दीदी मुझे थप्पड़ मारना चाहती हैं, वह भी खा लूंगा, दीदी! चिटफंड घोटाला करने वालों को भी थप्पड़ मारने का दम दिखाया होता
23 के बाद एसपी-बीएसपी को समझ में आ जायेगा 37-38 का खेल
पांच चरण के मतदान के बाद कांग्रेस पार्टी तो मैच खेले बगैर ही मैदान से बाहर हो चुकी है
कोलकाता/लखनऊ : प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी ने नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के बांकुरा और पुरुलिया में चुनवी सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मैं तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दीदी कहकर आदर देता हूं. वह मुझे थप्पड़ मारना चाहती हैं तो वह भी खा लूंगा.यह मेरे लिए आशीर्वाद होगा. मोदी ने कहा कि दीदी कितनी परेशान हैं, उसका अंदाजा उनकी भाषा से लगाया जा सकता है. वे अब मेरे लिए पत्थरों और थप्पड़ों की बात करती हैं. मुझे तो गालियों की आदत है, लेकिन बौखलाहट में दीदी देश के संविधान का भी अपमान कर रही हैं. पश्चिम बंगाल के लोगों के साथ किया गया यह विश्वासघात ही दीदी को ले डूबेगा. इस माहौल में जिस शक्ति के साथ आप टीएमसी के गुंडों के सामने खड़े हो रहे हैं, उसकी पूरे देश में चर्चा है. दीदी के अत्याचार ही उनके शासन को उखाड़ फेंकने का काम कर रहे हैं. दीदी की पार्टी वाले तो मनरेगा को नहीं छोड़ रहे. जॉब कार्ड गरीबों का अधिकार है, लेकिन उसे भी टीएमसी के तोलेबाजों ने दबाकर रखा है। ये लोग गरीबों के निवाले की भी चोरी करते हैं.

मोदी ने कहा कि दीदी को उन बेटियों के गुस्से की चिंता करनी चाहिए, जिनके साथ आए दिन यहां अत्याचार होते हैं. उन युवा साथियों के गुस्से की चिंता करनी चाहिए, जिनको परीक्षा पास करने के बावजूद नौकरी नहीं मिली. उन कर्मचारियों के गुस्से की चिंता करनी चाहिए, जिनको सैलरी नहीं मिलती, डीए नहीं मिल रहा.। 7वें पे कमीशन के हिसाब से वेतन नहीं मिल रहा. दीदी को उन कालीभक्तों, सरस्वतीभक्तों, दुर्गाभक्तों, रामभक्तों के गुस्से की चिंता करनी चाहिए, जिनको पूजा भी डर-डरकर करनी पड़ती है.दीदी के मन में घुसपैठियों के लिए, विदेशी कलाकारों के लिए ममता है, लेकिन आदिवासी और जो राष्ट्र की सुरक्षा में भूमिका निभा रहे हैं, उनके लिए कोई ममता नहीं. जब हमारे सपूतों ने पाकिस्तान के आतंकियों को घर में घुसकर मारा, तो दीदी ने आतंकियों की लाशें दिखाने की मांग की. जब पूरा देश सर्जिकल स्ट्राइक डे मना रहा था, तो पश्चिम बंगाल की सरकार ने ऐसा करने से इनकार कर दिया. जिस तरह आप यहां दीदी की सत्ता के विरोध में उठ खड़े हैं, उसने दीदी की जमीन खिसका दी है. मैं आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता आपके साथ है. पूरा देश आपके साथ है. पहला धक्का 23 मई को लगेगा और फिर दीदी की दमनकारी सत्ता का पतन शुरु हो जायेगा.23 मई के बाद भारत का संविधान सभी का हिसाब करेगा. देश का लोकतंत्र सभी का हिसाब चुकता करेगा.मैं आपको आश्वासन देने आया हूं कि जिन घुसपैठियों को दीदी और टीएमसी ने अपना काडर बनाया है, उनकी चुन-चुनकर पहचान होगी. जो यहां हमारी बेटियों को परेशान करते हैं, हमारे सभ्य बंगाली मानुष को परेशान करते हैं, उनकी पहचान की जायेगी. कहते हैं पुरुलिया जो आज सोचता है, वही पश्चिम बंगाल की सोच बन जाती है. जिन्होंने यहां गणतंत्र को गुंडातंत्र में बदला है, उनके दिन अब गिनती के रह गए हैं. आज देश में मोदी को गाली देने का बहुत बड़ा अभियान चल रहा है. पांच चरणों में देश ने एकमत होकर जो मतदान किया है, उससे महामिलावटी दल हताश हो चुके हैं. आपके इस प्यार को मैं ब्याज समेत विकास करके लौटाऊंगा.
लोकतंत्र के थप्पड़ का मतलब जनादेश से था,आरोप साबित हुए तो सभी 42 सीटों से उम्मीदवार वापस ले लूंगी: ममता
कोलकाता: सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि वह लोकतंत्र के थप्पड़ की बात थी. भाषा को समझिए. उन्होंने कहा कि मैं भला आपको क्यों थप्पड़ मारूंगी? मैं वैसी महिला नहीं हूं. लोकतंत्र के थप्पड़ का मतलब जनादेश से था.मोदी के आरोपों पर ममता ने चेतावनी दी कि आप कहते हैं कि तृणमूल के उम्मीदवार कोयला माफिया हैं. मैं आपको चेतावनी देती हूं. आप अगर मेरे एक भी कैंडिडेट के खिलाफ इन आरोपों को सही साबित कर दें तो मैं बंगाल की सभी 42 सीटों से अपने उम्मीदवार वापस ले लूंगी. मोदी मेरे उम्मीदवारों पर लगाए आरोप साबित नहीं कर पाए तो उन्हें जनता के सामने कान पकड़कर उठक-बैठक लगानी होगी.
