धनबाद की बेटी का कमाल: 9वीं की छात्रा ने बनाया AI Smart Baby Band, गिरते ही मोबाइल पर पहुंचेगा अलर्ट
धनबाद की छात्रा ऋषिका भारतीया ने एआई आधारित स्मार्ट बेबी मॉनिटरिंग बैंड तैयार किया है, जो बच्चे के गिरने, बुखार या रोने पर तुरंत माता-पिता को मोबाइल अलर्ट भेजता है। यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का प्रतिनिधित्व करेगा।
धनबाद (Threesocieties.com Desk)। तकनीक के दौर में जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बड़े उद्योगों और संस्थानों में उपयोग हो रहा है, वहीं धनबाद की एक नौवीं कक्षा की छात्रा ने इसे बच्चों की सुरक्षा से जोड़कर एक अनूठी मिसाल पेश की है।
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डिनोबिली स्कूल सीएमआरआई की छात्रा ऋषिका भारतीया ने एक AI आधारित स्मार्ट बेबी मॉनिटरिंग बैंड विकसित किया है, जो बच्चों की हर गतिविधि पर नजर रखता है और खतरे की स्थिति में तुरंत अभिभावकों को अलर्ट भेजता है।यह नवाचार राज्यस्तरीय इंस्पायर अवार्ड में चयनित हुआ है और अब मार्च में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में झारखंड का प्रतिनिधित्व करेगा।
कैसे काम करता है स्मार्ट बेबी मॉनिटरिंग बैंड?
यह बैंड बच्चे के हाथ में पहना जाता है और पूरी तरह एआई तकनीक पर आधारित है। इसमें उन्नत सेंसर और माइक्रोफोन लगाए गए हैं जो बच्चे की गतिविधियों को लगातार मॉनिटर करते हैं।
बैंड की प्रमुख विशेषताएं:
बच्चा गिरने पर तुरंत अलर्ट
शरीर का तापमान बढ़ने (बुखार) पर सूचना
लगातार रोने या असामान्य आवाज पर नोटिफिकेशन
रियल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग
तय सीमा (Geo-Fencing) से बाहर जाने पर अलर्ट
सभी अलर्ट सीधे माता-पिता के मोबाइल एप पर पहुंचते हैं, जिससे वे तुरंत प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
कामकाजी माता-पिता के लिए बड़ी राहत
ऋषिका बताती हैं कि आज के समय में बड़ी संख्या में माता-पिता कामकाजी हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस बैंड का आइडिया तैयार किया।उनका कहना है कि यह डिवाइस न केवल माता-पिता की चिंता कम करेगा, बल्कि तकनीक के जरिए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगा।
परिवार और शिक्षकों का मिला भरपूर सहयोग
ऋषिका के पिता प्रो. राहुल भारतीया, आईआईटी आईएसएम धनबाद में सिविल इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर हैं। मां प्रियंका भारतीया भी कामकाजी महिला हैं। माता-पिता के अनुभव और मार्गदर्शन ने इस प्रोजेक्ट को मजबूत आधार दिया। विद्यालय की प्राचार्या तनुश्री बनर्जी और शिक्षक देबजीत पाल ने भी प्रोजेक्ट को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्राचार्या तनुश्री बनर्जी के अनुसार,“यह सिर्फ एक इनोवेशन नहीं, बल्कि बदलते समय में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर जरूरत का समाधान है। ऋषिका का चयन धनबाद और झारखंड के लिए गर्व की बात है।”
राज्य से राष्ट्रीय मंच तक
रांची में आयोजित राज्यस्तरीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता में झारखंड से 15 प्रोजेक्ट्स का चयन किया गया। इनमें ऋषिका का स्मार्ट बेबी मॉनिटरिंग बैंड भी शामिल है। अब यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेगा।तकनीक और सामाजिक सोच का यह संगम दिखाता है कि अगर सही दिशा और मार्गदर्शन मिले, तो स्कूली छात्र-छात्राएं भी बड़े समाधान दे सकते हैं।
बदलते दौर में तकनीक बनेगी सुरक्षा कवच
बच्चों की सुरक्षा आज हर परिवार की प्राथमिक चिंता है। ऐसे में एआई आधारित यह स्मार्ट बैंड भविष्य में बड़े पैमाने पर उपयोगी साबित हो सकता है। धनबाद की इस होनहार बेटी ने यह साबित कर दिया है कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन सोच और सपने बड़े होने चाहिए।






