मुंबई:कपिल देव की अगुआई वाली क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने रवि शास्त्री को फिर से इंडियन टीम का मुख्य कोच (हेड कोच) नियुक्त किया है. सीएसी की सर्वसम्मत राय थी कि मौजूदा कोच का ‘संवाद कौशल और टीम से जुड़े मुद्दों की समझ’ अन्य से बेहतर है. उन्हें दो साल के लिये कोच नियुक्त किया गया है. उनका कार्यकाल भारत में 2021 में होने वाले टी20 विश्व कप तक होगा. इससे पहले शास्त्री को वर्ष 2017 में टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था.

टीम इंडिया के कैप्टन विराट कोहली ने शास्त्री को फिर से कोच बनाये जाने का खुलकर समर्थन किया था. सीएसी प्रमुख कपिल देव ने दिन भर चले इंटरव्यू के बाद मीडिया से कहा कि हमने सर्वसम्मति से रवि शास्त्री को भारतीय क्रिकेट टीम का (मुख्य) कोच नियुक्त करने का फैसला किया है जैसी कि आपको उम्मीद थी. तीन सदस्यीय सीएसी में पूर्व भारतीय कोच अंशुमन गायकवाड़ और पूर्व महिला कप्तान शांता रंगास्वामी भी शामिल थे.

इंडियन टीम के साथ शास्त्री का यह चौथा कार्यकाल होगा. वह बांग्लादेश के 2007 के दौरे के समय कुछ समय के लिए कोच बने थे. इसके बाद वह 2014 से 2016 तक टीम निदेशक और 2017 से 2019 तक मुख्य कोच रहे. शास्त्री ने कोच पद की दौड़ में न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन, ऑस्ट्रेलिया के टॉम मूडी, भारतीय टीम के अपने साथी रोबिन सिंह और लालचंद राजपूत को पीछे छोड़ा है. वेस्टइंडीज और अफगानिस्तान के पूर्व कोच फिल सिमन्स निजी कारणों से कोच पद की दौड़ से हट गये थे.रॉबिन, राजपूत और हेसन साक्षात्कार देने के लिए पहुंचे थे जबकि मूडी ने ऑस्ट्रेलिया से स्काइप पर इंटरव्यू दिया. कपिल ने कहा कि सभी इंटरव्यू के बाद हमने जो नंबर दिये उस आधार पर नंबर तीन टॉम मूडी थे.न्यूजीलैंड का माइक हेसन नंबर दो पर थे. यह काफी करीबी मुकाबला था.उम्मीद्वारों की मुख्य रूप से पांच मानकों पर परखा गया जिसमें कोचिंग पद्धति, अनुभव, उपलब्धियां, संवाद और आधुनिक उपकरणों का ज्ञान शामिल हैं. ‘बहुत अच्छा’ के लिए 20 अंक दिए गए जबकि ‘अच्छा’ के लिए 15 अंक मिले. औसत को दस और खराब को पांच अंक मिले.
कपिल ने कहा कि ‘हम सभी ने अंक दिए और ईमानदारी से कहूं तो हमने आपस में यह चर्चा नहीं की कि किसने किसे कितने अंक दिए. जब हमने अंकों को जोड़ा तो यह काफी करीबी मुकाबला रहा. मैं आपको विस्तार से नहीं बताऊंगा कि कितने अंकों का अंतर रहा लेकिन यह काफी कम अंकों का अंतर था. कपिल ने कहा कि शास्त्री के संवाद कौशल ने उनके चयन में अहम भूमिका निभायी.वे सभी लाजवाब थे. कुछ अवसरों पर मुझे लगा कि शास्त्री संवाद कौशल में बेहतर है, बाकी सदस्यों की राय हो सकती है इसमें भिन्न हो लेकिन हमने इस पर चर्चा नहीं की. हमने प्रस्तुति सुनने के बाद सभी को अंक दिये. हम तीनों ने काफी कुछ सीखा. सभी ने अपनी प्रस्तुति के लिए कड़ी मेहनत की थी.कपिल ने कहा कि वह कोच पद की शर्तों और शास्त्री को मिलने वाले वेतन के बारे में नहीं जानते.उन्होंने कहा इंटरव्यू पूर्व के प्रदर्शन पर नहीं बल्कि प्रस्तुति और भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने को लेकर उनकी सोच पर आधारित थे.
गायकवाड़ ने भी कहा कि प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रही. कपिल ने शास्त्री की प्रस्तुति के बारे में बताने से इन्कार कर दिया जिन्होंने एंटीगा से विडियो कॉल के जरिए इंटरव्यू दिया.कपिल ने कहा कि यह गोपनीय है.उन्होंने पिछले दो साल में जो हासिल किया और वह कैसे भारतीय टीम को आगे ले जा सकते हैं,इस आधार पर अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने इस टीम को मजबूत बनाने के लिए बोर्ड से और समय मांगा.
रवि शास्त्री का वर्ष 2017 टीम इंडिया से हेड कोच के रूप में जुड़ने के बाद से रिकॉर्ड काफी अच्छा था.इंडिया ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीती.जुलाई 2017 से भारत ने 21 टेस्ट में से 13 में जीत दर्ज की. टी20 इंटरनेशनल में प्रदर्शन और बेहतर रहा जहां टीम इंडिया ने 36 में से 25 मैचों में जीत हासिल की. टीम इंडिया वनडे में 60 में से 43 मैच जीती. रवि शास्त्री के पहले कार्यकाल में टीम इंडिया ने 70 परसेंट इंटरनेशनल मैचों में जीत हासिल की. इनमें दो एशिया कप खिताब,ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत जैसी उपलब्धियां भी शामिल हैं. इंडियन टीम अभी टेस्ट रैंकिंग में पहले स्थान पर है.हालांकि शास्त्री के मार्गदर्शन में टीम इंडिया वर्ल्ड कप 2019 में सेमीफाइनल से आगे नहीं पहुंच सकी. शास्त्री का पहला कार्यकाल विश्व कप के बाद खत्म हो गया था,लेकिन वेस्टइंडीज दौरे को देखते हुए उनके कार्यकाल को 45 दिनों तक के लिए बढ़ा दिया गया था.