झारखंड: गिरिडीह डबल मर्डर का खुलासा: जमीन और जादू-टोना बना मौत की वजह, 7 आरोपी गिरफ्तार
गिरिडीह के मधुबन थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज दंपत्ति हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जमीन विवाद और जादू-टोना के शक में मृतक के गोतिया पक्ष के 7 लोगों ने पति-पत्नी की हत्या कर दी थी। SIT ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए हैं।
HighLights
- जमीन विवाद और जादू-टोना के शक में रची गई थी हत्या की साजिश
- दलानचलकरी गांव निवासी मृतक के गोतिया पक्ष के 7 आरोपी गिरफ्तार
- हत्या में इस्तेमाल तलवार, छूरी और खून से सने कपड़े बरामद
- 2-3 जून की रात हुई थी पति-पत्नी की निर्मम हत्या
गिरिडीह(Threesocieties.com Desk): झारखंड के गिरिडीह जिले के मधुबन थाना क्षेत्र स्थित दलानचलकरी गांव में हुए सनसनीखेज दंपत्ति हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। विशेष जांच दल (SIT) की गहन पड़ताल में सामने आया है कि इस जघन्य वारदात के पीछे कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि मृतक के ही गोतिया पक्ष के लोग शामिल थे। पुलिस ने हत्या के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तलवार, छूरी तथा खून से सने कपड़े बरामद किए हैं।
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2-3 जून की रात हुई थी वारदात
जानकारी के अनुसार, 2 और 3 जून 2026 की रात मधुबन थाना क्षेत्र के दलानचलकरी गांव के तिरिलटॉड़ टोला निवासी पतिया हांसदा और उनकी पत्नी परनी देवी पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे और इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया था।
एसपी के निर्देश पर गठित हुई SIT
मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ डुमरी मो. आबिद खान के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर लगातार जांच अभियान चलाया।
जमीन विवाद और जादू-टोना बना हत्या का कारण
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक और उनके गोतिया पक्ष के बीच लंबे समय से भूमि विवाद चल रहा था। इसके साथ ही जादू-टोना को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच तनाव था। यही विवाद धीरे-धीरे इतनी गहरी दुश्मनी में बदल गया कि हत्या की साजिश रच दी गई।
गोतिया पक्ष के सात लोग गिरफ्तार
पुलिस जांच में सामने आया कि रमेश हांसदा, पाण्डु हांसदा और विजय हांसदा ने धारदार हथियारों से हमला कर दंपत्ति की हत्या की थी। वहीं दोधमा हांसदा, बबलू हांसदा, मोती हांसदा और सिकरा हांसदा ने इस अपराध को अंजाम देने में सहयोग किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार सभी आरोपी दलानचलकरी गांव के जाहेर टोला के निवासी बताए जा रहे हैं।
तलवार, छूरी और खून से सने कपड़े बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई एक लोहे की तलवार, दो लोहे की छूरी, एक गुलाबी रंग का सूती गमछा तथा खून के धब्बों वाले कपड़े बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल इसी हत्याकांड में किया गया था।
SIT की मेहनत लाई रंग
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले के खुलासे में तकनीकी जांच और लगातार की गई छापेमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरी कार्रवाई में एसडीपीओ डुमरी मो. आबिद खान, अंचल निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद महतो, मधुबन थाना प्रभारी दीपेश कुमार, खुखरा थाना प्रभारी रविन्द्र कुमार सिंह, पीरटांड़ थाना के जितेन्द्र सिंह विष्ट, मधुबन थाना के उमेश कुमार सिंह, तकनीकी शाखा के आरक्षी विवेक कुमार सहित सशस्त्र बल और चौकीदारों की अहम भूमिका रही।
आगे की जांच जारी
पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या की साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।यह हत्याकांड एक बार फिर यह दिखाता है कि जमीन विवाद और अंधविश्वास किस तरह पारिवारिक रिश्तों को खूनी संघर्ष में बदल सकते हैं। गिरिडीह पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इस सनसनीखेज मामले का खुलासा हो गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।






