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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में एक दिन पहले ही समाप्त होगा चुनाव प्रचार, ईसी ने सीआईडी एडीजी राजीव कुमार व प्रिंसिपल सेकरेटरी होम को हटाया

  • चीफ सेकरेटरी को मिली होम डिपार्टमेंट की जिम्मेवारी
  • हिंसा व आगजनी पर इलेक्शन कमीशन की सख्ती

नई दिल्ली: इलेक्शन कमीशन ने कोलकाता में बीजेपी प्रसिडेंट अमित शाह के रोड शो में हुए हिंसा के बाद सख्ती शुरु कर दी है. इलेक्शन कमीशन ने प्रिंसिपल सेकरटेरी होम व एडीजी सीआइडी को हटा दिया है. एडीजी सीआईडी राजीव कुमार को होम मिनिस्टरी भेजा गया है. चीफ सेकरेटरी को ही होम सेकरेटरी का चार्ज दिया गया है. कमीशन ने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए एक दिन की कटौती की है. इलेक्शन कमीशन ने कहा कि कल (गुरुवार) रात 10 बजे के बाद पश्चिम बंगाल की नौ लोकसभा सीटों दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरपुर, जादवपुर, डायमंड हर्बर, दक्षिण और उत्तर कोलकाता पर कोई चुनाव प्रचार नहीं होगा. पहले चुनाव प्रचार शुक्रवार शाम पांच बजे खत्म होना था. ईसी ने ईश्चरचंद विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.इसी ने कहा कि शायद यह पहला मौका है जब उन्होंने धारा 324 को इस तरह से लागू किया है.यदि चुनाव के दौरान इस तरह की घटनाएं फिर दोहराई गईं तो फिर से सख्त कदम उठाया जायेगा.
सीएम ममता बनर्जी ने जहां हिंसा के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है. बीजेपी ने चुनाव आयोग से ममता के चुनाव प्रचार पर बैन की मांग की थी.ममता बनर्जी ने कहा कि अमित शाह ने अपनी सभा के माध्यम से हिंसा कराया। ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ी गई, लेकिन पीएम मोदी ने अभी तक इसके लिए खेद नहीं जताया. बंगाल के लोगों ने इसे घटना को गंभीरता से लिया है और अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. ममता ने कहा कि अमित शाह ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चुनाव आयोग को धमकी दी है. क्या ये उसी का नतीजा है? बंगाल डरा नहीं है. बंगाल को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि मैं मोदी के खिलाफ बोल रही हूं. चुनाव आयोग बीजेपी के कहने पर चल रहा है. यह एक अभूतपूर्व निर्णय है. कल की हिंसा अमित शाह की वजह से हुई थी. चुनाव आयोग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस क्यों नहीं जारी किया या उन्हें बर्खास्त क्यों नहीं किया?
रोड शो में हिंसा मामले में दो पुलिस स्टेशनों में एफआइआर
बीजेपी प्रसिडेंट अमित शाह के रोड शो में विद्यासागर कॉलेज के बाहर पथराव के बाद हुई झड़प और ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने के मामले में छात्र-छात्राओं ने दो थानों में अमित शाह समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ दो एफआइआर दर्ज करायी है. पुलिस ने गैर जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस ने इस मामले में अभी तक 58 भाजपा समर्थकों को अरेस्ट की है. कोलकाता पुलिस कमीशनर राजेश कुमार ने कहा है कि इस घटना में पुलिस ठोस कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है. अमित शाह ने अपने खिलाफ दर्ज एफआइआर के मामले में कहा कि भाजपाई डरते नहीं हैं। यदि साहस है तो किसी भी एजेंसी से घटना की निष्पक्ष जांच करा ली जाये.

अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा और ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने के विरोध में माकपा समेत अन्य वामपंथी दलों के नेतृत्व में बुधवार को जुलूस निकाला गया. कॉलेज स्क्वायर से हेदुआ तक विरोध जुलूस निकालकर वामदलों ने हिंसा व तोड़फोड़ की निंदा की गयी. वामदलों ने वास्तविक तथ्यों का पता लगाने के लिए संपूर्ण मामले की जांच की मांग की है.जुलूस में माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी, पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रकाश करात, राज्य माकपा सचिव सूर्यकांत मिश्र, वाममोर्चा के चेयरमैन विमान बोस और सुजान चक्रवर्ती समेत अन्य नेता मौजूद थे.

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