Advertisement

Highlights:

  • एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के फाइनल में पहुंची भारतीय हॉकी टीम 
  • भारत ने सेमीफाइनल में साउथ कोरिया को 8-1 से दी करारी शिकस्त
  • दिलप्रीत सिंह और शिलानंद लाकरा ने दागे दो-दो गोल 
  • हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर किया शानदार गोल

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): Asian Champions Trophy 2026: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के फाइनल में धमाकेदार अंदाज में जगह बना ली है। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में साउथ कोरिया को 8-1 से करारी शिकस्त दी। मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया।

ADVERTISEMENT

भारत की इस शानदार जीत के हीरो दिलप्रीत सिंह और शिलानंद लाकरा रहे। दोनों खिलाड़ियों ने दो-दो गोल दागकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इसके अलावा कप्तान हरमनप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, अंगद बीर सिंह और विवेक सागर प्रसाद ने भी गोल किए।इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपना अजेय अभियान जारी रखते हुए खिताबी मुकाबले में जगह पक्की कर ली है। अब फाइनल में भारतीय टीम का सामना जापान से होगा। टीम इंडिया की नजर छठी बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम करने पर होगी।

पहले क्वार्टर में भारत का आक्रामक अंदाज, दागे तीन गोल

साउथ कोरिया के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। भारतीय खिलाड़ियों ने विपक्षी टीम को संभलने का ज्यादा मौका नहीं दिया। मैच के चौथे मिनट में शिलानंद लाकरा ने शानदार गोल करके भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, दक्षिण कोरिया ने जल्द ही वापसी की। कोरिया के सांगजुन हन ने नौवें मिनट में गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद भारतीय टीम ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाया। नौवें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इसे गोल में बदलकर टीम को 2-1 से आगे कर दिया। भारतीय कप्तान का पेनल्टी कॉर्नर पर शानदार प्रदर्शन एक बार फिर देखने को मिला। पहले क्वार्टर के 13वें मिनट में शिलानंद लाकरा ने अपना दूसरा गोल दाग दिया। इसके साथ ही भारत ने पहले क्वार्टर में 3-1 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली।

दूसरे क्वार्टर में दिलप्रीत सिंह का जलवा, भारत ने दागे तीन गोल

दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम का आक्रामक प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान दिलप्रीत सिंह ने अपने शानदार खेल से सबका ध्यान खींचा। मैच के 21वें मिनट में सुखजीत सिंह ने गोल दागकर भारत की बढ़त 4-1 कर दी। टूर्नामेंट में यह उनका पांचवां गोल रहा। इसके तुरंत बाद दिलप्रीत सिंह ने भी गोल करने में देर नहीं लगाई। उन्होंने 21वें मिनट में गोल करके भारत को 5-1 की बढ़त दिला दी। दिलप्रीत यहीं नहीं रुके। 25वें मिनट में उन्होंने एक बार फिर शानदार फिनिशिंग का प्रदर्शन किया। हरमनप्रीत सिंह के बेहतरीन पास पर दिलप्रीत ने अपना दूसरा गोल दागा और भारत को 6-1 से आगे कर दिया। दूसरे क्वार्टर के समाप्त होने तक भारतीय टीम मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बना चुकी थी।

तीसरे और चौथे क्वार्टर में भी भारत का दबदबा

मैच के तीसरे क्वार्टर में भी भारतीय खिलाड़ियों ने साउथ कोरिया पर दबाव बनाए रखा। खेल के 36वें मिनट में अंगद बीर सिंह ने शानदार गोल करके भारत की बढ़त 7-1 कर दी। इसके बाद भारतीय टीम ने अपनी रफ्तार कम नहीं होने दी। कोरियाई खिलाड़ियों ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस और गोलकीपर ने उनके प्रयासों को सफल नहीं होने दिया। मुकाबले के 54वें मिनट में विवेक सागर प्रसाद ने गोल दागकर भारत के स्कोर को 8-1 तक पहुंचा दिया। आखिरकार भारतीय टीम ने 8-1 के बड़े अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया और शानदार अंदाज में फाइनल का टिकट हासिल किया।

जापान ने मलेशिया को हराकर फाइनल में बनाई जगह

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के पहले सेमीफाइनल में जापान और मलेशिया के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। निर्धारित समय में मुकाबला निर्णायक स्थिति तक नहीं पहुंच सका और मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। इसमें जापान ने मलेशिया को 5-3 से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। अब टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में भारत और जापान आमने-सामने होंगे। दोनों टीमों के बीच होने वाली इस भिड़ंत पर हॉकी प्रशंसकों की नजरें रहेंगी।

छठी बार चैंपियन बनने उतरेगी टीम इंडिया

भारतीय हॉकी टीम का एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार रिकॉर्ड रहा है। टीम इंडिया सातवीं बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची है। अब हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में भारतीय खिलाड़ियों के सामने छठी बार खिताब जीतने की चुनौती होगी। सेमीफाइनल में साउथ कोरिया के खिलाफ 8-1 की बड़ी जीत से भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत हुआ होगा। दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकरा, सुखजीत सिंह और कप्तान हरमनप्रीत सिंह जैसे खिलाड़ियों से फाइनल में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। जापान के खिलाफ खिताबी मुकाबले में भारत की कोशिश अपने आक्रामक खेल और मजबूत डिफेंस के दम पर एक बार फिर चैंपियन बनने की होगी।