उल्लेखनीय है कि ममता ने सात मई को पुरुलिया में कहा था कि पैसा मेरे लिए मायने नहीं रखता. वे (मोदी) यहां आकर मेरी पार्टी पर तोलाबाजी का आरोप लगा रहे हैं. मैं उन्हें लोकतंत्र का थप्पड़ मारना चाहती हूं.
पीएम नरेंद्र मोदी ने आजमगढ़ व जौनपुर में भाजपा विजय संकल्प रैली को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में एसी कमरों में बैठे लोग 20वीं सदी का तराजू लेकर चुनावी राजनीति को तोल रहे हैं वो जरा जौनपुर में आकर देखें.चुनाव की आंधी इसे कहते हैं, कमाल कर दिया आपने. मैं जहां जहां गया हूं भरपूर आशीर्वाद लोग दे रहे हैं। मैं सिर झुकाकर आपको नमन करता हूं.उन्होंने कहा कि पांच चरण के मतदान के बाद कांग्रेस पार्टी तो मैच खेले बगैर ही मैदान से बाहर हो चुकी है, वो मैदान छोड़ के भाग चुके हैं. सपा और बसपा इसलिए परेशान हो रहे हैं क्योंकि वोट ट्रांसफर के जिस फॉर्मूले पर इन्होने गठबंधन किया था, उस फॉर्मूले को ही जनता ने नकार दिया है. हर चरण में लोग देश हित सर्वोपरि रखते हुए वोट कर रहे हैं. पूरे देश में इनको खारिज क्यों किया यह जानना भी जरूरी है.
मोदी ने कहा कि ये लोग देश की सुरक्षा और आतंकवाद पर भी बात करने के खिलाफ है. जब देश असुरक्षित रहेगा, आतंकियों के निशाने पर रहेगा तो विकास कैसे होगा? जौनपुर उस दिन को भूल सकता है, जब श्रमजीवी एक्सप्रेस में धमाका हुआ था. 2014 से पहले आए दिन, पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेकर आए आतंकी, देश को डराते रहते थे, लेकिन बीते पांच वर्ष में, देश को दहलाने वाले ये लोग, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और जम्मू कश्मीर के छोटे से हिस्से तक सिमट गये. उन्होंने ये आपके वोट की ताकत है कि देश आज आतंकवाद के सामने मजबूती से लड़ाई लड़ रहा है. आज हमारे सपूत पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारते हैं
पीएम ने कहा कि देश में छिपे गद्दारों को मत और पंथ से ऊपर उठकर सजा दी जा रही है. देश के रक्षा और सुरक्षा से बेभिक्र बुआ और बबुआ दोनों ने मुझे आराम करने की सलाह दी है. मोदी तो सेवक है और सेवक को आराम होता है क्या.यह ऐसा सेवक है जो देश वासियों के लिए दिन रात लगा रहता है. मेहनत का परिणाम है कि आज ऐसी धूप में भी इतने उत्साह से आप आशीर्वाद देने आए हैं. 37,38 का खेल 23 के बाद समझ मे आयेगा. बहनजी को यूपी से बाहर करने का जो खेल खेला गया उन्हें आज नहीं 23 मई को समझ आयेगा.इन समाजवादी खेल के बीच जिन लोगों ने बाबा साहब आंबेडकर को भूमाफिया बताया, कदम-कदम पर अपमानित किया उन्हीं के लिए अब बहन जी वोट मांग रही हैं. पांच साल पहले इसी जौनपुर में बहन जी ने कहा था कि बाप से बेटा ज्यादा जहरीला है, क्या आप उस जहर को गरीब और वंचित में बांटने के चक्कर काट रही हो. सपा हो या बसपा इन्होंने यूपी में जातिवाद की राजनीति की है. आपस में जातिवादी दुश्मनी के कारण यूपी के लोगों के साथ भेदभाव करती रही. उन्होंने कहा ढाई साल पहले तक आपको बिजली कितनी मिलती थी याद है न. बुआ बबुआ की सरकारों ने इसी जिले में बिजली सप्लाई सुविधा नहीं स्टेटस सिंबल बन गई थी. जहां का मंत्री जितना पावरफुल वहां उतनी बिजली. इतना ही नहीं पार्टी का वोट बैंक नहीं है उसको सुविधाओं से वंचित किया जाता है, लेकिन योगी की अगुवाई में भाजपा सरकार आई तो सबका साथ सबका विकास हुआ. इसी मंत्र से यूपी में समाज के हर तबके की बिना भेदभाव सबके घर बिजली पहुंच रही है. गरीब के घर शौचालय बनता है तो मोदी को संतोष होता है. सब समाज के आखिरी पायदान पर खडे लोगों को आवास मिलता है तो मुझे लगता है मेरा बंगला बन गया. मुफ्त इलाज मिलता है तो मेरी मां भाई बीमारी से मुक्त हो गया. किसान बुनकर से लेकर मजदूर व्यापारी का जीवन आसान बने यह प्रयास चौकीदार कर रहा है.