गोड्डा: ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने ही रची पत्नी की हत्या की साजिश, दो लाख की सुपारी देकर शूटरों से कराई फायरिंग
गोड्डा में सनसनीखेज खुलासा, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने ही पत्नी की हत्या की दी सुपारी। पथरगामा थाना पुलिस ने शूटरों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार किए बरामद।
गोड्डा। झारखंड के गोड्डा जिले से कानून और न्याय व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिहार के समस्तीपुर में पदस्थापित न्यायिक दंडाधिकारी ने ही अपनी पत्नी की हत्या की सुपारी देकर अपराधियों से गोली चलवाई। पथरगामा थाना पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा करते हुए शूटरों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला वंदना साह पर हुए जानलेवा हमले की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि उनके पति न्यायिक दंडाधिकारी संतोष कुमार साह, जो कि बिहार न्यायिक सेवा में कार्यरत हैं, ने ही रची थी। वंदना कुमारी साह की हत्या के लिए शूटरों को दो लाख रुपये की सुपारी दी गयी थी।
तीन शूटर गिरफ्तार, हथियार बरामद
पुलिस ने इस मामले में शामिल मजिस्ट्रेट के भाई सुबोध कुमार साह सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। गोड्डा एसपी मुकेश कुमार ने प्रेस कांफ्रेस में बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में सुबोध कुमार साह के अलावा मो. आरिफ और श्याम कुमार साह (कहलगांव थाना क्षेत्र), शामिल हैं। एसपी ने कहा कि पुलिस ने तकनीकी और मानवीय अनुसंधान के आधार पर पूरे मामले की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया है।
दो लाख रुपये में दी गई थी हत्या की सुपारी
गोड्डा एसपी के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वंदना साह और उनके पति संतोष कुमार साह के बीच गोड्डा परिवार न्यायालय में पारिवारिक विवाद चल रहा था।आरोप है कि जज संतोष कुमार साह अपनी पत्नी से छुटकारा पाना चाहते थे। इसी कारण उन्होंने दो लाख रुपये की सुपारी देकर अपराधियों को हत्या की जिम्मेदारी सौंपी।
17 जनवरी को मारी गई थी गोली
एसपी ने बताया कि शूटरों को महिला की पहचान मजिस्ट्रेट के भाई ने ही कराई थी।र इसी काम के लिए उन्हें दो लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। घटना को अंजाम देने के लिए तीन बाइक पर कुल छह लोग शामिल थे। एक बाइक पर सुबोध कुमार साह सवार था, जबकि अन्य दो बाइक पर श्याम कुमार साह और अन्य शूटर मौजूद थे। योजना के तहत 17 जनवरी की शाम वंदना साह जब बाइक से गोड्डा जा रही थीं, तभी पथरगामा थाना क्षेत्र के गांधीग्राम चौक (महागामा–गोड्डा मुख्य मार्ग) पर बाइक सवार अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में वंदना साह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
महिला के बयान पर दर्ज हुआ केस
घायल वंदना साह के बयान के आधार पर पथरगामा थाना में कांड संख्या 13/26 दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। गिरफ्तार आरोपित मो. आरिफ कहलगांव थाना क्षेत्र के काजीपुर का निवासी है। वह सुबोध साह के परिवार का परिचित था और उसी के माध्यम से शूटरों की व्यवस्था की गयी थी। गोलीकांड के बाद प्रयुक्त हेलमेट, बाइक और अन्य सामान मो आरिफ के घर पर ही छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने घटनास्थल से गोली का अग्रभाग, घटना में प्रयुक्त दो बाइक, एक देसी कट्टा, खोखा सहित अन्य सामग्री बरामद की है। पुलिस के अनुसार, सभी हमलावर नशे के आदी हैं और स्मैक का सेवन करते हैं। फरार तीन आरोपितों की पहचान कर ली गई है और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जायेगा।
मामले के उद्भेदन में एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी, ट्रेनी डीएसपी कुमार गौरव, इंस्पेक्टर विष्णुदेव चौधरी, नगर थानेदार दिनेश महली, पथरगामा प्रभारी शिवदयाल सिंह, महागामा प्रभारी मनोज कुमार पाल सहित ध्रुव कुमार, रौशन कुमार, राज गुप्ता, पंकज कुमार, रोमा कुमारी, रोहित कुमार यादव, अंकित कुमार झा, गौरव कुमार, खालिद अहमद खान और तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






