एक कॉल पर एक्शन में बिहार पुलिस: नोट कर लें DGP कंट्रोल रूम के 9031829339-40 हेल्पलाइन नंबर

बिहार पुलिस ने DGP कंट्रोल रूम के लिए 9031829339 और 9031829340 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। अब एक कॉल पर होगी कार्रवाई। DGP विनय कुमार ने अपराध, साइबर क्राइम और ड्रग्स पर बड़ा बयान दिया।

एक कॉल पर एक्शन में बिहार पुलिस: नोट कर लें DGP कंट्रोल रूम के 9031829339-40 हेल्पलाइन नंबर
DGP विनय कुमार (फाइल फोटो)।
  • अब शिकायत, सुझाव या मदद के लिए सीधे DGP कंट्रोल रूम से बात कर सकेंगे बिहार के नागरिक
  • बिहार पुलिस ने जारी किए DGP कंट्रोल रूम के दो हेल्पलाइन नंबर,
  • 9031829339 और 9031829340 पर सीधे कर सकेंगे कॉल
  • अपराध ग्राफ में गिरावट, पटना में हत्या 25% कम
  • ड्रग्स और साइबर क्राइम DGP के लिए सबसे बड़ी चुनौती
  • माओवादी गतिविधियां लगभग खत्म, सीमाओं पर चौकसी बढ़ी

पटना। बिहार पुलिस ने आम नागरिकों को त्वरित सहायता देने और शिकायतों के समाधान के लिए एक अहम पहल की है। पुलिस मुख्यालय की ओर से डीजीपी नियंत्रण कक्ष के लिए दो हेल्पलाइन नंबर 9031829339 और 9031829340 जारी किए गए हैं। अब राज्य के लोग एक कॉल पर अपनी समस्या, शिकायत, सुझाव या किसी भी तरह की सहायता के लिए सीधे संपर्क कर सकेंगे।

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पुलिस मुख्यालय से शुक्रवार को जारी जानकारी के अनुसार, यह हेल्पलाइन तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। इसके जरिए कानून-व्यवस्था, पुलिस से जुड़ी शिकायतें, स्थानीय स्तर पर अनदेखी या किसी भी प्रकार की परेशानी को सीधे डीजीपी कंट्रोल रूम के संज्ञान में लाया जा सकेगा।पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि इस हेल्पलाइन का उपयोग केवल वास्तविक और गंभीर मामलों में ही करें, ताकि त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

अपराध पर नियंत्रण, फिर भी संतुष्ट नहीं DGP

बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने कहा कि राज्य में अपराध के ग्राफ में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। पटना में हत्याकांड के मामलों में 25 प्रतिशत की कमी आई है। पिछले दो दशकों में राज्य के अन्य जिलों में भी कई गंभीर अपराधों में कमी देखी गई है।हालांकि, डीजीपी ने साफ कहा कि वे इससे संतुष्ट नहीं हैं।

“हम तो ऐसा चाहते हैं कि हत्या या किसी भी गंभीर अपराध का कोई मामला ही दर्ज न हो,” – डीजीपी विनय कुमार

पुलिस मुठभेड़ और गिरफ्तारी पर DGP का बयान

हाल के दिनों में पुलिस मुठभेड़ों को लेकर पूछे गए सवाल पर डीजीपी ने कहा कि मुठभेड़ सुनियोजित नहीं होती। बीते साल पुलिस ने करीब पौने चार लाख लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से कुछ मामलों में पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी, जिसमें पुलिसकर्मियों की मौत भी हुई है।

ड्रग्स और साइबर अपराध बड़ी चुनौती

डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में ड्रग्स और साइबर अपराध बिहार पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं। चिंता की बात यह है कि इन अपराधों में कम उम्र के किशोर और युवा बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं।
इन अपराधों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

माओवादी गतिविधियों पर लगभग विराम

डीजीपी ने बताया कि राज्य में माओवादी गतिविधियां अब समाप्ति की ओर हैं। हाल ही में मुंगेर में तीन बड़े माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि बेगूसराय में एक माओवादी पुलिस कार्रवाई में मारा गया।

सीमाओं पर कड़ी निगरानी

भारत-नेपाल सीमा पर रक्सौल से तीन बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी के बाद नेपाल और बंगाल से सटे जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। सीमावर्ती इलाकों में चौकसी और सख्त कर दी गयी है।