रांची। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने एक बड़ा फैसला लिया है। सीएम ने सीएनटी/एसपीटी में संशोधन का विरोध करने के कारण तथा पत्थलगड़ी का समर्थन कर रहे लोगों के विरुद्ध गुमला पुलिस स्टेशन में दर्ज केस को वापस लेने संबंधित प्रोपोजल को मंजूरी दे दिया है।
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सीएनटी/एसपीटी में संशोधन का विरोध तथा पत्थलगड़ी करने के आरोप में गुमला पुलिस स्टेशन में जिन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर मुकदमे दायर किये गये हैं, उनके प्रत्याहरण से संबंधित गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के प्रस्तावित संकल्प प्रारूप को सीएम ने अपनी स्वीकृति दे दी है। सीएम के इस फैसले से गुमला पुलिस स्टेशन अंतर्गत सीएनटी/एसपीटी में संशोधन का विरोध एवं पत्थलगड़ी करने के क्रम में जिन लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुई थी, उन्हें अब बड़ी राहत मिल जायेगी।
आदिवासी समुदाय में पुरानी परंपरा है पत्थलगड़ी
सीएम सचिवालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि झारखंड के आदिवासी समुदाय और गांव में विधि-विधान तथा संस्कार के साथ पत्थलगड़ी (शिलालेख) की परंपरा पुरानी है। पत्थलगड़ी से मौजा, सीमाना, ग्रामसभा और अधिकार की जानकारी रहती है। वंशानुगत, पूर्वज और मरनी (मृत व्यक्ति) की याद को संजोए रखने के लिए भी पत्थलगड़ी की परंपरा रही है। कई गांवों में अंग्रेजों या दुश्मनों के खिलाफ लड़कर शहीद होने वाले वीर सपूतों के सम्मान में भी पत्थलगड़ी की जाती रही है।
आरक्षण बढ़ाने के लिए उप कमेटी का गठन
सीएमओ की ओर से बताया गया है कि एसटी, एससी एवं पिछड़ा वर्ग के आरक्षण प्रतिशत पर सुझाव के लिए सरकार की ओर से उप-समिति बनाई जायेगी। यह समिति अपना सुझाव देगी। इसके बाद झारखंड सरकार इस पर अमल करेगी। सरकार ने झारखंड राज्य में अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी), अत्यंत पिछड़ा वर्ग (अनु-1) तथा पिछड़ा वर्ग (अनु-2) के आरक्षण के प्रतिशत पर विचार-विमर्श कर सुझाव समर्पित करने के लिए उप-समिति गठित करने के प्रोपजल पर अपनी स्वीकृति दी है.
उल्लेखनीय कि हेमंत सोरेन सरकार झारखंड में इस वर्ग का आरक्षण सीमा बढ़ाने की कवायद में जुटी हुई है। इसी के तहत यह कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया है। यह कमेटी झारखंड में इस वर्ग की स्थिति का अध्ययन करेगी। इसके बाद अपने सुझाव से राज्य सरकार को अवगत कराएगी। इसके बाद ही झारखंड सरकार इस दिशा में कोई पहल करेगी। कांग्रेस की यह पुरानी मांग सीएम हेमंत सोरेन ने मान ली है। कांग्रेस लंबे समय से यह मांग करती आ रही थी।