धनबाद: मुसलमान देश में किरायेदार नहीं, बराबर के हिस्सेदार: गुलाम रसूल बलियावी

धनबाद के टाउन हाल में आयोजित मिल्ली कन्वेंशन एदार-ए-शरिया में अधिकारों की प्राप्ति, सामाजिक बुराइयों का खात्मा, शिक्षा के स्तर को बढ़ाने एवं मुस्लिम समुदाय के अन्य ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई। सैयद नुरुल-एन बरकाती की अध्यक्षता में आयोजित मिल्ली कन्वेंशन एदार-ए-शरिया में धनबाद सहित दूसरे जिलों के लोग भी शामिल हुए। कन्वेंशन के चीफ गेस्ट एक्स एमपी सह केंद्रीय एदार-ए-शरिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना गुलाम रसूल बलियावी, जबकि स्पेशल गेस्ट के तौर पर एदार-ए-शरिया झारखंड के नाजिम-ए-आला आल्लामा मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी शामिल हुए। 

धनबाद: मुसलमान देश में किरायेदार नहीं, बराबर के हिस्सेदार: गुलाम रसूल बलियावी
  • झारखंड में मुसलमानों की चिता करने वाला कोई नहीं 
  • धनबाद में मिल्ली कन्वेंशन एदार-ए-शरिया
धनबाद। कोयला रजधानी धनबाद के टाउन हाल में आयोजित मिल्ली कन्वेंशन एदार-ए-शरिया में अधिकारों की प्राप्ति, सामाजिक बुराइयों का खात्मा, शिक्षा के स्तर को बढ़ाने एवं मुस्लिम समुदाय के अन्य ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई। सैयद नुरुल-एन बरकाती की अध्यक्षता में आयोजित मिल्ली कन्वेंशन एदार-ए-शरिया में धनबाद सहित दूसरे जिलों के लोग भी शामिल हुए। कन्वेंशन के चीफ गेस्ट एक्स एमपी सह केंद्रीय एदार-ए-शरिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना गुलाम रसूल बलियावी, जबकि स्पेशल गेस्ट के तौर पर एदार-ए-शरिया झारखंड के नाजिम-ए-आला आल्लामा मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी शामिल हुए। 

बलियावी ने कहा कि देश के मुसलमान किराएदार नहीं है बल्कि बराबर के हिस्सेदार हैं। इसीलिए कोई भी व्यक्ति इसे दो नंबर के नागरिक समझने की गलती न करें। आज के बाजार में कीमत उसी की बड़ी होती है, जिसकी किल्लत होती है। कोरोना काल में सभी ने देखा कि कैसे जरूरत की सामग्री की बाजार में कमी कर दी गई ताकि कीमत बढ़ जाए। इसलिए आपलोगों से अपील है कि राजनीति में इतनी किल्लत पैदा कर दीजिए की आपकी पूछ बढ़ जाए। अपना वोट सिर्फ किसी को हराने के लिए न हो।

उन्होंने कहा कि जब तक जुनून की हद तक अपनी सफलता के प्रति यह समुदाय जागरूक नहीं होगा, तब तक इनकी दयनीय स्थिति में सुधार नहीं हो सकती। पूरे देश में विशेषकर झारखंड राज्य के मुस्लिम समुदाय के पिछड़ेपन पर चिता व्यक्त करते हुए बलियावी ने कहा कि जब तक समुदाय जागरूक नहीं होगा, तब-तक इनकी दयनीय स्थिति में सुधार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य में मदरसों से पढ़े छात्र-छात्राओं को सिविल सर्विसेज एग्जाम की तैयारी फ्री करा कर उसे विकास के मुख्यधारा में लाया गया।  झारखंड में इस समुदाय की सुध लेने वाला कोई नहीं। 
उन्होंने मुस्लिम समुदाय से आह्वान किया कि वह शिक्षा एवं व्यवसाय के मैदान में कामयाब संघर्ष करें। उन्होंने कहा कि बिहार अगर दायां हाथ है तो झारखंड बायां हाथ। एक हाथ से आधी जमात की हिफाजत नहीं की जा सकती । 
 
एदार-ए-शरिया झारखंड के मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा कि हर सफलता के प्रथम और अंतिम पायदान शिक्षा है। इसके बगैर जीवन अधूरा है। राज्यभर के कोने-कोने में एदार-ए-शरिया ने जो जागरुकता पैदा की है। वह समुदाय और राज्य की नई दशा और दिशा तय करेगी।मौलाना आसिफ इकबाल ने कहा कि एदार-ए-शरिया झारखंड की आवाज पर झारखंड राज्य के मुस्लिम समुदाय तैयार रहते हैं, जिनकी समस्याओं का समाधान एदार-ए-शरिया करता है। पूर्व मंत्री मननान मलिक ने कहा कि एदार ए शरिया झारखंड राज्य का एक बड़ा एदारा है, लोगों को चाहिए के वह एदारा के साथ चलें।
 
एदार-ए-शरिया के मिल्ली कन्वेंशन में जामिया मिलिया के प्रोफेसर वाहिद नजीर, जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर एमपी हसन, मौलाना आसिफ इकबाल, प्रसिद्ध कवि मौलाना दिलक़श रजवी, मुफ्ती फैजुल्लाह मिस्बाही, मौलाना डा. अहकरुल कादरी, मुफ्ती गुलाम फारुक, मौलाना डा. ताजुद्दीन, काजी मसउद फरीदी, मौलाना आफताब जिया, डा. ताजुद्दीन, मुफ्ती फैजुल्लाह मिस्बाही, इरफान अहमद काजू, प्रोफेसर वाहिद नजीर, प्रोफेसर एमपी हसन, प्रोफेसर एक्यू अंसारी, का़जी मसूद, मौलाना गुलाम फारूक मिस्बाही, मुफ्ती रिजवान अहमद मिस्बाही, मौलाना आफताब जया, इम्तियाज नज्मी, शाहिद कमर आदि उपस्थित थे।