दिल्ली की आग में उजड़ गया पूरा परिवार: गुरुग्राम के CA विवेक समेत 8 की मौत, सिर्फ बीमार पिता बचे

दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई। गुरुग्राम के CA विवेक अग्रवाल समेत एक ही परिवार के 8 सदस्यों की दर्दनाक मौत ने सभी को झकझोर दिया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

दिल्ली की आग में उजड़ गया पूरा परिवार: गुरुग्राम के CA विवेक समेत 8 की मौत, सिर्फ बीमार पिता बचे
दिल्ली अग्निकांड का सबसे दर्दनाक चेहरा।

  • गुरुग्राम के एक ही परिवार के 8 सदस्य जिंदा जल गए
  • CA विवेक अग्रवाल, पत्नी, बेटियां, मां, मौसा-मौसी समेत पूरा परिवार खत्म
  • बीमार पिता अस्पताल में भर्ती होने के कारण अकेले बचे
  • लोगों ने खिड़कियां तोड़कर बचाने की कोशिश की, कई लोग जान बचाने को कूदे

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार को हुआ भीषण अग्निकांड कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। लेकिन इस हादसे की सबसे दर्दनाक कहानी गुरुग्राम के उस परिवार की है, जिसने कुछ ही मिनटों में अपने 8 सदस्यों को खो दिया।

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गुरुग्राम सेक्टर-46 निवासी CA विवेक अग्रवाल अपने परिवार के साथ दिल्ली आए थे। उनके पिता की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार के सदस्य अस्पताल में भर्ती पिता से मिलने पहुंचे थे और बुधवार सुबह नाश्ता करने होटल पहुंचे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी सुबह साबित होगी।

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नाश्ते के दौरान मची तबाही

बताया जा रहा है कि परिवार ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में नाश्ता कर रहा था, तभी अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग और धुएं ने पूरे होटल को अपनी चपेट में ले लिया। लोग जान बचाने के लिए चीखते रहे, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोग बाहर नहीं निकल सके।

एक साथ खत्म हो गया पूरा परिवार

इस हादसे में विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तर्जनी, बेटियां जीविशा और वारिया, मां प्रेमलता, मौसा अशोक गोयल, मौसी कमला और परिवार की सदस्य झिमरी अग्रवाल की मौत हो गई। सबसे दर्दनाक बात यह है कि परिवार के मुखिया राधेश्याम अग्रवाल, जो अस्पताल में भर्ती थे, अब अकेले बच गए हैं। उनकी देखभाल करने वाला पूरा परिवार खत्म हो चुका है।

चीखों से गूंज उठा इलाका

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई धमाकों जैसी आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद आसपास के लोग दौड़ पड़े। लोगों ने होटल की खिड़कियां तोड़ीं, सड़क पर गद्दे बिछाए और अंदर फंसे लोगों को बचाने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कई लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूद रहे थे। पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मची हुई थी।

अस्पताल के बाहर रोते-बिलखते रहे परिजन

हादसे के बाद मैक्स अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में परिजन पहुंच गए। अस्पताल में कुल 39 लोगों को लाया गया, जिनमें बड़ी संख्या में लोग गंभीर हालत में थे। यह हादसा सिर्फ एक आग नहीं, बल्कि कई परिवारों की पूरी दुनिया उजड़ जाने की कहानी बन गया है।