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भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी समेत तीन को इकोनॉमिक्स के लिए Nobel Prize मिला

  • अभिजीत की वाइफ हैं नोबेल पानेवाली एस्थर डुफ्लो

स्टॉकहोम: भारतीय मूल के अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी व उनकी पत्नी एस्थर डुफ्लो तथा माइकल क्रेमर को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार 2019 से सम्मानित किया गया है.वैश्विक गरीबी को कम करने के लिए प्रयोगात्मक दृष्टिकोण के लिए इन्हें सम्मानित किया गया है. रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने सोमवार को इकोनॉमिक्स के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की. रॉयल स्वीडिश एकेडमी हर साल यह पुरस्कार देती है.
इस पुरस्कार को ऑफिसियल तौर पर ‘बैंक ऑफ स्वीडन प्राइज इन इकोनॉमिक साइंसेज इन मेमोरी ऑफ अल्फ्रेड नोबेल’ के रूप में जाना जाता है, यह पुरस्कार संस्थापक द्वारा नहीं बनाया गया था, लेकिन इसे नोबेल का हिस्सा माना जाता है. एकेडमी ने अपने बयान में कहा है कि ‘इन्होंने वैश्विक गरीबी से लड़ने के सर्वोत्तम तरीकों को लेकर एक विश्वसनीय और नया दृष्टिकोण पेश किया है.उन्हें 90 लाख स्वीडिश क्राउन (9लाख 15हजार 300 डालर) मिलेगा.नोबेल समिति ने एक बयान में कहा है कि ‘इस साल के पुरस्कार विजेताओं द्वारा किये गये शोध से वैश्विक गरीबी से लड़ने की हमारी क्षमता में काफी सुधार हुआ है. केवल दो दशकों में, उनके नये प्रयोग-आधारित दृष्टिकोण ने विकास अर्थशास्त्र को बदल दिया है, जो अब अनुसंधान का एक समृद्ध क्षेत्र ह.
अभिजीत बनर्जी
58 वर्षीय अभिजीत बनर्जी का जन्म 21 फरवरी 1961 में महाराष्ट्र के धुले में हुआ. अभिजीत के पिता दीपक बनर्जी और मां निर्मला बनर्जी दोनों ही कोलकाता के जाने माने प्रोफेसर थे. दीपक बनर्जी प्रेसीडेंसी कॉलेज में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर व निर्मला बनर्जी कोलकाता के सेंटर फॉर स्टडीज इन सोशल साइंसेज में प्रोफेसर थीं.अभिजीत बनर्जी ने कोलकाता में ही अपनी प्रारंभिक शिक्षा ली. कोलकाता के प्रेसीडेंसी कॉलेज से ही उन्होंने ग्रेजुएशन की डिग्री ली. अभिजीत ने वर्ष 1983 में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सटी ने इकोनॉमिक्स से एमए किया इसके बाद अभिजीत ने 1988 में Harvard University से पीएचडी की डिग्री हासिल की.
हली वाइफ अरुंधति से डाइवोर्स
अभिजीत बनर्जी ने एमआइटी में साहित्य की लैक्चरार अरुंधति तुली से मैरिज की. अभिजीत और अरुंधति दोनों कोलकाता में एक साथ ही बड़े हुए. वर्ष 1991 में दंपत्ति को एक बेटा भी हुआ. बेटे का नाम कबीर बनर्जी है. कबीर का मार्च 2016 में कबीर का निधन हो गया. अभिजीत और अरुंधति ने बाद में डाइवोर्स ले लिया. इसके बाद अभिजीत ने एमआइटी में ही प्रोफेसर एस्थर डुफ्लो से शादी कर ली.
