बोकारो : लापता युवती की मिली नरकंकाल, 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड, हत्यारे से कनेक्शन पर होगी बर्खास्तगी!
बोकारो में लापता युवती पुष्पा के नरकंकाल मिलने के बाद बड़ा एक्शन, 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड। आरोपी प्रेमी दिनेश महतो ने हत्या कर जंगल में दफनाया था शव, हाईकोर्ट की फटकार के बाद तेज हुई जांच।
बोकारो में सनसनी: नरकंकाल मिलने के बाद पुलिस पर गिरी गाज, 5 सस्पेंड
बोकारो(Threesocieties.com Desk): झारखंड के बोकारो जिले के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र में लापता युवती पुष्पा हत्याकांड ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। महीनों बाद युवती का नरकंकाल मिलने के बाद पुलिस विभाग पर बड़ी कार्रवाई हुई है। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में चार दरोगा समेत पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि हत्यारे से संबंध मिलने पर सेवा से बर्खास्तगी की अनुशंसा की चेतावनी भी दी गई है।
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आरोपी प्रेमी निकला कातिल, जंगल में दफनाया था शव
जांच में बड़ा खुलासा करते हुए एसपी हरविंदर सिंह पत्रकारों को बताया कि आरोपी दिनेश महतो ने ही युवती की हत्या कर शव को चास कॉलेज के पीछे मधुटांड जंगल में दफना दिया था। मृतका और आरोपी के बीच प्रेम संबंध था, लेकिन शादी के दबाव से बचने के लिए दिनेश ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर जब खुदाई करवाई, तो शव पूरी तरह सड़ चुका था और सिर्फ नरकंकाल के अवशेष ही बरामद हुए।
एसपी ने मामले की जांच में असंवेदनशीलता बरतने वाले थाना प्रभारी अभिषेक रंजन, केस के जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर अनिकेत कुमार, एसआईटी में शामिल सब इंस्पेक्टर विवेक पांडे, सब इंस्पेक्टर अनिल यादव व मुंशी अक्षय कुमार को सस्पेंड कर दिया है। एसपी ने कहा है कि किसी भी पुलिस अधिकारियों का संबंध हत्यारे से मिला तो उसकी सेवा बर्खास्त के लिए भी पुलिस मुख्यालय को लिखेंगे।
घटनास्थल से चौंकाने वाले सबूत
एसपी हरविंदर सिंह के अनुसार, जांच के दौरान घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य मिले हैं इनमें हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू, मृतका के कपड़े, आरोपी के 4 मोबाइल फोन, बाल में लगा रबर बैंड व शरीर के 19 हड्डियों के टुकड़े शामिल हैं। साथ ही जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के पास 23 सिम कार्ड थे, जिससे उसके आपराधिक नेटवर्क पर भी सवाल उठ रहे हैं।
हाईकोर्ट की फटकार के बाद तेज हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले में पुलिस की शुरुआती भूमिका संदिग्ध रही। मृतका की मां महीनों तक पिंडराजोरा थाने के चक्कर काटती रहीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार मामला झारखंड उच्च न्यायालय पहुंचा, जहां कोर्ट ने बोकारो पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट के सख्त रुख के बाद तत्कालीन पिंडराजोरा थाना प्रभारी को हटाया गया। वन मैन कमीशन का गठन करते हए सीआईडी की डीआईजी संध्या रानी मेहता को जांच सौंपी गई। मामले की डीजीपी स्तर पर निगरानी शुरू हुई।
जंगल में चला हाई-टेक सर्च ऑपरेशन
शनिवार को चास कॉलेज के पीछे जंगल में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान आठ 8 थानों की पुलिस तैनात रही। ड्रोन कैमरों और खोजी कुत्तों का इस्तेमाल किया गया। खुदाई कर नरकंकाल और हथियार बरामद किए गए। मौके पर खुद डीआईजी और एसपी मौजूद रहे, जिससे मामले की गंभीरता साफ झलकती है। मामले की जांच एसआईटी में शामिल सिटी डीएसपी आलोक रंजन, बीएस सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुदामा कुमार दास, बालीडीह इंस्पेक्टर नवीन कुमार सिंह, हरला इंस्पेक्टर खुर्शीद आलम, चीरा चास थाना प्रभारी पुष्पराज व सब इंस्पेक्टर विक्रम कुमार कर रहे हैं।
पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में पिंडराजोरा थाना प्रभारी अभिषेक रंजन, एसआई अनिकेत कुमार, एसआई विवेक पांडे, एसआई अनिल यादव व मुंशी अक्षय कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। एसपी ने साफ कहा है कि यदि किसी पुलिसकर्मी का हत्यारे से सीधा संबंध मिला, तो उसे नौकरी से बर्खास्त करने की अनुशंसा की जाएगी।
एक मां की टूटी उम्मीद, न्याय की आस बाकी
इस मामले में सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि एक मां अपनी बेटी के जिंदा मिलने की उम्मीद में दर-दर भटकती रही, लेकिन अंत में उसे सिर्फ उसकी हड्डियां ही मिल सकीं। हालांकि, अब हाईकोर्ट की निगरानी और वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद सच्चाई सामने आ चुकी है, और उम्मीद की जा रही है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।
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