नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में दो मुख्य विचारधाराओं के बीच चुनाव करने के लिए तैयार है, वहीं दूसरी तरफ दागी नेता भी इस दौरान अपनी-अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अरबों रुपये के खनन घोटाले में नाम आने के बाद किरकिरी करा चुके रेड्डी बंधुओं में से एक व भाजपा के दागी उम्मीदवार जी. करुणाकर रेड्डी हर्पनहल्ली विधानसभा क्षेत्र पर कांग्रेस के एम.पी. रविंद्र के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। हर्पनहल्ली (सामान्य) दावणगेरे जिले और केंद्रीय कर्नाटक क्षेत्र का हिस्सा है। दावणगेरे लोकसभा क्षेत्र के हिस्से हर्पनहल्ली निर्वाचन क्षेत्र में कुल 2,01,133 मतदाता हैं जिसमें आम मतदाता, एनआरआई मतदाता और सेवा मतदाता शामिल हैं। सामान्य मतदाताओं में 1,03,360 पुरुष, 97,669 महिलाएं शामिल हैं, जबकि 17 अन्य इस बार अपने वोट की चोट करेंगे। निर्वाचन क्षेत्र हर्पनहल्ली में मतदाता लिंग अनुपात 94.41 है और अनुमानित साक्षरता दर 67.91 फीसदी।
2013 विधानसभा चुनाव में हर्पनहल्ली निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के मौजूदा विधायक एम.पी. रविंद्र ने 56,854 मतों के साथ भाजपा उम्मीदवार जी. करुणाकर रेड्डी को हराया था। रविंद्र ने 37.91 फीसदी वोट हासिल किए थे। साफ छवि होने के कारण कांग्रेस ने एक बार फिर से उनपर विश्वास जताया है। वहीं विपक्षी भाजपा ने पूर्व विधायक और पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे जी. करुणाकर रेड्डी पर दांव आजमाया है। करुणाकर रेड्डी का नाम भी अवैध खनन घोटाले में आया था। दरअसल देश का करीब 25 प्रतिशत लौह अयस्क भंडार बेल्लारी में है। एक अनुमान के मुताबिक बेल्लारी में करीब 99 लौह अयस्क खदानें हैं। कर्नाटक सरकार ने 1994 में निजी व्यक्तियों को खद्दानों के लाइसेंस जारी किए थे और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में लौह अयस्क की कीमत बढ़ने से खनन में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूरी दी थी।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन पहले ही जनता दल (सेक्युलर) को अपना समर्थन देने की घोषणा कर चुकी है। दोनों मुख्य पार्टियों के अलावा जनता दल (सेक्युलर) अरासीकेरे एन. कोटरेश, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने कृष्णामूर्ति आर., जनहित पक्ष ने अब्दुल बरी, समाजवादी पार्टी ने बी.एल. चन्नाननाइक, ऑल इंडिया महिला इंपॉवरमेंट पार्टी ने के. ललिथामा को चुनाव मैदान में उतारा है। साथ ही एक निर्दलीय भी इस चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहा है।
224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा के लिए राज्य में 56,696 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसमें 4,96,82,357 (4.96 करोड़) मतदाता अपने मतों का प्रयोग कर नई सरकार का चुनाव करेंगे। सरकार के लिए चुनाव 12 मई को एक चरण में चुनाव होगा और वोटों की गिनती 15 मई को की जाएगी।