगाया।
7. नार्को टेस्ट कराया जाए
उन्होंने खान सर का नार्को टेस्ट कराने की मांग की।
8. करोड़ों रुपये खर्च किए गए
उन्हें जेल भेजने के लिए आर्थिक ताकत के इस्तेमाल का दावा किया।
9. करियर बर्बाद करने की साजिश
उन्होंने कहा कि उन्हें निशाना बनाकर बदनाम किया जा रहा है।
10. CBI जांच और री-पोस्टमार्टम
उन्होंने पूरे मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग की।
खान सर ने क्या कहा?
प्रिंस यादव की मौत के बाद खान सर ने वीडियो संदेश जारी कर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना की सच्चाई सामने आनी चाहिए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। खान सर ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जांच पूरी होने के बाद वास्तविक तथ्य सामने आ जाएंगे।
तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी को लिखा पत्र; CBI जांच की मांग
तेजस्वी यादव ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर पत्र को सार्वजनिक करते हुए लिखा कि विगत दिनों बिहार की राजधानी स्थित दो कोचिंग संस्थानों के आपसी विवाद उपरांत कथित रूप से मारपीट, तोड़फोड़ एवं गोलीबारी की घटना घटित हुई और दोनों पक्षों द्वारा एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि कोचिंग संचालक रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की संदेहास्पद स्थिति में नेपाल में मृत्यु होने की खबर फैलने के बाद यह मामला और गंभीर हो चुका है। इस मामले में सरकार और राज्य पुलिस की कार्यशैली व निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि जनभावना को देखते हुए मामले को सीबीआई को सौंप दिया जाए, ताकि निष्पक्ष, प्रभावी और गहन जांच हो सके तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इससे पहले उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि रौशन आनंद के परिवार के साथ उनकी पूरी संवेदना है। उन्होंने कहा कि हत्या हुई है या नहीं ये जांच के विषय है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की वारदात होना, गोलियां चलना और हत्या होना दुख का विषय है। ऐसे में सरकार संदिग्ध की भूमिका में नजर आती है। उन्होंने कहा कि यह अंतराष्ट्रीय मामला है। भारत सरकार और राज्य सरकार को मिलकर निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और जो दोषी हो उस पर कार्रवाई की जाए।
क्या है पूरा मामला?
2 जून को पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर हिंसक झड़प, पथराव और कथित गोलीबारी की घटना सामने आई थी। इस मामले में दर्ज एफआईआर में ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद और उनके भाई प्रिंस यादव को नामजद किया गया था। बाद में खान सर के खिलाफ भी आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत ने पूरे विवाद को नया और गंभीर मोड़ दे दिया है। फिलहाल पुलिस और फोरेंसिक जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रिंस यादव की मौत दुर्घटना थी, प्राकृतिक थी या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी।