MIT में प्रोफेसर हैं अभिजीत बनर्जी
अभिजीत वर्तमान में यूएस-आधारित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी अर्थशास्त्र में फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल के प्रोफेसर हैं. अभिजीत बनर्जी ने वर्ष 2003 में वाइफ एस्थर डुफ्लो और सेंधिल मुलाइनाथन के साथ मिलकर अब्दुल लतीफ डिग्री ली है. डुफ्लो भी मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में प्रोफेसर हैं. अभिजीत बनर्जी ब्यूरो ऑफ रिसर्च इन द इकोनॉमिक एनालिसिस ऑफ डेवलपमेंट के पूर्व अध्यक्ष, एनबीइआर (NBER) के एक रिसर्च एसोसिएट, एक सीइपीआर (CPER) के रिसर्च फेलो, कील इंस्टीट्यूट के इंटरनेशनल रिसर्च फेलो, अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज के अध्यक्ष हैं। इसके अलावा अभिजीत काइल इंस्टीट्यूट के इंटरनेशनल के फेलो और इन्फोसिस पुरस्कार विजेता भी रह चुके हैं.
अभिजीत की ‘पुअर इकोनॉमिक्स’ को मिला है बुक ऑफ द ईयर का खिताब
अभिजीत बनर्जी ने बहुत से लेखों के आलावा चार बुक भी लिखी हैं. अभिजीत की किताब ‘पुअर इकोनॉमिक्स’ को गोल्डमैन सैश बिजनेस बुक ऑफ द ईयर का खिताब भी मिल चुका है. वह तीन अन्य पुस्तकों के संपादक भी हैं.उन्होंने दो डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का भी डायरेक्शन किया है.अभिजीत संयुक्त राष्ट्र महासचिव द्वारा वर्ष 2015 के बाद विकास के एजेंडे के लिए बनाये गये प्रख्यात व्यक्तियों के उच्च स्तरीय पैनल में भी काम कर चुके हैं.
कोलकाता में हुआ था. उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और हार्वर्ड विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की. अभिजीत ने वर्ष 1988 में पीएचडी की डिग्री हासिल की. वह वर्तमान में एमआइटी वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल के अनुसार मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में अर्थशास्त्र के फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल प्रोफेसर हैं. बनर्जी ने वर्ष 2003 में डुफ्लो और सेंथिल मुलैनाथन के साथ, अब्दुल लतीफ जमील गरीबी एक्शन लैब (J-PAL) की स्थापना की. वह लैब के निदेशकों में से एक रहे. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के पद 2015 विकास एजेंडा पर प्रख्यात व्यक्तियों के उच्च-स्तरीय पैनल में भी कार्य किया.
नोटबंदी की आलोचना की थी
अभिजीत बनर्जी ने पीएम मोदी के पहले कार्यकाल के दौरान वर्ष 2016 में नोटबंदी की घोषणा की आलोचना की थी. बनर्जी ने कहा था नोटबंदी से शुरुआत में जिस नुकसान का अंदाजा लगाया गया था, असल में यह उससे बहुत ज्यादा होगा.हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की नम्रता काला के साथ संयुक्त तौर पर लिखे गए पेपर में उन्होंने नोटबंदी की आलोचना की थी.
कांग्रेस के न्यूनतम आय योजना NYAY का सलाहकार
अभिजीत लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान घोषित कांग्रेस के बहुचर्चित न्यूनतम आय योजना NYAY का सलाहकारों में रहे हैं. वह दिल्ली सरकार के अहम शिक्षा सुधारों में से एक ‘चुनौती’ उनके द्वारा विकसित किए गयेमॉडल पर आधारित है.
पीएम मोदी, राहुल व केजरीवाल ने अभिजीत को दी बधाई
पीएम नरेंद्र मोदी ने अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी को बधाई दी है. पीएम मोदी ने उनकी पत्नी फ्रांसीसी अर्थशास्त्री एस्तेय डिफ्लो और अमेरिकी अर्थशास्त्री माइकल क्रेमर को भी बधाई दी है.पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘अल्फ्रेंड नोबेल की याद में आर्थिक विज्ञान के क्षेत्र में सम्मान पाने के लिए मैं अभिजीत बनर्जी को बधाई देता हूं. उन्होंने गरीबी उन्मूलन की दिशा में उत्कृष्ट योगदान दिया है. ‘मैं एस्तेय डिफ्लो और माइकल क्रेमर को भी इस प्रतिष्ठित नोबेल प्राइज जीतने के लिए बधाई देता हूं.अभिजीत को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी बधाई दी है.