हजारीबाग जमीन घोटाला: कारोबारी बिनय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बेल, पत्नी स्निग्धा पर भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक
हजारीबाग जमीन घोटाला मामले में ऑटोमोबाइल कारोबारी बिनय कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट से दो मामलों में नियमित जमानत मिली है। उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को भी तीन मामलों में दंडात्मक कार्रवाई से राहत दी गई है। कोर्ट ने नए केस दर्ज होने पर चिंता जताई।
रांची (Threesocieties.com Desk)। हजारीबाग के चर्चित जमीन घोटाला मामले में आरोपित ऑटोमोबाइल कारोबारी बिनय कुमार सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने बिनय सिंह को दो मामलों में नियमित जमानत दे दी है, जबकि उनकी पत्नी के खिलाफ तीन मामलों में किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है।
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सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि जब किसी आरोपित को अदालत से जमानत मिल जाती है, उसके बाद उसी व्यक्ति के खिलाफ नए मामले दर्ज होना गंभीर चिंता का विषय है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर सकती है।
क्या है पूरा मामला?
हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बिनय कुमार सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि उन्होंने हजारीबाग में 28 डिसमिल गैर मजरुआ खास जंगल झाड़ की सरकारी जमीन की खरीद की। बताया जाता है कि इस जमीन का बाद में सरकारी अधिकारियों की कथित मिलीभगत से गलत तरीके से म्यूटेशन करा लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीबी ने जांच शुरू कर दी थी।
एक और मामला दर्ज
सूत्रों के अनुसार, बिनय सिंह के खिलाफ जमीन घोटाले से संबंधित एक अन्य मामला भी हजारीबाग में दर्ज है, जिसकी जांच जारी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद फिलहाल उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिल गई है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा
इस पूरे प्रकरण को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। वन भूमि और गैर मजरुआ खास जमीन से जुड़े मामलों में पहले भी कई बड़े नाम सामने आ चुके हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी भी अहम मानी जा रही है।






