BCCL कांटा पहाड़ी खदान हादसा: सात मजदूरों की मौत पर बड़ा एक्शन, DGMS ने चार अफसरों पर दर्ज कराया केस
धनबाद के कांटा पहाड़ी मां अंबे आउटसोर्सिंग खदान में हुए भू-धंसान हादसे में 7 लोगों की मौत के मामले में DGMS ने जांच पूरी कर चार अधिकारियों पर केस दर्ज कराया है। बीआईटी सिंदरी की रिपोर्ट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई है।
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ी भारी
- बीआईटी सिंदरी की जांच में ओबी डंप की ढलान में गंभीर खामियां उजागर
- सात मौतों पर DGMS का शिकंजा
धनबाद (Threesocieties.com Desk)। बीसीसीएल के कतरास क्षेत्र स्थित कांटा पहाड़ी मां अंबे आउटसोर्सिंग पैच में हुए भीषण भू-धंसान और सात लोगों की मौत के मामले में अब बड़ी कार्रवाई हुई है। खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) ने लंबी जांच और वैज्ञानिक अध्ययन के बाद सुरक्षा मानकों की अनदेखी का दोषी पाते हुए चार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ धनबाद के सीजीएम (न्यायालय) में मामला दर्ज कराया है।
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डीजीएमएस ने 24 फरवरी को माइंस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद अब न्यायालय की ओर से संबंधित अधिकारियों को समन जारी किया जायेगा।
लंबी जांच के बाद DGMS की बड़ी कार्रवाई
इस दर्दनाक हादसे के बाद डीजीएमएस की तीन सदस्यीय टीम ने विस्तृत जांच शुरू की थी। जांच के दौरान घटनास्थल का वैज्ञानिक अध्ययन किया गया और विशेषज्ञों की राय ली गई। जांच में पाया गया कि खनन कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी की गई थी। इसी लापरवाही के कारण यह घातक दुर्घटना हुई, जिसमें सात लोगों की जान चली गई। डीजीएमएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
400 फीट गहरी खाई में गिरी थी सर्विस वैन
यह हादसा सितंबर 2025 की शुरुआत में हुआ था। खदान क्षेत्र में अचानक भू-धंसान और लैंडस्लाइड हो गया था। उसी दौरान मजदूरों और कर्मचारियों को लेकर जा रही एक सर्विस वैन चट्टानों की चपेट में आकर करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गई थी। इस दुर्घटना में वैन में सवार सभी लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद बचाव अभियान लगभग 26 घंटे तक चला, जिसके बाद सभी शव बरामद किए जा सके।
बीआईटी सिंदरी की रिपोर्ट में सामने आई बड़ी खामियां
घटना के बाद बीसीसीएल प्रबंधन ने मामले का वैज्ञानिक अध्ययन कराने के लिए बीआईटी सिंदरी के विशेषज्ञों की टीम को जिम्मेदारी दी थी। टीम ने अपनी रिपोर्ट में हादसे की मुख्य वजह ओबी डंप (ओवरबर्डन मलबे का पहाड़) की गलत ढलान को बताया है।
रिपोर्ट के अनुसार:
मलबे के पहाड़ की ढलान तैयार करते समय कई तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई
स्लोप (ढलान) का कोण सही तरीके से निर्धारित नहीं किया गया
मलबा वैज्ञानिक तरीके से नहीं डाला गया
बेंच की वहनीयता (Sustainability of benches) का ध्यान नहीं रखा गया
इन खामियों के कारण ओबी डंप का हिस्सा खिसक गया और भारी मात्रा में मिट्टी-पत्थर नीचे आ गया।
25 मीटर बेंच खिसकी, 10 मीटर हाल रोड ढहा
वैज्ञानिक अध्ययन में यह भी सामने आया कि खदान के अंदर लगभग 25 मीटर की बेंच खिसक गई थी, जिसके चलते करीब 10 मीटर का हाल रोड भी ढह गया। इसके अलावा हाईवाल बेंच फेल्योर लगभग 20 से 25 मीटर के दायरे में हुआ था, जिसने पूरे क्षेत्र को अस्थिर बना दिया।
हादसे में इन लोगों की हुई थी मौत
इस दुर्घटना में कुल सात लोगों की जान चली गई थी, जिनमें चालक, सुपरवाइजर और आउटसोर्सिंग कंपनी के कर्मचारी शामिल थे।
मृतकों में शामिल हैं:
गयासुर दास – सर्विस वैन चालक
अमन कुमार सिंह – मैकेनिक सुपरवाइजर
राहुल रवानी – आउटसोर्सिंग कर्मचारी
रूपक महतो – आउटसोर्सिंग कर्मचारी
स्वरूप गोप – आउटसोर्सिंग कर्मचारी
अमित बगाल – आउटसोर्सिंग कर्मचारी
एक अन्य कर्मचारी, जिसकी पहचान बाद में पुष्टि की गई
हादसे के बाद से खदान में काम बंद
इस घटना के बाद डीजीएमएस के निर्देश पर मां अंबे आउटसोर्सिंग पैच में खनन कार्य बंद कर दिया गया है। फिलहाल खदान से केवल पानी निकासी का काम चल रहा है। बीसीसीएल प्रबंधन का कहना है कि बीआईटी सिंदरी की रिपोर्ट में दिए गए सुझावों पर काम किया जा रहा है। जब सभी सुरक्षा सुधार पूरे हो जाएंगे और डीजीएमएस को रिपोर्ट भेज दी जाएगी, तभी यहां दोबारा खनन की अनुमति मिल सकेगी।






