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नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए नोएडा के सेक्टर-39 स्थित राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं शोध संस्थान (एनआइसीपीआर), मुंबई और कोलकाता में हाई टेक लैब का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे भी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे।

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पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में Hi-tech State of the Art टेस्टिंग फेसिलिटी  लॉन्च

पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश के करोड़ों नागरिक कोरोना वैश्विक महामारी से बहुत बहादुरी से लड़ रहे हैं। आज जिन Hi-tech State of the Art टेस्टिंग फेसिलिटी का लॉन्च हुआ है उससे पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में और ताकत मिलने वाली है।उन्होंने कहा कि दिल्ली- NCR, मुंबई और कोलकाता, आर्थिक गतिविधियों के बड़े सेंटर हैं। यहां देश के लाखों युवा अपने करियर और अपने सपनों को पूरा करने आते हैं। अब इन तीनों जगह टेस्ट की जो उपलब्ध कपैसिटी है, उसमें 10 हज़ार टेस्ट की कैपेसिटी और जुड़ने जा रही है। उन्होंने कहा कि जनवरी में हमारे पास कोरोना के टेस्ट के लिए जहां मात्र एक सेंटर था, आज करीब 1300 लैब्स पूरे देश में काम कर रही हैं। आज इंडिया में पांच लाख से ज्यादा टेस्ट हर रोज हो रहे हैं। आने वाले हफ्तों में इसको 10 लाख प्रतिदिन करने की कोशिश हो रही है।

लोगों में संक्रमण न फैले इसके लिए हमें सावधानी बरतनी होगी
पीएम मोदी ने देश के लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमें कोरोना से खुद भी बचना है और घर में छोटी-बड़ी आयु के सभी परिजनों को भी बचाना है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई, हम सभी मिलकर लड़ेंगे और जीतेंगे भी। देश के साइंटिस्ट कोरोना वैक्सीन के लिए तेज़ी से काम कर रहे हैं। लेकिन जब तक कोई प्रभावी दवा या वेक्सीन नहीं बनती, तब तक मास्क, दो गज़ की दूरी और समय-समय पर हाथ घोते रहें। पीएम ने कहा कि बहुत से त्यौहार आने वाले हैं। ये उत्सव लोगों के लिए खुशी का कारण बनें। लोगों में संक्रमण न फैले इसके लिए हमें सावधानी बरतनी होगी। हमें ये भी देखते रहना होगा कि उत्सव के इस समय में गरीब परिवारों को परेशानी ना हो।

कोरोना महामारी से एक-एक भारतीय को बचाना है

उन्होंने कहा कि हमें मिलकर नया हेल्थ इंफ्रा तो तैयार करना ही है, जो हमारे पास गांव-गांव में गवर्नमेंट और प्राइवेट डिस्पेंसरीज़ हैं, क्लीनिक हैं, उनको ज्यादा सक्षम भी बनाना है। ये हमें इसलिए भी करना है ताकि हमारे गांवों में कोरोना से लड़ाई कमजोर न पड़े। उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आज हम उस स्थिति पर आ चुके हैं, जहां हमारे पास जागरूकता की कमी नहीं है। साइंटिफिक डेटा का विस्तार हो रहा है और संसाधन भी बढ़ रहे हैं। पीएम ने कहा कि एक और बड़ा चैलेंज था, कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए देश में Human Resource को तैयार करना। जितने कम समय में हमारे पैरामेडिक्स, आशावर्कर्स, ANM, आंगनबाड़ी और दूसरे Health और Civil Workers को प्रशिक्षित किया गया वो भी अभूतपूर्व है। सिर्फ छह महीना पहले देश में एक भी पीपीई मैन्यूफैक्चरर नहीं था। आज 1200 से ज्यादा मैन्यूफैक्चरर  हर रोज पांच लाख से ज्यादा PPE किट बना रहे हैं। एक समय इंडिया N-95 मास्क भी बाहर से ही मंगवाता था। आज इंडिया में तीन लाख से ज्यादा N-95 मास्क हर रोज बन रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान हर कोई सिर्फ एक ही संकल्प के साथ जुटा है कि एक-एक भारतीय को बचाना है। इस संकल्प ने भारत को हैरतअंगेज परिणाम दिए हैं। विशेषकर PPE, मास्क और टेस्ट किट्स को लेकर भारत ने जो किया, वो एक बड़ी सफलता है। 

हाईटेक लैब्स में सिर्फ कोरोना ही नहीं अन्य बीमारियों की भी जांच होगी

उन्होंने कहा कि  एक एक अच्छी बात ये भी है कि इन हाईटेक लैब्स में सिर्फ कोरोना ही नहीं अन्य बीमारियों की जांच होगी। भविष्य में, Hepatitis B और C, HIV, डेंगू समेत अन्य बीमारियों की टेस्टिंग के लिए भी इन लैब्स में सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। कोरोना के खिलाफ इस बड़ी और लंबी लड़ाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण था कि देश में तेजी के साथ Corona Specific Health Infrastructure का निर्माण हो। इसी कारण से बहुत शुरुआत में ही सेंट्रल गवर्नमेंट ने 15 हजार करोड़ रुपए के पैकेज का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा कि आइसोलेशन सेंटर हों, कोविड स्पेशल हॉस्पिटल हो, टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रैकिंग से जुड़ा नेटवर्क हो, भारत ने बहुत ही तेज़ गति से अपनी क्षमताओं का विस्तार किया। आज भारत में 11 हजार से ज्यादा Covid Facilities हैं, 11 लाख से ज्यादा Isolations Beds हैं।