पटना। आदर्श चुनाव आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े 2009 के भागलपुर जिले के पीरपैंती पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मुकदमे में शनिवार को कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजीत शर्मा क को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया।
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इससे पहले एमएलए ने प्रबल दत्ता की एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर किया। मामले में केस रिकार्ड निर्णय बिंदु पर रहने के कारण सुनवाई की और दूसरी पाली में तीन बजे एमएलए शर्मा को प्रबल दत्ता की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 11 अगस्त 2022 को निर्णय की तिथि में अनुपस्थित रहने पर कोर्ट में दाखिल बंधपत्र को रद करते हुए उनके विरुद्ध गैरजमानती वारंट जारी कर दिया था।
बहुजन समाज पार्टी से 2009 में चुनाव लड़ने वाले अजीत शर्मा के विरुद्ध पीरपैंती के टोपरा क्षेत्र में कपड़े का बैनर सरकारी पोल में लगा देखा गया था। एरिया का मुआयना करने निकले तत्कालीन अंचल निरीक्षक उपेन्द्र रजक ने बैनर जब्त किया था। बैनर में बहुजन समाज पार्टी के कैंडिडेट अजीत शर्मा की फोटो लगी थी। उन्होंने आसपास के अन्य लोगों से पूछताछ बाद पीरपैंती पुलिस स्टेशन में शर्मा के विरुद्ध आदर्श चुनाव आचार संहिता का केस दर्ज कराया था। दर्ज केस में पुलिस की जांच बाद उनके विरुद्ध लगे आरोप को सत्य पाते हुए पुलिस ने 17 मई 2009 में आरोपपत्र दाखिल किया था।