रांची: सीएम रघुवर दास ने कहा है कि झारखंड के जनजातीय समुदाय से आनेवाले लोगों का अब एक ही बार जाति प्रमाणपत्र बनेगा, जो आजीवन मान्य होगा. राज्य के लोग जाति प्रमाणपत्र के लिए परेशान हैं. अगर खतियान में उनका नाम नहीं है तो अफसर ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामसभा तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड समितियों की अनुशंसा के आधार पर प्रमाणपत्र निर्गत करें. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जाति प्रमाणपत्र नहीं बनने की समस्या अब किसी भी कीमत पर राज्य मुख्यालय तक नहीं पहुंचनी चाहिए. अफसर यह सुनिश्चित करें कि प्रमाणपत्र के लिए किसी को बार-बार कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े. सीएम शुक्रवार को प्रोजेक्ट बिल्डिंग के नए सभागार में राज्य के बीडीओ और सीओ के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे.
सीए म ने कहा कि इसी तरह किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना तथा मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की ओर भी बीडीओ और सीओ का ध्यान आकृष्ट कराया.उन्होंने इन योजनाओं को गंभीरता से लेने तथा किसानों के आवेदन पर एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई करने को कहा. अफसरों को मिशन मोड में कार्य करने तथा दलित और आदिवासी किसान पर विशेष फोकस करने की नसीहत देते हुए कहा कि सरकार ने किसानों को जुलाई में योजना की पहली तथा दुर्गा पूजा के समय दूसरी किस्त देने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि वे न खेती के लिए खाद, बीज व अन्य संसाधन जुटा सकें.
मानकी मुंडा, ग्राम प्रधान व डाकुआ को एक सप्ताह में दे प्रोत्साहन राशि
सीएम ने मानकी मुंडा, ग्राम प्रधान, डाकुआ, जोगमांझी समेत पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था में जुटे अन्य लोगों को सरकार द्वारा निर्धारित सम्मान राशि का भुगतान एक सप्ताह के अंदर करने को कहा है. उन्होंने इनकी पहचान के लिए संबंधित मुखिया, मानकी मुंडा, ग्राम प्रधान के अलावा अफसरों को अपने स्तर से जांच करने का निर्देश दिया. उन्होंने सीओ से ऐसे छूटे हुए लोगों को चिह्नित करते हुए प्रोत्साहन राशि के लिए प्रस्ताव मांगा.
30 सितंबर तक गांव की योजनाओं को धरातल पर उतारने का टास्क
सीएम ने बीडीओ को ग्रामसभा से अनुमोदित योजनाओं को अभियान चलाकर 30 सितंबर तक धरातल पर उतारने का टास्क सौंपा. निर्धारित अवधि में हर स्वीकृत योजना पर काम करने को कहा. सीएम ने कहा कि अगर लोग असंतुष्ट होते हैं तो सरकार बदनाम होती .अफसर शासक नहीं सेवा भाव से काम करें. यहां लालफीताशाही नहीं चलेगी. लोकतंत्र में शासन, प्रशासन और जनता के बीच मधुर संबंध होना चाहिए.
साहिबगंज के सीओ के आंसब छलके, सीएस ने ढाढ़स बंधाया
साहिबगंज के सीओ विजय कुमार अपनी बात रखते हुए रो पड़े. सभागार में उस समय खामोशी छा गयी. चीफ सेकरेटरी डीके तिवारी ने सीओ को ढांढस बंधाया और पानी की ग्लास दिया. सीओ ने कहा कि उनके पिता की तबियत खराब हो गई, परंतु नौकरी के कारण वे उनकी अपेक्षित सेवा नहीं कर सकें. इस बीच उनकी मृत्यु हो गई. उन्होंने कहा कि इस घटना ने उन्हें विचलित कर दिया. इस पीड़ा को कम करने के लिए उन्होंने वृद्धों की सेवा का प्रण लिया. उन्होंने चार बुजुर्गों की सेवा का जिम्मा उठा रखा है.एक सीओ ने वृद्धा, दिव्यांग और विधवा पेंशन की स्वीकृति का आदेश सीओ को देने की वकालत की. उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह प्रक्रिया एसडीओ स्तर पर पूरी होती है. अगर यह शक्ति सीओ को दे दी जाये तो लाभुक बेवजह की भागदौड़ से बच सकेंगे और पेंशन स्वीकृत करने के मामले में तेजी आयेगी. सीएम रघुवर दास ने इस मामले में सीएस को संज्ञान लेने तथा यह अधिकार सीओ को देने से संबंधित आदेश जारी करने को कहा.
बीडीओ को निर्देश
14वें वित्त आयोग की राशि से ली जा रही योजनाओं को समय पर करें पूरा.
सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजना तथा पेबर्स ब्लॉक सड़क निर्माण का कार्य करें पूरा.
मानकों के अनुरूप सभी गांवों में स्ट्रीट लाइट लगाने की करें कार्रवाई.
सीओ को निर्देश
दाखिल खारिज के कार्य में लाएं तेजी. ऑनलाइन लगान भुगतान संदिग्ध जमाबंदी, भू मापी सहित अन्य कार्यों का समय पर करें निपटारा.
पैतृक/पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे के आधार पर सुनिश्चित करें दाखिल खारिज की प्रक्रिया.
टाना भगत की भूमि का दाखिल खारिज और उनके बच्चों के कौशल विकास पर करें फोकस.
खतियान उपलब्ध नहीं होने पर संबंधित मामलों का करें भौतिक सत्यापन. अन्य कागजात से मिलान कर जारी करें रसीद, लें लगान.