राजस्थान:750 बीघा जमीन और ₹4 करोड़ की दौलत के लिए महंत देवानंद महाराज का कत्ल! वकील निकला मास्टरमाइंड
राजस्थान के कोटा में चंदसेल मठ के महंत देवानंद महाराज हत्याकांड का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि 750 बीघा जमीन और बैंक में जमा करोड़ों रुपये की संपत्ति हथियाने के लिए वकील ने सुपारी देकर हत्या करवाई थी। दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य शूटर फरार।
HighLights
- वकील संतोष राय पर हत्या की साजिश रचने का आरोप
- शूटर आदित्य वर्मा को एक लाख रुपये की सुपारी देने का खुलासा।
- पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, मुख्य शूटर अब भी फरार
- शुरुआत में जिस संत पर शक था, वही जांच में पुलिस का मददगार निकला
जयपुर/कोटा(Threesocieties.com Desk): राजस्थान के कोटा जिले में स्थित चंदसेल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। शुरुआती जांच में जिस दिशा में पुलिस और परिजन संदेह कर रहे थे, जांच आगे बढ़ने के साथ पूरा मामला पलट गया। पुलिस ने इस बहुचर्चित हत्याकांड में दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए खुलासा किया है कि हत्या के पीछे मठ की 750 बीघा जमीन और बैंक खातों में जमा करीब चार करोड़ रुपये की संपत्ति को हथियाने की साजिश थी।
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कोटा शहर की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई साधु-संत नहीं, बल्कि एक वकील निकला। आरोपी संतोष राय कथित तौर पर खुद को मठ ट्रस्ट का अध्यक्ष बताता था और लंबे समय से मठ की संपत्तियों पर नजर गड़ाए हुए था।
पहले संत पर था शक, लेकिन जांच ने बदली दिशा
महंत देवानंद महाराज की 5 जून को हुई हत्या के बाद पुलिस और उनके परिजनों को संत नंदन वन पर शक था। हालांकि, जांच के दौरान संत नंदन वन निर्दोष पाए गए। उल्टा उन्होंने पुलिस को कई अहम जानकारियां देकर जांच को सही दिशा में पहुंचाने में मदद की।पुलिस ने जब इन सुरागों को जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई तो संदेह की सुई एडवोकेट संतोष राय की ओर घूम गई। इसके बाद उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई और गहन पूछताछ शुरू की गई।
750 बीघा जमीन और करोड़ों रुपये पर थी नजर
जांच में सामने आया कि चंदसेल मठ के पास करीब 750 बीघा मूल्यवान जमीन है। इसके अलावा बैंक खातों में लगभग चार करोड़ रुपये जमा हैं। पुलिस के अनुसार, संतोष राय इन संपत्तियों पर कब्जा जमाना चाहता था। मठ के महंत देवानंद महाराज उसकी योजनाओं में सबसे बड़ी बाधा बन रहे थे। इसी कारण उसने महंत को रास्ते से हटाने की साजिश रची और आदित्य वर्मा नामक शूटर को एक लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराने का सौदा किया।
चाकुओं से गोदकर की गई थी हत्या
पुलिस जांच के मुताबिक 5 जून को आदित्य वर्मा अपने तीन साथियों के साथ चंदसेल मठ पहुंचा। वहां उन्होंने महंत देवानंद महाराज पर हमला कर दिया और चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर उनकी निर्मम हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस का दावा है कि आदित्य वर्मा की पत्नी ने भी सबूत मिटाने और आरोपियों को बचाने में मदद की।
दो गिरफ्तार, मुख्य शूटर की तलाश जारी
मामले में पुलिस ने संतोष राय और पुष्पेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मुख्य शूटर आदित्य वर्मा समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमों को लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ट्रस्ट विवाद बना खूनी संघर्ष का कारण
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला सिर्फ हत्या का नहीं बल्कि धार्मिक संस्थानों की संपत्तियों पर कब्जे की लड़ाई का भी है। ट्रस्ट के अधिकार, जमीन और करोड़ों रुपये की संपत्ति को लेकर लंबे समय से अंदरूनी विवाद चल रहा था, जिसने आखिरकार खूनी रूप ले लिया। इस खुलासे के बाद पूरे राजस्थान में चंदसेल मठ हत्याकांड चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस अब मामले से जुड़े आर्थिक लेन-देन, ट्रस्ट दस्तावेजों और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच कर रही है।






