धनबाद में कचरे से बनेगी सड़क! IIT-ISM और नगर निगम की नई पहल, पिट वाटर से भी बुझायी जायेगी शहर की प्यास
धनबाद में IIT-ISM और नगर निगम मिलकर प्लास्टिक कचरे से सड़क बनाने और कोयला खदानों के पिट वाटर को शुद्ध कर पेयजल के रूप में उपयोग करने की योजना पर काम करेंगे। DC की बैठक में शहर के जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी विकास की कई योजनाओं पर चर्चा हुई।
- प्लास्टिक कचरे से सड़क और पिट वाटर से पेयजल, शहर के लिए नई योजना
धनबाद (Threesocieties.com Desk)। कोयला राजधानी धनबाद में शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू हो गई है। नगर निगम और IIT-ISM मिलकर शहर में प्लास्टिक कचरे से सड़क बनाने की संभावनाएं तलाशेंगे, वहीं कोयला खदानों में जमा पिट वाटर को शुद्ध कर पेयजल के रूप में उपयोग करने की योजना पर भी काम किया जायेगा।
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इन मुद्दों पर गुरुवार को उपायुक्त आदित्य रंजन की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में धनबाद नगर निगम की विभिन्न परियोजनाओं, सुधारात्मक पहलों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
पिट वाटर को पेयजल में बदलने की तैयारी
बैठक में गर्मी के मौसम को देखते हुए जल संकट से निपटने के उपायों पर विशेष जोर दिया गया। कोयला खदानों में जमा पिट वाटर को शुद्ध कर पेयजल स्तर तक उपयोग में लाने की संभावना पर चर्चा हुई। इसके लिए बीसीसीएल और जिला प्रशासन के बीच समन्वय से काम करने की योजना बनाई जा रही है। साथ ही शहर के अलग-अलग स्थानों पर पिट वाटर आधारित पेयजल कियोस्क स्थापित करने पर भी विचार किया गया।
IIT-ISM के साथ प्लास्टिक आधारित सड़क पर चर्चा
बैठक में यह भी तय हुआ कि IIT-ISM और धनबाद नगर निगम मिलकर शहर में प्लास्टिक अपशिष्ट के उपयोग की संभावनाओं पर अध्ययन करेंगे। इसके तहत: प्लास्टिक आधारित सड़क निर्माण, कार्बन नैनो ट्यूब तकनीक व हाइड्रोजन उत्पादन जैसे विकल्पों पर विचार किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे एक तरफ प्लास्टिक कचरे की समस्या कम होगी, वहीं दूसरी तरफ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
तालाबों के विकास की योजनाओं पर चर्चा
बैठक के दौरान नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने शहर के कई जलाशयों और तालाबों के विकास कार्यों की जानकारी दी। इनमें प्रमुख रूप से
झरिया राजा तालाब
लोको टैंक तालाब
वार्ड 19 और 20 स्थित पंपू तालाब
के विकास और संरक्षण की योजनाओं पर चर्चा हुई। इसके साथ ही वर्षा जल संचयन की निगरानी, जलाशयों के रखरखाव और जल सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों पर भी जोर दिया गया।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मिलेगा नया रूप
नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं
कचरा वाहनों की ट्रैकिंग प्रणाली
कचरा संग्रहण में पारदर्शिता
संसाधनों के दुरुपयोग पर नियंत्रण
साथ ही शहर में वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र के निर्माण की प्रगति और उसके जल्द संचालन पर भी चर्चा की गई।
ट्रैफिक, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा पर भी जोर
बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को मजबूत करने के लिए तकनीकी उपायों पर भी चर्चा हुई। तय हुआ कि
स्ट्रीट लाइट की नियमित निगरानी होगी
खराब लाइटों की जल्द मरम्मत होगी
संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाएगी
महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और डिलीवरी कर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
शहर के विकास से जुड़ी कई परियोजनाओं पर मंथन
बैठक में पार्क, फूड कोर्ट, खेल मैदान और तालाबों को जन उपयोग में लाने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा सार्वजनिक शौचालयों की सुविधाओं में सुधार, सुलभ इंटरनेशनल द्वारा संचालित शौचालयों को शिकायत निवारण प्रणाली से जोड़ना, सफाई मित्रों के कल्याण, कांजी हाउस और स्लॉटर हाउस, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार किया गया।
शहर में गड्ढों की मरम्मत की बनेगी कार्ययोजना
बैठक के दौरान एसएसपी प्रभात कुमार ने सड़क डिवाइडरों के किनारे क्षतिग्रस्त ग्रिलों की मरम्मत का मुद्दा उठाया। इस पर उपायुक्त ने शहरी क्षेत्र में गड्ढों (पॉटहोल) की मरम्मत के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। बैठक में डीडीसी सन्नी राज समेत जिला प्रशासन और नगर निगम के कई अधिकारी मौजूद रहे।






