यूपी:अयोध्या में छह लाख से ज्यादा दीप प्रज्जवलन,गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज, सीएम योगी बोले-पहले की गर्वमेंट यहां आने से डरती थीं

लखनऊ:अयोध्या में शनिवार को दीपोत्सव 2019 मनाया गया. मौके पर अयोध्या में छह लाख से ज्यादा दीयों को प्रज्जवलित किया गया. राम की पैड़ी पर चार लाख 10 हजार और 11 अन्य स्थलों पर दो लाख से अधिक दीप प्रज्जवलित किये गये. दीप प्रज्जवलन गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया. यह घोषण गिनीच बुक आफ रिकॉर्ड की टीम ने की है.अवध विश्वविद्यालय के छह हजार वालिंटियरों ने दीप जलाये. इस बार अवध विश्वविद्यालय ने पिछला अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा है. सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या की धरती पर एक ऐतिहासिक दिन की गवाह बनी. मौके पर यूपी के गवर्नर आनंदीबेन पटेल बतौर चीफ गेस्ट मौजूद थी. मौके पर, राज्य मंत्री( स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति एवं पर्यटन, भारत सरकार प्रहलाद सिंह पटेल और फिजी गणराज्य की उपसभापति एवं सांसद वीणा कुमार भटनागर द्वारा आज सरयू तट पर पूजा अर्चना की गई.राम की पैड़ी पर प्रोजेक्शन मैपिंग शो द्वारा रामकथा का प्रदर्शन और भव्य आतिशबाजी का प्रदर्शन भी किया गया. इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सैकड़ों वर्ष की गुलामी के बाद देश अपना सत्व भूल गया था. आजादी के बाद जिस सत्व को तत्काल जगाने की आवश्यकता थी, उसे जाग्रत होने में 70 वर्ष लग गये. पहले की सरकारें अयोध्या से डरती थीं पर मैं स्वयं अपने ढाई वर्ष के शासन काल में डेढ़ दर्जन बार आया हूं. जब भी आता हूं मोदी जी की अनुकंपा से सैकड़ों करोड़ की योजना लेकर आता हूं. सीएम ने भगवान राम की अगवानी पुष्पक विमान के प्रतीक हेलीकाप्टर से भगवान राम व माता जानकी रामकथा पार्क में आगमन हुआ. लोगों को . इससे त्रेतायुग का अहसास हुआ. लंका विजय के बाद अनुज लक्ष्मण और पत्नी जानकी के साथ भगवान के अयोध्या वापस आने का प्रसंग जीवंत हुआ.सीएम ने राम-लक्ष्मण और सीता का प्रतीकात्मक राजतिलक कर कहा कि जिस तरह भारत की सांस्कृतिक विरासत को पवित्र भाव के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखा, वैसे ही आज पूरी दुनिया अयोध्या के सांस्कृतिक गौरव का आभास कर रही है. उन्होंने कहा कि सैकड़ों वर्ष की गुलामी के बाद जागृत होने में 70 साल लगे हैं. काशी की देव दीपावली और प्रयागराज के कुंभ के बाद अब अयोध्या के दीपोत्सव के जरिए प्रदेश ने विश्वपटल पर खुद को मजबूती से स्थापित किया है. सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, फिजी गणराज्य की उपसभापति एवं सांसद वीणा कुमार भटनागर ने भारत, नेपाल, श्रीलंका, इंडोनेशिया एवं फिलीपींस की रामलीला का अवलोकन किया.सीएम ने रामलीला के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाले विख्यात व्यक्तियों व संस्थाओं को सम्मानित किया. किसी के साथ कोई भेद-भाव न हो, दुखों के लिए कोई जगह न हो सीएम ने कहा कि अयोध्या की बात आती है तो रामराज्य याद आता है. यानी ऐसा राज्य जहां भेदभाव न हो और सबको न्याय मिले. उन्होंने कहा कि तीन करोड़ आवास, 10 करोड़ इज्जतघर, चार करोड़ बिजली कनेक्शन, आठ करोड़ गैस कनेक्शन, 12 करोड़ किसान निधि सम्मान और 50 करोड़ आयुष्मान लाभार्थी भी इसी तरह बिना जाति-धर्म के भेदभाव के न्याय पा रहे हैं.पांच साल में रामराज्य की अवधारणा साकार हुई है. देश को सांस्कृतिक, सामरिक व आर्थिक ताकत के तौर पर स्थापित करने के अभिनव प्रयास हुए हैं.