- खेल मिनिस्टर और खिलाड़ियों की मीटिंग पौने चार घंटे चली
- अनुराग ठाकुर ने कुश्ती संघ अध्यक्ष के जवाब का इंतजार करने को कहा
नई दिल्ली। इंडिया के टॉप पहलवानों ने अपनी मांगों को लेकर गुरुवार की रात खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात की। उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को भंग करने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।
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भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। विनेश फोगाट, साझी मलिक और बबीता फोगाट जैसी महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इसी को लेकर पिछले दो दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना चल रहा है।
खेल मिनिस्टर अनुराग ठाकुर ने पहलवानों को अपने सरकारी आवास पर डिनर के लिए बुलाया। उन्होंने खिलाड़ियों से लगभग पौने चार घंटे बातचीत की और कुश्ती संघ के अध्यक्ष के जवाब का इंतजार करने को कहा। खेल मंत्री के घर बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, रवि दहिया, दीपक पूनिया, बबीता फोगाट समेत कई पहलवान पहुंचे थे। वहीं , WFI के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- मैं इस्तीफा नहीं दूंगा। मेरे खिलाफ कांग्रेस लीडर दीपेंद्र हुड्डा के इशारे पर राजनीति हो रही है। जो आरोप लगा रहे हैं, उनका करियर खत्म हो गया है। ज्यादातर पहलवान एक ही कम्युनिटी से हैं। पार्टी का जो आदेश मिलेगा, उसी को मानूंगा।
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पहलवानों का जंतर मंतर पर धरना
पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि पहलवानों के पास भारतीय कुश्ती महासंघ और उसके प्रमुख के खिलाफ लगाये गये आरोपों का सबूत है। उनलोगों ने निकाय को भंग करने की मांग की। मालूम हो कि जंतर मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों ने शास्त्री भवन स्थित केंद्रीय खेल मंत्रालय के कार्यालय में अधिकारियों से मुलाकात की।बजरंग पुनिया ने कहा, 'डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ने कहा कि अगर यौन उत्पीड़न के आरोप सही पाए गए तो वह खुद को फांसी लगा लेंगे। पहले सिर्फ दो लड़कियां थीं जो सामने आई थीं लेकिन अब पांच-छह लड़कियों ने आवाज उठाई है और वह भी सबूत के साथ। हम फर्जी दावे नहीं कर रहे हैं।' उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य भारत में कुश्ती को पुनर्जीवित करना है। अगर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो हम पुलिस और न्यायपालिका की मदद लेंगे। पुनिया ने आरोप लगाया कि डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह का न केवल संगठन बल्कि राज्य कुश्ती संघों में भी प्रभाव है।
IAO अध्यक्ष पीटी उषा ने दिलाया न्याय का भरोसा
कुश्ती महासंघ और पहलवानों के बीच मामले को बढ़ते देख भारतीय ओलिंपिक एसोसिएशन ने अब संज्ञान लिया है। एसोसिएशन अध्यक्ष पीटी उषा ने ट्वीट करके और भी खिलाड़ियों को आगे आने के लिए कहा है। पीटी उषा ने कहा कि, 'अध्यक्ष के तौर पर मैं पहलवानों के इस मुद्दे पर और सदस्यों से चर्चा कर रही हूं। एथलीटों की भलाई करना ही आईओए का पहला काम है। इसके साथ ही उन्होंने यह साफ कर दिया है कि देश के किसी भी एथलीट को अगर कोई समस्या है तो वह आगे आएं अपनी समस्याओं पर हमसे चर्चा करें।' उन्होंने कहा, 'मैं यही चाहती हूं कि सभी को न्याय मिले और इसे सुनिश्चित करने के लिए पूरी जांच की जाएगी। इसके अलावा हमने भविष्य में इस तरह की मुश्किलों से निपटने के लिए एक कमेटी गठन करने का फैसला किया है।'