पटना हाई कोर्ट को मिली बड़ी ताकत: 7 नए जजों की नियुक्ति, 15 जून को हो सकती है शपथ
केंद्र सरकार ने पटना हाई कोर्ट में 7 नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। 15 जून को शपथ ग्रहण की संभावना है। नियुक्तियों के बाद कोर्ट में जजों की संख्या 44 हो जाएगी, जिससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।
- पहली बार 44 जजों के साथ काम करेगा कोर्ट
पटना (Threesocieties.com Desk): न्यायिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने पटना हाई कोर्ट में सात नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है। इन नियुक्तियों के बाद पटना हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 37 से बढ़कर 44 हो जाएगी, जिससे लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण की उम्मीद बढ़ गई है।
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विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा बुधवार को जारी अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रपति ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217 और 224 के तहत इन नियुक्तियों को स्वीकृति प्रदान की है। अधिसूचना जारी होते ही न्यायिक और कानूनी हलकों में इसे एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
किन-किन अधिवक्ताओं को मिली जिम्मेदारी
केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार अधिवक्ता रंजन कुमार झा, कुमार मनीष और राज कुमार को पटना हाई कोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वहीं राणा विक्रम सिंह, विकास कुमार, गिरिजेश कुमार और आलोक कुमार को दो वर्षों की अवधि के लिए अतिरिक्त न्यायाधीश बनाया गया है। इन सभी नियुक्तियों का प्रभाव उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से लागू होगा।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की थी सिफारिश
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 26 फरवरी 2026 को पटना हाई कोर्ट के लिए कुल नौ अधिवक्ताओं के नामों की अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजी थी। हालांकि ताजा अधिसूचना में सात नामों को ही मंजूरी मिली है। अब भी अधिवक्ता मो. नदीम सिराज और संजीव कुमार की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि शेष दो नामों पर भी जल्द निर्णय लिया जा सकता है।
पहली बार 44 जजों के साथ काम करेगा पटना हाई कोर्ट
पटना High Court में न्यायाधीशों के कुल स्वीकृत पद 53 हैं। वर्तमान में 37 जज कार्यरत हैं। नए सात न्यायाधीशों के शपथ लेने के बाद यह संख्या बढ़कर 44 हो जाएगी। न्यायिक इतिहास में यह पहला अवसर होगा जब पटना हाई कोर्ट इतनी बड़ी संख्या में न्यायाधीशों के साथ कार्य करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से वर्षों से लंबित पड़े हजारों मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी और न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।
15 जून को हो सकता है शपथ ग्रहण
सूत्रों के अनुसार सभी नवनियुक्त न्यायाधीश 15 जून को पद एवं गोपनीयता की शपथ ले सकते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। शपथ ग्रहण के बाद उन्हें विभिन्न पीठों में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
लंबित मामलों पर पड़ेगा असर
पटना हाई कोर्ट में बड़ी संख्या में दीवानी, फौजदारी, सेवा, भूमि विवाद और जनहित याचिकाओं से जुड़े मामले लंबित हैं। न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से इन मामलों की सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला बिहार की न्यायिक व्यवस्था को अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।






