रांची। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की चार टीमों ने बुधवार को एक साथ रांची व धनबाद में चार स्थानों पर रेड की। एसीबी टीम ने धनबाद म्यूनिशिपल कॉरपोरेशन, रांची म्यूनिशिपल कॉरपोरेशन, रांची रजिस्ट्री ऑफिस व डोरंडा पुलिस स्टेशन में दबिश दी। एसीबी की टीम को रेड हर जगह गड़बड़ीमिली है। एसीबी टीम इससे संबंधित एक रिपोर्ट तैयार कर हेडक्वार्टर व संबंधित डिपार्टमेंट को अवगत कराया जायेगा। म्यूनिशिपल कॉरपोरेशन में जहां ऑफलाइन नक्शे की फाइलें लंबित मिलीं, वहीं डोरंडा पुलिस स्टेशन में जांच के लिए आए अप्लीकेशन से संबंधित फाइलें लंबित मिली। डीएमसी में नगर विकास विभाग के नोडल अधिकारी उप सचिव अखिलेश कुमार व सिटी मैनेजर विजय कुमार नेतृत्व कर रहे थे। टीम में यहां एसीबी के दो डीएसपी मुजीबुर्रहमान व रामेश्वर उरांव भी शामिल थे। एसीबी एसपी एसपी चंदन कुमार सिन्हा पूरे मामले की निगरानी कर रहे थे।
एसीबी का कहना है कि जिन ऑफिस एवं प्रतिष्ठानों में भ्रष्टाचार के कारण आम जनता को परेशानी होने की कंपलेन मिलती है, उन सभी पर झारखंड सरकार के आदेश पर एसीबी कार्रवाई कर रहा है। एसीबी के डीजी नीरज सिन्हा के निर्देश पर डीआइजी व एसपी ने बुधवार को चार ठिकानों पर छापेमारी के लिए चार टीमें गठित की थी। प्रत्येक टीम को सुरक्षा के लिए जहां सशस्त्र बल उपलब्ध कराये गये थे। हर टीम में संबंधित विभाग के एक अफसर को नोडल अफसर बनाया गया था। रेडमें जो त्रुटियां मिली हैं, उसके संबंध में जांच टीम की रिपोर्ट का एसीबी हेडक्वार्टर को दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित विभाग को उससे अवगत कराया जायेगा। संबंधित विभाग से आदेश मिलने के बाद एसीबी आगे की कानूनी कार्रवाई करेगा।ACB की एक टीम डीएमसी ऑफिस पहुंच अफसरों से विकास कार्यों की फाइलों की मांग की। टीम ने फाइलों की जांच की। एक-एक फाइलों की जांच की गई। एसीबी की कार्रवाई को लेकर डीएमसी के अफसर व स्टाफ सकते में हैं।
डीएमसी में डीएसपी एम रहमान के लीडरशीप में एसीबी टीम पहुंची थी। डीएमसी कमीश्नर चंद्रमोहन कश्यप ऑफिस नहीं थे। एसीबी टीम ने अपर नगर आयुक्त राजीव रंजन और कार्यपालक अभियंताओं के साथ बैठक कर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में विलंब का का कारण जाना। प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नक्शा पास, होल्डिंग आदि मामले निर्धारित समय पर क्यों नहीं हो रहे हैं ?
डीएमसी की राजस्व, इंजीनियरिंग एवं जन सुविधाओं समेत नौ शाखाओं की फाइल जांच की
एसीबी टीम ने डीएमसी नौ महत्वपूर्ण शाखाओं की फाइलें जांच की। एसीबी टीम एक-एक कर निगम के राजस्व, इंजीनियरिंग एवं जन सुविधाओं वाले नौ शाखाओं की फाइल जांच की।बताया जाता है कि गवर्नमेंट को सूचना मिली है कि डीएमसी व आरएमसी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। बड़े व छोटे कार्यों में भी अनियमितता बरती गई है। कंपलेन के बाद सरकार ने जांच के आदेश दिये हैं। जांच में गडबड़ी की रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जायेगी।
डीएमसी में राजस्व शाखा (होल्डिंग एवं वाटर कनेक्शन),भवन निर्माण (प्रधानमंत्री आवास योजना),स्वच्छ भारत मिशन,जन स्वास्थ्य (शौचालय),सामान्य शाखा,स्थापना,जन्म प्रमाण पत्र,नक्शा पास,इंजीनियरिंग शाखा की जांच की।डीएमसी में नक्शा शाखा, बाजार शाखा में अनियमितता की जानकारी मिली है। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने में हो रहे विलंब की भी जानकारी मिली है।एसीबी टीम ने अपर नगर आयुक्त राजीव रंजन, कार्यपालक अभियंता और संबंधित शाखाओं के पदाधिकारियों से एक-एक कर फाइलों की पड़ताल की। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में विलंब का कारण जाना। मसलन प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण योजना, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नक्शा पास, होल्डिंग आदि मामले निर्धारित समय में पूरे हुए नहीं, इन योजनाओं के लिए कितनी राशि आई और कितनी खर्च हुई।अकाउंट शाखा और भवन शाखा में ताला बंद मिला। सुबह से लेकर देरशाम तक इन दोनों शाखाओं में ताला लगा रहा है। हालांकि कर्मचारियों का कहना था कि इन शाखाओं से संबंधित पदाधिकारी अपनी-अपनी फाइलें लेकर एसीबी के पास गये हुए हैं।
एसीबी एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने कहा कि समय-समय पर प्रिवेंटिव जांच (निरोधात्मक) करता है। इसमें यह देखा जाता है कि योजना पूरी होने में कितनी देर हो रही है, इसका कारण क्या है। जनता को कितनी सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं मिल पा रही हैं। निर्धारित मानकों एवं नियम पर काम किया जा रहा है या नहीं। इसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना है, ताकि जनता को उनका वाजिब हक मिल सके। इस संबंध में फाइलों की जांच की गई। रिपोर्ट विभाग को सौंप दी जायेगी।
प्रिवेंटिव चेक का प्रावधान
एसीबी के अफसरों के अनुसार एसीबी संकल्प में प्रिवेंटिव चेक का प्रावधान है। झारखंड सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के संकल्प संख्या 1623 के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है, जो आगे भी जारी रहेगा। यह संकल्प इसलिए है, ताकि भ्रष्टाचार करने वाले सतर्क हो जाएं और आम लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी न हो।