- रिटेल बिजनेस का तिमाही मुनाफा एक साल में 77% बढ़कर 1923 करोड़ रुपये
- डिजिटल बिजनेस का तिमाही प्रॉफिट एक साल मे 78.3% बढ़कर 2665 करोड़ रुपये
- रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू 2018-19 में एक लाख करोड़ रुपये के ऊपर पहुंचा
- पूरे फाइनेंसियल इयर के लिए 6.50 रुपए प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश
मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज को जनवरी-मार्च तिमाही में 10,362 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड प्रोफिट हुआ है. यह अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के प्रॉफिट के मुकाबले 1.1% और 2018 की जनवरी-मार्च तिमाही के मुकाबले 9.8% ज्यादा है. रिटेल और डिजिटल बिजनेस के रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ से कंपनी का प्रॉफिट बढ़ा है. प्रोफीट में लगातार 17 वीं तिमाही में इजाफा हुआ है.
रिलायंस अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा तिमाही मुनाफे वाली देश की पहली प्राइवेट कंपनी बनी थी. कंपनी को उस तिमाही में 10,251 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हुआ था. जनवरी-मार्च में रेवेन्यू एक लाख 54 हजार 110 करोड़ रुपये रहा. यह अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के मुकाबले 9.7% कम है. सालाना आधार पर यह 2018 की जनवरी-मार्च तिमाही के मुकाबले 19.4% ज्यादा है. पूरे फाइनेंसियल इयर (2018-19) में रिलायंस को 39,588 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड प्रोफिट हुआ है. फाइनेंसियल इयर 2017-18 के मुकाबले यह 13.1% ज्यादा है. पूरे फाइनेंसियल इयर में रेवेन्यू 44.6% बढ़कर छह लाख 22 हजार 809 करोड़ रुपये हो गया है. तिमाही ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन एक साल में 25.45% घटकर 8.2 डॉलर प्रति बैरल रह गया है.
एक साल में जियो का तिमाही प्रोफिट 65% बढ़ा
रिलायंस की टेलीकॉम कंपनी जियो को जनवरी-मार्च तिमाही में 840 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हुआ. वर्ष 2018 की जनवरी-मार्च तिमाही के मुकाबले यह 64.7% ज्यादा है. अक्टूबर-दिसंबर के 831 करोड़ रुपए के मुकाबले प्रॉफिट 1.1% बढ़ा है.
एक साल में जियो का तिमाही रेवेन्यू 56% बढ़ा
जियो का जनवरी-मार्च में रेवेन्यू बढ़कर 11,106 करोड़ रुपये हो गया. यह अक्टूबर-दिसंबर के 10,383 करोड़ के मुकाबले 7% ज्यादा है. जनवरी-मार्च 2018 की तुलना में रेवेन्यू 55.8 बढ़ा है. उस समय रेवेन्यू 7,128 करोड़ रुपये था. 31 मार्च तक जियो का सब्सक्राइबर बेस बढ़कर 30.67 करोड़ पहुंच गया.
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने बयान में कहा कि समीक्षाधीन अवधि में उसकी आय 51.60 प्रतिशत बढ़कर 36,663 करोड़ रुपये रही. वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही में उसकी आमदनी 24,183 करोड़ रुपये थी. पूरे वित्त वर्ष (2018-19) के लिए कंपनी का कर , ब्याज और अवमूल्यन से पहले लाभ दोगुना से अधिक होकर 6,201 करोड़ रुपये हो गया, जो कि 2017-18 में 2,529 करोड़ रुपये था. इस दौरान उसकी आय 88.68 प्रतिशत बढ़कर 1.30 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गयी. वर्ष 2017-18 में उसकी आमदनी 69,198 करोड़ रुपये थी. आरआईएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा, रिलायंस रिटेल ने 1,00,000 करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य पार कर लिया है. रिलायंस जियो 30 करोड़ से ज्यादा लोगों को सेवाएं दे रही है. हमारे पेट्रोकेमिकल्स कारोबार ने अब तक की सबसे अधिक कमाई की है.आलोच्य तिमाही के दौरान रिलायंस रिटेल ने अपने नेटवर्क में 510 नये स्टोर जोड़े हैं .पूरे वित्त वर्ष में उसके 2,829 नये स्टोर खुले हैं. कुल मिलाकर उसके नेटवर्क में अब 10,415 स्टोर हो गये हैं.