बांग्लादेश में फिर हिंदू को जिंदा जलाने की कोशिश: भीड़ ने चाकुओं से गोदा, पेट्रोल डालकर लगाई आग

बांग्लादेश में फिर हिंदू पर जानलेवा हमला। शरियतपुर में दवा विक्रेता खोकन दास को चाकुओं से गोदकर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश। 15 दिन में दूसरा मामला।

बांग्लादेश में फिर हिंदू को जिंदा जलाने की कोशिश: भीड़ ने चाकुओं से गोदा, पेट्रोल डालकर लगाई आग
बांग्लादेश में अशांति का दौर जारी।
  • 15 दिन में दूसरा मामला

ढाका। बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, खासतौर पर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। शरियतपुर जिले में एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक हिंदू दवा विक्रेता पर भीड़ ने बेरहमी से हमला कर उसे जिंदा जलाने की कोशिश की।

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31 दिसंबर को शरियतपुर जिले में रहने वाले 50 वर्षीय खोकन दास अपनी फार्मेसी की दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में कुछ लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। पहले उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया, फिर जमकर पिटाई की गई और इसके बाद उनके शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की गई।आग की लपटों से घिरे खोकन दास किसी तरह जान बचाने में सफल रहे, लेकिन इस हमले में वे बुरी तरह झुलस गए। गंभीर हालत में उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

15 दिन में हिंदू को जलाने का दूसरा मामला

यह घटना बांग्लादेश में बीते 15 दिनों के भीतर हिंदू समुदाय को निशाना बनाकर की गयी दूसरी जिंदा जलाने की कोशिश है। इससे पहले 18 दिसंबर को मैमनसिंह जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला था और फिर उसके शव को पेड़ से लटकाकर आग लगा दी गई थी। बाद में जांच में आरोप झूठे पाये गये।

12 दिन में तीन हिंदुओं की हत्या

मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, बांग्लादेश में बीते कुछ हफ्तों में हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं।

18 दिसंबर: दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा हत्या

24 दिसंबर: राजबाड़ी जिले में हिंदू युवक अमृत मंडल की पीट-पीटकर हत्या

29 दिसंबर: मैमनसिंह में कपड़ा फैक्ट्री के हिंदू कर्मचारी बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या

अल्पसंख्यकों पर बढ़ती हिंसा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान हिंदुओं सहित अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा में इजाफा हुआ है। कई इलाकों में हिंदू घरों को आग के हवाले करने, जबरन धर्मांतरण और हमलों की घटनायें सामने आई हैं। इन घटनाओं पर भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने गंभीर चिंता जताई है।

भारत सरकार ने हाल ही में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ “लगातार जारी शत्रुता” पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए स्थिति पर नजर बनाये रखने की बात कही है।फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों में डर और तनाव का माहौल बना हुआ है।