- कैबिनेट ने 16वीं लोकसभा भंग करने का प्रस्ताव पारित किया
नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी व उनकी कैबिनेट का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. राष्ट्रपति ने नरेंद्र मोदी को अगली सरकार बनने तक कार्यभार संभालने को कहा है. नरेंद्र मोदी ने Lok Sabha Election Results 2019 में प्रचंड जीत के बाद कैबिनेट की बैठक की बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 वीं लोकसभा को भंग करने का प्रस्ताव पारित किया. बैठक के बाद पीएम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलकर अपना और कैबिनेट का इस्तीफा सौंपा. राष्ट्रपति ने केंद्रीय कैबिनेट के सम्मान में शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में डिनर का आयोजन किया. डिनर में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, लोकसभा स्पीकर रहीं सुमित्रा व कैबिनेट के सभी मिनिस्टर मौजूद थे.
राष्ट्रपति को इस्तीफा सौंपने के बाद मोदी ने ट्वीट किया- इस कार्यकाल का सूर्य अस्त हो रहा है, लेकिन हमारे कामों की चमक लाखों लोगों की जिंदगियों को रोशन करती रहेगी. नई सुबह इंतजार कर रही है. हम 130 करोड़ भारतीयों के सपनों को पूरा करने और अपने सपनों का नया भारत बनाने के लिए पहले से भी ज्यादा प्रतिबद्ध हैं.
16वीं लोकसभा का कार्यकाल तीन जून को खत्म हो रहा है. इसके बाद नई लोकसभा का गठन होगा. नई लोकसभा के गठन के लिए चुनाव आयुक्त राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे और नवनिर्वचित एमपी की लिस्ट सौपेंगे. राष्ट्रपति द्वारा पीएम व कैबिनेट की इस्तीफा स्वीकार करने के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरु हो गयी है. एनडीए के नवनिर्वाचित सांसदों की शनिवार की बैठक में नरेंद्र मोदी को औपचारिक तौर पर संसदीय दल का नेता चुना जायेगा. प्रधानमंत्री मोदी 30 मई को शपथ ग्रहण कर सकते हैं.
अमित शाह बन सकते हैं डिफेंस या फाइनेंस मिनिस्टर
नई कैबिनेट में कई नए चेहरों को जगह मिल सकती है.बीजेपी प्रसिडेंट अमित शाह को कैबिनेट मेंडिफेंस या फाइनेंस मिनिस्टरी की जिम्मेवारी दी जा सकती है. अपनी खराब स्वास्थ्य के कारण फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली मोदी गर्वमेंट में फिर से फाइनेंस डिपार्टमेंट लेने से इनकार कर सकते हैं. पिछले कुछ सप्ताह से जेटली की सेहत खराब है. जेटली को कुछ टेस्ट के लिए एम्स में एडमिट किया गया था. डॉक्टरों ने जेटली को इलाज के लिए यूके और यूएस जाने की सलाह दी है. जेटली कई वीक से अ़फिस नहीं गये हैं. वह बीजेपी अफिस में मोदी के स्वगत समारोह में कैबिनेट की आज हुई अंतिम मिटिंग में भी नहीं गये थे.
मोदी ने आडवाणी व जोशी से मिलकर आशीर्वाद लिया
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आडवानी के घर पीएम व शाह.[/caption]
पीएम नरेंद्र मोदी ने सीनीयर बीजेपी लालकृष्ण आडवाणी व मुरली मनोहर से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया. पीएम के साथ बीजेपी प्रसिडेंट अमित शाह भी मौजूद थे.पीएम पहले लालकृष्ण आडवाणी के घर जाकर उनसे मुलाकात की. फिर डा मुरली मनोहर जोशी के घर गये. पीएम ने इस चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत का श्रेय आडवाणी को दिया. पीएम ने ट्वीट किया कि आडवाणी जी से मुलाकात की. बीजेपी को इतनी बड़ी सफलता इसलिए मिली, क्योंकि आडवाणी जी जैसे महान नेताओं ने पार्टी को खड़ा करने में दशकों तक काम किया.
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पीएम व शाह जोशी से मिले.[/caption]
पीएम ने सीनीयर लीडर मुरली मनोहर जोशी की भी तारीफ करते हुए कहा कि डॉ. जोशी बेहद विद्वान हैं. उन्होंने सदैव पार्टी की मजबूती के लिए काम किया. मेरे जैसे कई कार्यकर्ताओं को इनका मार्गदर्शन मिला है.
PMO कर्मियों से कहा कि लोगों की हैं काफी अपेक्षायें
पीएम मोदी ने साउथ ब्लॉक स्थित पीएमओ के अफसर व स्टाफ से मुलाकात की.पीएमअइोको ऑफिसियल बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने पिछले पांच साल में समूचे पीएमओ की प्रतिबद्धता और प्रयासों की सराहना की. पीएम ने हर किसी से फिर उसी प्रतिबद्धता से और मेहनत करके भारत के लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं पर खरा उतरने का आग्रह किया. पीएम ने अफसरों से कहा कि लोगों की सरकार से काफी अपेक्षायें हैं और इन अपेक्षाओं से टीम पीएमओ को डटकर काम करने की ऊर्जा मिलेगी.