धनबाद: अपने चेहते को जीटी रोड भेजने की कोशिश में लगे डीएसपी! "पानी में मछली, नौ-नौ कुटिया बंटवारा"
नगर निगम चुनाव से पहले धनबाद पुलिस में बड़ा फेरबदल तय माना जा रहा है। 10–12 थानेदारों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, डीएसपी की लॉबिंग और एसएसपी प्रभात कुमार की सख्त कार्यशैली ने पुलिस महकमे की सियासत गरमा दी है।
- कुछ डीएसपी अपने चहेते अफसरों को बेहतर थाने दिलाने में जुटे
- एसएसपी प्रभात कुमार की सख्त कार्यशैली बनी बाधा
- खराब परफॉर्मेंस, क्राइम कंट्रोल में ढिलाई बरत रहे अफसरों पर गिर सकती है गाज
धनबाद। (Threesocieties.com Desk)। नगर निगम चुनाव से पहले धनबाद जिला पुलिस महकमे में फेरबदल की अटकलें गईतेज हो हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार जिले के 10 से 12 थाना प्रभारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग संभावित है। इसको लेकर जहां एक ओर खराब परफॉर्मेंस वाले थानेदारों पर कार्रवाई की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर कुछ डीएसपी अपने-अपने चहेते अफसरों को जीटी रोड जैसे महत्वपूर्ण थानों का प्रभार दिलाने के लिए सक्रिय लॉबिंग में जुट गये हैं।
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सूत्र बताते हैं कि तीन डीएसपी खासे एक्टिव हो चुके हैं और अपने पसंदीदा पुलिस सब-इंस्पेक्टर व एक इंस्पेक्टर को हर मामले में आगे बढ़ाकर प्रमोट करने की कोशिशें की जा रही हैं। क्राइम कंट्रोल और केस डिस्पोजल में सामान्य भूमिका निभाने के बावजूद संबंधित अफसरों को “बेहतर प्रदर्शन” के रूप में पेश किया जा रहा है।
खराब परफॉर्मेंस वालों पर एसएसपी की नजर
पुलिस सूत्रों का कहना है कि क्राइम कंट्रोल, केस डिस्पोजल, वारंट-कुर्की निष्पादन और विधि-व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों पर एसएसपी की नजर टेढ़ी है। ऐसे थानेदारों को हटाकर परिणाम देने वाले, तेज-तर्रार और फील्ड में एक्टिव अफसरों को नई जिम्मेदारी देने की तैयारी है।
डीएसपी स्तर पर ‘मैनेजमेंट’ की कोशिश
जानकारी के अनुसार, एक डीएसपी अपने अनुमंडल के थानेदार को जीटी मैथन और दूसरे डीएसपी राजगंज थाना प्रभारी बनवाने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। जबकि दोनों अफसरों का न्यूनतम कार्यकाल अभी दो वर्ष पूरा भी नहीं हुआ है।इतना ही नहीं, शहर के एक थाने के जेएसआई को उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में थानेदारी के लिए “फिट” साबित करने की कोशिशें भी चल रही हैं।
“सबसे धनी थानेदार” की जोरदार चर्चा
जिले के एक अनुमंडल में एक डीएसपी पर आरोप है कि वे दर्जनभर थानेदारों में सिर्फ एक ही थानेदार को लगातार प्रोटेक्ट कर रहे हैं। किसी भी बड़ी कार्रवाई या क्राइम डिटेक्शन टीम में कई थानेदारों को शामिल किया जाता है, लेकिन क्रेडिट हमेशा एक ही अफसर को दिया जाता है। पुलिस महकमे में उस थानेदार को जिले ही नहीं, प्रमंडल का सबसे धनी पुलिस अफसर तक कहा जा रहा है।
पुलिस कप्तान प्रभात कुमार का ‘क्लियर कट’ सिस्टम
हालांकि इन तमाम कोशिशों के बीच यह भी साफ है कि एसएसपी प्रभात कुमार अपने सख्त और प्रोफेशनल सिस्टम के लिए जाने जाते हैं। वे जुगाड़ या सिफारिश से नहीं, बल्कि एफिशिएंसी, टैलेंट, केस निपटारा और विधि-व्यवस्था के आधार पर ही जिम्मेदारी देते रहे हैं। अपने छह माह के कार्यकाल में एसएसपी प्रभात कुमार ने जिला पुलिस की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है।
जिले में 4000 से अधिक पेंडिंग केस आधे से भी कम हुए
वारंट, कुर्की और गिरफ्तारी में रिकॉर्ड सुधार
क्राइम कंट्रोल में स्पष्ट असर
ऐसे में डीएसपी की सिफारिशी सूची को कितनी तरजीह मिलेगी, यह आने वाला समय ही बताएगा। पुलिस कप्तान पहले भी अचानक ट्रांसफर-पोस्टिंग आदेश जारी कर सभी को चौंका चुके हैं, जिससे तारीख और सूची का अनुमान लगाना मुश्किल माना जा रहा है।
जिन इलाकों में हो सकता है बड़ा बदलाव
फेरबदल की आंच धनबाद,निरसा, बाघमारा व सिंदरी अनुमंडल के कई शहरी और संवेदनशील थाना क्षेत्रों तक पहुंच सकती है। खासकर धनबाद थाना जैसे महत्वपूर्ण थानों के लिए बेहतर ट्रैक रिकॉर्ड वाले इंस्पेक्टर व सब-इंस्पेक्टर को जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है।






