धनबाद:जिला चैंबर से बैंक मोड़ चेंबर निष्कासित, आमसभा में शामिल होने पर रोक

धनबाद: फेडरेशन ऑफ धनबाद जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की कार्यकारिणी की आपात बैठक में सात नवंबर को आमसभा आयोजित करने का निर्णय लिया गया.बैंक मोड़ चैंबर को आमसभा से निष्कासित कर दिया गया.बैंक मोड़ चैंबर के आमसभा में शामिल होने पर रोक लगा दी गई है.बैंक मोड़ चैंबर के सचिव प्रमोद गोयल द्वारा दिये गये बयान को लेकर यह कार्रवाई की गयी है. श्री गोयल ने जिला चैंबर के पास 30 लाख रुपये का फंड होने और ट्रेड लाइसेंस के लिए रुपये वसूलने का आरोप जिला चैंबर पर लगाया था.जिला चैंबर के अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने बताया कि गोयल डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन में भी शामिल हैं,इसलिए वे किसी अन्य एसोसिएशन के माध्यम से भी जिला चैंबर की आम सभा में भाग नहीं ले सकते.उन्होंने बताया कि आम सभा के दौरान दो साल के कार्यकाल का हिसाब भी पेश किया जायेगा.आज तक चैंबर के फंड में कभी भी 30 लाख रुपये नहीं रहे.ट्रेड लाइसेंस को लेकर वसूली का सवाल ही नहीं होता,क्योंकि वह शिविर नगर निगम की और से लगाया गया था. बैंक मोड़ चैंबर के सचिव प्रमोद गोयल ने कहा कि राजेश गुप्ता के अधिकार क्षेत्र में नहीं है कि वो बैंकमोड़ चैंबर को निष्कासित कर सकें.बैंक मोड़ चैंबर द्वारा दी गई चिट्ठी और मांगी गई जानकारी का कोई जवाब अध्यक्ष ने नहीं दिया.फूड सेफ्टी कैंप में प्राप्त पांच लाख रुपये का कोई विस्तृत लेखा जोखा अध्यक्ष ने अपने फेडरेशन के चैंबर को नहीं दिया.जिला सम्मेलन में भिन्न-भिन्न चैंबरों से प्राप्त लगभग 25 लाख रुपये की राशि की कोई विवरणी नहीं दी गई.पिछले चार सालों में लाखों के लेनदेन के बावजूद ऑडिट नहीं कराया गया.दो साल के कार्यकाल में एक भी एजीएम नहीं बुलाई गई.प्रमोद ने आरोप लगाया है कि जिलाध्यक्ष ने सभी चैंबर्स के पदाधिकारियों के बीच फूट डालने का काम किया है. बैंक मोड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रभात सुरोलिया ने कहा कि भी मामले की पूरी जानकारी ली जा रही है.जिला चैंबर की ओर से निष्कासन के संबंध में कोई सूचना नहीं आयी है. सारे तथ्यों को जानने के बाद ही कुछ किया जायेगा.