भारत किसी को छेड़ता नहीं, लेकिन कोई छेड़े तो छोड़ता भी नहीं है. फिजी की उपसभापति का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि एक नया भारत फिजी में भी बसता है. बदलाव का श्रेय पीएम मोदी को दिया योगी ने रामकथा पार्क में भगवान राम के राज्याभिषेक की रस्म के बाद उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया को अब भारत के गौरव का एहसास हो रहा है. अयोध्या का दीपोत्सव, काशी का गौरवमय विकास, प्रयाग का कुंभ और योग की पूरी दुनिया में प्रतिष्ठा इस सच्चाई की परिचायक है. सीएम ने इस बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा, हर भारतवासी मोदी जी के नेतृत्व से अभिभूत है, उन्होंने विश्व पटल पर भारतीय संस्कृति को मजबूती से स्थापित किया है. भारत किसी को छेड़ता नहीं पर छेडऩे वाले को छोड़ता भी नहीं सीएम योगी ने कहा कि भारत आज किसी को छेड़ता नहीं पर छेडऩे वाले को छोड़ता भी नहीं और हम ललकारने वाले को उसकी मांद में घुसकर सबक सिखाते हैं। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पुष्पक विमान के प्रतीक हेलीकाप्टर से सरयू तट पर सीता और लक्ष्मण सहित उतरे भगवान राम के स्वरूप की अगवानी की तथा उनका राजतिलक कर युगों पूर्व की स्मृति जीवंत की। मुख्यमंत्री ने सरयू की आरती की और सरयू तट से ही लगे रामकी पैड़ी परिसर में रिकॉर्ड चार लाख से भी अधिक प्रज्वलित दीपों का अवलोकन किया। दीपोत्सव की छटा सरयू में तैरती दिखी गवर्नर आनंदी बेन पटेल राम के राजतिलक और सरयू में तैरती दीपोत्सव की अनुपम छटा देख अभिभूत थीं. गवर्नर ने कहा कि राम जब अयोध्या लौटे होंगे तो ऐसा ही दृश्य रहा होगा.. उन्होंने दीपोत्सव से अयोध्या को देश-विदेश में और अधिक पहचान मिलने का विश्वास जगाते हुए कहा कि आने से पहले मन में था कि दीपोत्सव न जाने कैसा होगा, लेकिन जब देखा तो यही लगा कि जैसे हम सब राम के राज्याभिषेक में उपस्थित थे.उन्होंने ऐसे आयोजन को प्रदेश का सौभाग्य ठहराते हुए बताया कि इसीलिए दीपोत्सव को अब राज्य मेले का दर्जा दिया गया है. फिजी की उपसभापति ने जैसे ही लयबद्ध रामधुन से संबोधन शुरू किया, पूरा रामकथा पार्क तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा.उन्होंने राम की भूमि और संतों के चरणों में प्रणाम करने के साथ अपने देश में राम के प्रताप को शब्दों में चित्रित करते हुए विश्वास जताया कि अब अयोध्या में फिर से रामराज्य की स्थापना होगी. अयोध्या को 236 करोड़ की योजनाओं की सौगात सीएम योगी आदित्यनाथ ने 236 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया.52 करोड़ की लागत से रामकी पैड़ी में अविरल जल प्रवाह, 35.64 करोड़ की लागत से गुप्तारघाट के विकास एवं निर्माण, 19.41 करोड़ की लागत से बंधा तिराहा पर भजन संध्या स्थल का उद्घाटन, 16.17 करोड़ से फोर लेन का चौड़ीकरण आदि प्रमुख है.अयोध्या जिला की ही बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में 7.75 करोड़ से राजकीय महाविद्यालय की स्थापना, अयोध्या नगर में ही 5.24 करोड़ की लागत से ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट एवं 1.65 करोड़ की लागत से गोसाईंगंज विस क्षेत्र में लघु सेतु के निर्माण आदि कुल 11 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया. मौके पर गवर्नर आनंदी बेन पटेल, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, डिप्टी सीएम केशवप्रसाद मौर्य एवं डॉ. दिनेश शर्मा, प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री, पर्यटन मंत्री नीलकंठ तिवारी, कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह, प्रदेश भाजपाध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, एमपी लल्लू सिंह , मेयरर रिषिकेश उपाध्याय, एमएलए वेदप्रकाश गुप्त, रामचंद्र यादव, शोभा सिंह , इंद्रप्रताप तिवारी, गोरखनाथ बाबा, राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य और पूर्व सांसद डॉ.रामविलास दास वेदांती आदि सहित बड़ी संख्या में संत मौजूद थे.